लाल किले से पीएम मोदी का बड़ा संदेश: सप्तधारा विजन, एक करोड़ युवाओं को एआई प्रशिक्षण और मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का ऐलान

New Delhi: 80th Independence Day celebrations at Red Fort

नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए विकसित भारत के निर्माण का व्यापक विजन देश के सामने रखा। प्रधानमंत्री ने विकास की दिशा में ‘शक्ति की सप्तधारा’ का उल्लेख करते हुए उत्पादन, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, तकनीक एवं नवाचार, गतिशक्ति, रक्षा, ऊर्जा तथा भारत की सांस्कृतिक एवं रचनात्मक शक्ति को देश की विकास यात्रा की सात प्रमुख ताकतें बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को आने वाले वर्षों में अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ना होगा। इसके लिए पुरानी व्यवस्थाओं, सोच और काम करने के तरीकों में बदलाव के साथ किसानों, मजदूरों, युवाओं और उद्यमियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है।

PM Modi’s Independence Day speech

New Delhi: 80th Independence Day celebrations at Red Fort
New Delhi: Prime Minister Narendra Modi speaks during the 80th Independence Day celebrations at the Red Fort in New Delhi on Saturday, August 15, 2026.

सप्तधारा में उत्पादन से लेकर सांस्कृतिक शक्ति तक शामिल

प्रधानमंत्री मोदी ने सप्तधारा की पहली शक्ति के रूप में उत्पादन को रखा। उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी भूमिका और मजबूत करनी होगी। देश में केवल तैयार उत्पाद ही नहीं, बल्कि छोटे पुर्जों से लेकर अंतिम उत्पाद तक पूरी मूल्य श्रृंखला विकसित करने पर जोर देना होगा। उन्होंने गुणवत्ता और विश्वसनीयता को भारतीय उत्पादों की पहचान बनाने की बात कही।

दूसरी शक्ति के रूप में प्रधानमंत्री ने कृषि और खाद्य प्रसंस्करण को सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारतीय किसानों के लिए दुनिया के बाजारों में नई संभावनाएं खुल रही हैं। प्राकृतिक खेती, मोटे अनाज, मसाले और अन्य कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़कर किसानों की आय और निर्यात क्षमता बढ़ाई जा सकती है।

तीसरी शक्ति तकनीक और नवाचार है। प्रधानमंत्री ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम तकनीक, अंतरिक्ष और आंकड़ा केंद्र जैसी नई तकनीकों में भारत की भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को नवाचार का वैश्विक केंद्र बनना होगा और देश में विकसित तकनीक का लाभ दुनिया के अन्य देशों तक भी पहुंचना चाहिए।

चौथी शक्ति के रूप में गतिशक्ति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने आधुनिक सड़क, रेल, हवाई अड्डे, बंदरगाह और बहु-माध्यम परिवहन नेटवर्क के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मजबूत संपर्क व्यवस्था से व्यापार, उद्योग और रोजगार के अवसरों को गति मिलेगी।

पांचवीं शक्ति रक्षा को बताते हुए प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को रक्षा क्षेत्र में केवल बाजार बनने के बजाय आधुनिक तकनीक और उत्पादन क्षमता में आत्मनिर्भर बनना होगा। हाइपरसोनिक तकनीक, साइबर सुरक्षा, ड्रोन और ड्रोन रोधी प्रणालियों जैसे क्षेत्रों में क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

छठी शक्ति ऊर्जा है। प्रधानमंत्री ने हरित ऊर्जा को भारत के भविष्य के विकास की महत्वपूर्ण ताकत बताया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती के बीच भारत हरित विकास की दिशा में दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है।

सप्तधारा की सातवीं शक्ति के रूप में प्रधानमंत्री ने भारत की सॉफ्ट पावर और सांस्कृतिक एवं रचनात्मक शक्ति का उल्लेख किया। योग, आयुर्वेद, आध्यात्मिक केंद्र, सिनेमा, हथकरघा, खेल, दृश्य प्रभाव और डिजिटल सामग्री को उन्होंने भारत की वैश्विक पहचान मजबूत करने वाले क्षेत्र बताया।

PM Modi’s Independence Day speech

एक साल में एक करोड़ युवाओं को एआई प्रशिक्षण

स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाला समय तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का है। ऐसे में भारत के युवाओं को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार करना आवश्यक है। एआई प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को रोजगार, नवाचार और नई तकनीकी संभावनाओं से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने कहा कि भारत के युवा प्रतिभा और ऊर्जा से भरपूर हैं और उन्हें सही अवसर तथा कौशल उपलब्ध कराकर देश को तकनीकी क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाया जा सकता है।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग

प्रधानमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के सामने आने वाली आर्थिक चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि निजी कोचिंग संस्थानों की महंगी फीस गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालती है।

इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की घोषणा की। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी का अवसर उपलब्ध कराना है।

युवाओं को बताया विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत

प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को विकसित भारत की यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि देश के युवा केवल रोजगार पाने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले और नए भारत का निर्माण करने वाले बनें।

उन्होंने युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार और तकनीकी क्षमता का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सबसे बड़ा लाभ देश के युवा वर्ग को मिलेगा और उनकी भागीदारी के बिना भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाना संभव नहीं है।

लाल किले से विकास का व्यापक खाका

प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में सप्तधारा के जरिए विकसित भारत के लिए व्यापक विकास मॉडल सामने रखा गया। इसमें विनिर्माण और कृषि से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आधुनिक बुनियादी ढांचे, रक्षा आत्मनिर्भरता, हरित ऊर्जा और भारत की सांस्कृतिक शक्ति को एक साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

एक ओर सरकार ने एक करोड़ युवाओं को एआई प्रशिक्षण देने का लक्ष्य सामने रखा, वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा के जरिए शिक्षा और कौशल के क्षेत्र में अवसर बढ़ाने का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में भारत की विकास यात्रा में युवा शक्ति, तकनीक, आत्मनिर्भरता और नवाचार की भूमिका सबसे अहम होगी।

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