Noida Murder-Suicide: 16 साल के बेटे ने सोते पिता को कुल्हाड़ी से काटा, फिर मेट्रो के आगे कूदकर की आत्महत्या; खून से सने कपड़े और हथियार बरामद

Noida Murder-Suicide: नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 16 साल के एक नाबालिग ने सोते समय अपने पिता की हत्या कर दी और इसके बाद मेट्रो ट्रेन के आगे कूदकर खुद भी जान दे दी। यह घटना फेज-3 थाना क्षेत्र की है।

वारदात के बाद बदले कपड़े, पिता की फोटो पर चढ़ाई माला

पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद नाबालिग ने खून से सने कपड़े उतारकर साफ कपड़े पहने। इसके बाद उसने कमरे में पिता की तस्वीर लगाकर उस पर माला चढ़ाई और श्रद्धांजलि दी। फिर कमरे को बाहर से ताला लगाकर पिता का मोबाइल फोन और बैग लेकर वह मेट्रो स्टेशन पहुंचा। कुछ देर स्टेशन पर घूमने के बाद उसने आती हुई ट्रेन के आगे छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

बैग से मिली चाबी से खुला राज

बुधवार को रेलवे लाइन के पास नाबालिग का शव मिला। तलाशी के दौरान उसके बैग से एक मोबाइल फोन और कमरे की चाबी बरामद हुई। इसी मोबाइल के जरिए पुलिस ने नाबालिग की मां को सूचना दी, जो अलग रहती थीं। मां मौके पर पहुंचीं और बेटे की पहचान की। इसी दौरान मृतक के भाई अरुण शर्मा भी वहां पहुंचे और बताया कि उनका भाई भी लापता है। गुरुवार रात पुलिस मां और चाचा को साथ लेकर कमरे पर पहुंची। चाबी से दरवाजा खोलने पर अंदर से तेज बदबू आई और 45 वर्षीय राजू शर्मा का शव मिला। कमरे की दीवारों पर खून के धब्बे और नाबालिग के खून सने कपड़े भी बरामद हुए। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं।

पढ़ाई छुड़ाई, आने-जाने पर थी पाबंदी

पुलिस जांच में सामने आया कि पिता राजू शर्मा ने बेटे के बाहर आने-जाने पर सख्त पाबंदी लगा रखी थी। 11वीं कक्षा के बाद उसकी पढ़ाई भी छुड़ा दी गई थी, जिससे नाबालिग मानसिक रूप से परेशान और मायूस रहता था। पुलिस का मानना है कि इसी नाराजगी के चलते उसने बुधवार तड़के (12 अगस्त) यह वारदात अंजाम दी। मां ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि राजू स्वभाव से गुस्सैल थे और बेटे पर कई तरह की पाबंदियां लगाई हुई थीं, जिससे वह अक्सर निराश रहता था।

कौन थे राजू शर्मा

राजू शर्मा मूल रूप से झारखंड के बोकारो स्टील सिटी के रहने वाले थे। उनके पिता SAIL में कार्यरत थे। राजू ने MCom की पढ़ाई की थी और वे प्राइवेट ट्यूटर के तौर पर बच्चों को पढ़ाते थे, साथ ही ऑनलाइन क्लासेज भी लेते थे। करीब 12 साल पहले पत्नी से उनका तलाक हो गया था। वे 2005 में पत्नी के साथ नोएडा शिफ्ट हुए थे और पिछले 21 साल से यहीं रह रहे थे। तलाक के बाद वे अपने इकलौते बेटे के साथ अजनारा सोसाइटी इलाके में किराए के कमरे में रह रहे थे, जबकि मां अलग रहती थीं।

पड़ोसियों को नहीं थी भनक

पड़ोसी कौशल के अनुसार, वे नाबालिग को कभी-कभार ही देखते थे क्योंकि वह ज्यादातर घर के अंदर ही रहता था। बिल्डिंग में रहने वाले राम अवतार तिवारी ने बताया कि पिता-पुत्र के बीच बातचीत काफी कम होती थी। बेटा खुद अपना खाना बनाता था और पानी भी खुद लेकर आता था। दोनों के बीच जरूरत के हिसाब से ही सामान का आदान-प्रदान होता था। आसपास के लोगों को इस घटना की भनक तब लगी, जब पुलिस जांच के लिए मौके पर पहुंची। पुलिस ने खून सने कपड़ों को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया है। मामले की आगे जांच जारी है।

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