Rajgarh Accident: राजगढ़। मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर लगातार जारी है, और इसी बारिश ने सोमवार सुबह राजगढ़ जिले में एक बड़ा हादसा करा दिया। जिले में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और कई गांवों का आपस में संपर्क टूट चुका है। इसी बीच सबसे दर्दनाक हादसा पचोर-सारंगपुर रोड पर पड़ाना कस्बे के पास हुआ, जहां उफनते झिरी नाले को पार करने की कोशिश एक परिवार पर भारी पड़ गई और नौ लोगों की जान चली गई।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, देवास जिले के सतवास क्षेत्र का एक परिवार ईको कार से राजगढ़ की सारंगपुर तहसील स्थित कड़नावद गांव के एक धार्मिक स्थल पर दर्शन करने जा रहा था। कार में एक ही परिवार के तीन पुरुष, चार महिलाएं और चार बच्चों सहित कुल 11 लोग सवार थे। पड़ाना बायपास के पास झिरी नाले पर पहुंचते ही परिवार को उफनते पानी का सामना करना पड़ा। तेज बारिश के कारण नाले का पानी सड़क और निर्माणाधीन पुल से काफी ऊपर बह रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थानीय लोगों ने चालक को रोकने की कोशिश की और आगे न बढ़ने की चेतावनी भी दी, लेकिन चालक ने पानी के तेज बहाव के बावजूद वाहन को नाले से निकालने का फैसला ले लिया। कार जैसे ही पानी में उतरी, कुछ ही सेकंड में तेज बहाव की चपेट में आकर बह गई। गाड़ी में सवार लोग मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि कार आंखों के सामने ही ओझल हो गई। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि इस स्थान पर सड़क किनारे रेलिंग न होने के कारण हादसा और भी गंभीर हो गया।
नौ लोगों की मौत, दो को बचाया गया
पुलिस और SDRF की टीमों ने मौके पर पहुंचकर तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अब तक बरामद शवों के आधार पर पुलिस ने इस हादसे में नौ लोगों की मौत की पुष्टि की है, जिनमें तीन बच्चे और दो महिलाएं भी शामिल हैं। वहीं दो युवक तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। रेस्क्यू टीमें लापता लोगों की तलाश में नाले और आसपास के इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। बरामद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
जिले भर में बारिश का कहर
गौरतलब है कि राजगढ़ जिले में बीते कई दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे हालात बिगड़ते जा रहे हैं। खुजनेर क्षेत्र में कई घरों में पानी घुस गया है, और प्रशासन को कई जगह SDRF की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाना पड़ रहा है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे उफनते नदी-नालों को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने की आर्थिक सहायता की घोषणा
हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा दुख जताया और तत्काल राहत व बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों के समुचित इलाज और परिजनों की हरसंभव मदद के लिए जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया है। स्थानीय प्रशासन घटना की विस्तृत जांच में भी जुट गया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

