JP Greens Cosmos Society: नोएडा। सेक्टर-134 स्थित जेपी ग्रीन्स कॉसमॉस सोसाइटी नोएडा की सबसे बड़ी हाईराइज सोसाइटियों में शुमार है। करीब 4,000 फ्लैट वाली इस सोसाइटी के निवासी लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। रविवार को आयोजित कार्यक्रम में निवासियों ने जलभराव, गिरते प्लास्टर, कमजोर सुरक्षा व्यवस्था, खराब पानी की आपूर्ति, बिजली कटौती, लिफ्ट में फंसने, पेड़ों की अनियमित छंटाई, आवारा कुत्तों और फायर सेफ्टी जैसी कई गंभीर समस्याएं खुलकर रखीं।
निवासियों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर फ्लैट खरीदने के बावजूद उन्हें सुविधाओं के बजाय हर समय सुरक्षा और भवन की स्थिति को लेकर चिंता सताती रहती है। उनका कहना है कि यह विशटाउन नोएडा की सबसे बड़ी सोसाइटी होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं से महरूम है।
जलभराव और बिजली-पानी की समस्या
निवासियों के मुताबिक सोसाइटी में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। हल्की बारिश में ही आसपास के रास्तों पर पानी भर जाता है, वहीं बेसमेंट में भी अक्सर जलभराव की शिकायत रहती है। पानी की गुणवत्ता को लेकर भी नाराजगी है — निवासियों का कहना है कि पहले गंगाजल की आपूर्ति बेहतर थी, लेकिन अब स्थिति खराब हुई है। मेंटेनेंस और बिजली कनेक्शन एक साथ होने से कई बार बिल अधिक आने और मीटर बदले जाने की शिकायतें भी सामने आईं।
गिरता प्लास्टर बना सबसे बड़ी चिंता
सोसाइटी के 47 टावरों में जगह-जगह प्लास्टर गिरने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कई दीवारों में सीलन के चलते सरिया तक दिखाई देने लगा है। निवासियों ने बताया कि घर के अंदर भी प्लास्टर गिरने से बच्चों को बाहर भेजने में डर लगता है। ऊपरी मंजिलों में सीलन के कारण दीवारें कमजोर होती जा रही हैं, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा बना रहता है।
घटती सुरक्षा व्यवस्था
निवासियों ने बताया कि पहले सोसाइटी में करीब 240 सुरक्षा गार्ड तैनात थे, जो अब घटकर लगभग 70 रह गए हैं। सुरक्षाकर्मियों की संख्या घटने से चोरी की आशंका को लेकर निवासी चिंतित हैं।
लिफ्ट और आवारा जानवरों की समस्या
बिजली जाने पर जनरेटर शुरू होने में कम से कम आधा घंटा लगने की शिकायत भी सामने आई, जिससे लोग अक्सर लिफ्ट में फंस जाते हैं। इसके अलावा आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं भी बढ़ी हैं। घास बढ़ने से बिच्छू और सांप निकलने की समस्या भी निवासियों को परेशान कर रही है।
निवासियों की जुबानी
चौधरी ओम सिंह ने कहा कि मेंटिनेंस से लेकर बिल्डर तक कोई शिकायत तक नहीं सुनता, वहीं एओए भी असहाय नजर आता है।
राहुल गुप्ता ने बताया कि लाखों रुपये खर्च कर फ्लैट खरीदने के बावजूद पानी, बिजली, सुरक्षा और मेंटेनेंस की समस्याएं बनी हुई हैं।
संजय सोलंकी ने जनरेटर की धीमी व्यवस्था और लिफ्ट में फंसने की घटनाओं पर चिंता जताई।
अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि टावरों में जगह-जगह प्लास्टर गिरने से बच्चों को बाहर भेजने में डर लगता है।
आस्था ने सीलन बढ़ने और दीवारों के कमजोर होने पर हादसे की आशंका जताई।
मदन मोहन गुप्ता ने आवारा कुत्तों के काटने और सांप-बिच्छू निकलने की घटनाओं की जानकारी दी।
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