Second Monday of Sawan: नोएडा/दिल्ली-एनसीआर/उज्जैन/हरिद्वार, आज 10 अगस्त 2026 को सावन मास का दूसरा सोमवार पड़ रहा है। पंचांग के अनुसार यह दिन सोम प्रदोष व्रत का भी है। कल (9 अगस्त) कामिका एकादशी का व्रत रखा गया था, जिसका पारण आज सुबह किया गया। सावन शिवरात्रि (मासिक शिवरात्रि) कल 11 अगस्त को मनाई जाएगी। इन शुभ संयोगों के बीच देशभर के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। नोएडा के छलेरा स्थित प्राचीन शिव मंदिर से लेकर उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, हरिद्वार, गढ़मुक्तेश्वर, अयोध्या और अन्य शिवालयों में पुजारियों और पंडितों ने श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और विश्वास की प्रशंसा की।
पंचांग के अनुसार सावन 2026 में चार सोमवार हैं—3, 10, 17 और 24 अगस्त। आज के दिन त्रयोदशी तिथि और सोमवार का संयोग होने से प्रदोष काल में शिव पूजा का विशेष महत्व है। भक्त जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, रुद्राभिषेक और बेलपत्र अर्पित कर मनोकामनाएं मांग रहे हैं।
नोएडा छलेरा प्राचीन शिव मंदिर में पुजारियों की प्रतिक्रिया
नोएडा सेक्टर-44 छलेरा बांगर स्थित प्राचीन शिव मंदिर (बाबा बालनाथ जी की समाधि स्थल पर स्थापित) नोएडा के सबसे पुराने और प्रसिद्ध शिव मंदिरों में से एक है। यहां सावन के पहले सोमवार से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। मंदिर के पुजारियों ने बताया कि तड़के से ही श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं। भक्तों द्वारा चढ़ाए गए पैकेट वाले दूध को गरीबों में बांट दिया जाता है, फल श्रद्धालुओं में वितरित किए जाते हैं तथा मेवा-मिश्री गायों को दी जाती है। यह परंपरा दूध की बर्बादी रोकने और सेवा भाव बढ़ाने के लिए अपनाई जा रही है।
पुजारियों के अनुसार, सावन सोमवार पर शिवलिंग पर जल चढ़ाने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मंदिर प्रबंधन ने भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और सेवा शिविर की व्यवस्था की है। पहले सोमवार की तरह आज भी “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से मंदिर गूंज रहा है।
उज्जैन महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में भव्य सवारी और पूजा
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार पर लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भस्म आरती के लिए मंदिर के कपाट तड़के खोले गए। पुजारियों और मंदिर प्रशासन के अनुसार, पहले सोमवार को भी लाखों भक्तों ने दर्शन किए थे। आज महाकाल की सवारी निकाली जाएगी, जिसमें लोक नृत्य आदि का विशेष आयोजन है। ज्योतिर्लिंग पर रुद्राभिषेक और जलाभिषेक चल रहा है। पंडितों ने कहा कि सावन सोमवार और प्रदोष का यह संयोग भक्तों की आस्था को और मजबूत करता है। महाकाल लोक परिसर में दर्शन व्यवस्था सुव्यवस्थित रखी गई है।
हरिद्वार, गढ़मुक्तेश्वर और अन्य स्थानों पर आस्था का माहौल
हरिद्वार के कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर में आज सुबह से लंबी कतारें लगीं। श्रद्धालु गंगाजल लेकर जलाभिषेक कर रहे हैं। स्थानीय पुजारियों और संतों ने बताया कि सावन सोमवार पर यहां विशेष महत्व है और भक्त दूर-दूर से पहुंचते हैं। गढ़मुक्तेश्वर में भी शिवभक्त कांवड़ यात्रा और पूजा में जुटे हुए हैं। अयोध्या और अन्य शिवालयों में भी शिव पूजा का विशेष आयोजन हो रहा है। पुजारियों की आम प्रतिक्रिया है कि सावन मास में श्रद्धालुओं का विश्वास अटूट है। वे परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य, विवाह संबंधी बाधाएं दूर होने और सुख-समृद्धि की कामना लेकर आते हैं। जलाभिषेक, पंचामृत अभिषेक और रात्रि जागरण (कल शिवरात्रि पर) का विशेष महत्व बताया जा रहा है।
पूजा विधि और महत्व (पुजारियों के अनुसार)
सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, बेलपत्र, धतूरा अर्पित करें। “ॐ नमः शिवाय” और रुद्राष्टक का जाप करें। प्रदोष काल में विशेष पूजा लाभकारी मानी जाती है। व्रत रखने वाले भक्त सात्विक भोजन करें। देशभर के शिवालयों में आज शिवभक्ति का उत्सव सा जैसा माहौल है। नोएडा छलेरा के प्राचीन मंदिर से लेकर उज्जैन महाकाल तक पुजारियों ने एक स्वर में कहा कि सावन का यह दूसरा सोमवार श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। कल शिवरात्रि पर और अधिक भीड़ की उम्मीद है। “हर-हर महादेव” की गूंज पूरे देश में गूंज रही है।

