Petrol bomb attack on Shakib Al Hasan’s house: ढाका/मगुरा, बांग्लादेश के पूर्व कप्तान और मगुरा-1 सीट से पूर्व सांसद शाकिब अल हसन के मगुरा शहर स्थित घर को बुधवार रात निशाना बनाया गया। घटना कथित तौर पर रात करीब साढ़े नौ बजे शहर के केशवमोड़ इलाके में उनके साहापाड़ा स्थित पुश्तैनी घर पर हुई, जब भीड़ ने कई मोटरसाइकिलों पर सवार होकर घर पर धावा बोला। स्थानीय पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी ने बताया कि गुस्साई भीड़ ने पहले घर पर पत्थर और ईंटें फेंककर खिड़कियों के शीशे तोड़े, इसके बाद पेट्रोल डालकर घर के लोहे के मुख्य गेट में आग लगा दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, हालांकि तब तक गेट को काफी नुकसान पहुंच चुका था।
हमले की वजह क्या रही
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह हमला उस वर्चुअल बैठक/प्रेस कॉन्फ्रेंस से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने हिस्सा लिया था। शाकिब अल हसन श्रीलंका में अपनी टीम के साथ मौजूद थे और उन्होंने वहीं से इस कार्यक्रम में वर्चुअली शिरकत की थी, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर विरोध भड़क उठा। गौरतलब है कि ढाका की एक अदालत ने नवंबर में शेख हसीना को 2024 के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में उकसाने, मार डालने का आदेश देने और अत्याचार रोकने में नाकाम रहने के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी, जिसमें 1400 से अधिक लोगों की जान गई थी। इसी पृष्ठभूमि में शाकिब का उनके कार्यक्रम से जुड़ना स्थानीय लोगों को नागवार गुजरा।
नई दिल्ली में हुआ था कार्यक्रम
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस नई दिल्ली स्थित फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब में आयोजित हुई थी। इस दौरान शेख हसीना ने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस पर निशाना साधते हुए उन्हें “हत्यारा फासीवादी” करार दिया और कहा कि उनके नेतृत्व में बांग्लादेश में कभी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकते। बताया जा रहा है कि इस ऑनलाइन प्रसारण को एक लाख से अधिक लोगों ने देखा। गौरतलब है कि हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में 12 फरवरी को पहला आम चुनाव होना प्रस्तावित है, जिसमें उनकी पार्टी अवामी लीग हिस्सा नहीं ले पाएगी, क्योंकि चुनाव आयोग ने मई में ही पार्टी का पंजीकरण निलंबित कर दिया था।
शाकिब का सियासी और क्रिकेट सफर विवादों से भरा
शाकिब अल हसन बांग्लादेश के सबसे लोकप्रिय क्रिकेटरों में गिने जाते हैं, लेकिन 2024 में अवामी लीग के टिकट पर मगुरा-1 सीट से सांसद बनने के बाद से वे लगातार विवादों में घिरे रहे हैं। हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद उनके खिलाफ आंदोलन के दौरान हुई मौतों से जुड़े मामलों में भी नाम आया था, जिसके चलते वे बांग्लादेश वापस लौटने में हिचकिचाते रहे और आखिरकार क्रिकेट से संन्यास लेने का भी फैसला लिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान की कोशिश की जा रही है। शाकिब या उनके परिवार की ओर से अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

