DFO Gautam Buddha Nagar: गौतमबुद्ध नगर। मानसून के चरम पर उत्तर प्रदेश समेत पूरे राज्य में करोड़ों पेड़ लगाने का अभियान जोरों पर है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह प्रयास सराहनीय है। लेकिन दूसरी ओर विकास कार्यों के नाम पर प्राधिकरण के ठेकेदारों की लापरवाही से मौजूदा पेड़ों को लगातार नुकसान पहुंच रहा है। ताजा मामला नोएडा के सेक्टर 51-50 की मुख्य सड़क का है।
केंद्रीय विहार से लेकर मानव रचना स्कूल तक नाला कवर करने का कार्य चल रहा है। इस दौरान पेड़ों की जड़ों को नुकसान पहुंचाया गया है। उनके आसपास से मिट्टी हटा दी गई है, जिससे जड़ें बाहर आ गई हैं। इन पेड़ों के कभी भी गिरने की आशंका बनी हुई है। अमित गुप्ता ने डीएफओ गौतमबुद्ध नगर से मौके पर निरीक्षण और कार्रवाई की मांग की|
शिकायत में कहा गया है कि सर्कल तीन को कई बार इस लापरवाही की सूचना दी गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अमित गुप्ता ने डीएफओ से निवेदन किया है कि मौके का निरीक्षण कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही नोएडा प्राधिकरण को निर्देश दिए जाएं कि इन पेड़ों को और नुकसान न पहुंचे तथा क्षतिग्रस्त पेड़ों की सुरक्षा व मरम्मत का प्रबंध किया जाए। नोएडा में विकास कार्यों के दौरान पेड़ों की जड़ों को नुकसान पहुंचने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। 2024 में पाइपलाइन बिछाने के दौरान जड़ें काटने के आरोप में अथॉरिटी के इंजीनियर और ठेकेदार को वन विभाग ने नोटिस जारी किया था। ऐसे मामलों से साफ है कि निर्माण कार्यों में पर्यावरणीय संवेदनशीलता की कमी बनी हुई है।
मानसून के मौसम में मिट्टी गीली होने और तेज हवाओं के कारण जड़ों के क्षतिग्रस्त पेड़ आसानी से गिर सकते हैं। इससे जन-धन की हानि का खतरा भी बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नाला कवरिंग या सड़क निर्माण जैसे कार्यों में पेड़ों के आसपास पर्याप्त सुरक्षा दूरी बनाए रखना और जड़ों को ढककर रखना जरूरी है। शिकायतकर्ता ने प्राधिकरण से मांग की है कि भविष्य में ऐसे कार्यों में पेड़ों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। डीएफओ कार्यालय से इस शिकायत पर कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय निवासी चाहते हैं कि विकास और पर्यावरण दोनों का संतुलन बना रहे।
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