Greno Golf Links-1: ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर जिले के सेक्टर ओमेगा-1 स्थित गोल्फ लिंक-1 सोसाइटी के निवासियों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। बुनियादी सुविधाओं की लगातार अनदेखी से नाराज़ निवासी बुधवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और अपनी पीड़ा खुलकर बयां की।
धरने में शामिल बीएसएफ के रिटायर जवान चंद्रपाल का दर्द इस पूरे प्रदर्शन का सबसे भावुक पहलू बना। उन्होंने बताया कि कश्मीर में देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए वे आतंकियों की गोली का शिकार हुए, इसके बावजूद उन्होंने देश-सेवा जारी रखी। चंद्रपाल ने कहा कि जीवनभर की गाढ़ी कमाई लगाकर उन्होंने जो घर खरीदा, वह आज मूलभूत सुविधाओं तक से महरूम है। उनका कहना था कि सरहद पर लड़ाई लड़ने के बाद अब अपने ही घर में बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, यह बेहद पीड़ादायक अनुभव है।
102 एकड़ में फैली सोसाइटी, हर तरफ बदहाली
करीब 102 एकड़ में फैली इस सोसाइटी में रहने वाले लोगों का आरोप है कि टूटी-फूटी सड़कें, जल निकासी की गंभीर समस्या और जहरीले कीड़ों का खौफ अब रोज़मर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। निवासियों के मुताबिक पिछले दो साल से उनसे नियमित मेंटेनेंस चार्ज वसूला जा रहा है, लेकिन बदले में ज़मीन पर कोई ठोस काम नज़र नहीं आता। बारिश के मौसम में सड़कों पर जलभराव इतना बढ़ जाता है कि आम आवाजाही तक मुश्किल हो जाती है।
बुजुर्ग महिला के साथ अभद्रता से भड़का मामला
निवासियों का गुस्सा उस वक्त और भड़क गया जब सोसाइटी में रहने वाली 90 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला के साथ अभद्रता की घटना सामने आई। इस मामले ने पूरे प्रकरण को और तूल दे दिया। महिलाओं और बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत मिलने पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने जीएम एके सिंह को माफी मांगने के निर्देश दिए थे, लेकिन प्रभावित परिवारों का कहना है कि इसका कोई ठोस असर धरातल पर नहीं दिखा।
रिटायर पायलट ने भी उठाई आवाज़
धरने में मौजूद एक रिटायर पायलट ने भी प्राधिकरण और जीएम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश की सेवा कर चुके लोगों को सुरक्षा और सम्मान की जगह अपमान झेलना पड़ रहा है। उनका कहना था कि जो लोग वर्षों देश और समाज की सेवा में समर्पित रहे, उन्हें अब अपने ही घर में बुनियादी अधिकारों के लिए धरना देना पड़ रहा है, यह व्यवस्था की नाकामी को दर्शाता है।
बार-बार शिकायत, नतीजा सिफर
निवासियों ने बताया कि उन्होंने प्राथमिक मरम्मत, पेयजल की उचित व्यवस्था और कीट-नियंत्रण को लेकर कई बार शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन हर बार आश्वासन के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ। धरने पर बैठे लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप, उपेक्षित बुनियादी ढांचे के फौरी सुधार और दोषी अधिकारियों के खिलाफ जांच व अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की।
प्राधिकरण की चुप्पी, आंदोलन तेज़ करने की चेतावनी
अब तक ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि नाराज़ निवासियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे आने वाले दिनों में और बड़े आंदोलन की राह अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे। यह रिपोर्ट स्थानीय निवासियों और धरने में शामिल लोगों के बयानों पर आधारित है। प्राधिकरण की प्रतिक्रिया आने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।

