Delhi NCR rain: नई दिल्ली/नोएडा। मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में भीषण मानसूनी बारिश ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। उत्तर और पश्चिम दिल्ली में दोपहर तक 100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। सड़कें नदियों में तब्दील हो गईं, जलभराव के कारण आम लोगों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया। कई जगह बड़े हादसे हुए, लंबा जाम लगा और अंडरपास में गाड़ियां फंस गईं। इंडिया मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने लाल अलर्ट जारी किया है। शाम तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। अधिकारियों ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
जलभराव, जाम और हादसे
सुनेहरी बाग, एनएच-8, सदर बाजार, ओखला, संगम विहार समेत कई इलाकों में कमर तक पानी भर गया। गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में भीषण जलभराव से यातायात ठप हो गया। अंडरपास में पानी भर जाने से कई गाड़ियां बंद पड़ गईं। नोएडा के सेक्टर-16 मेट्रो स्टेशन के पास करीब 50 मीटर लंबा डिवाइडर बारिश के बाद भरभराकर गिर गया। एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना है। नोएडा पुलिस और प्राधिकरण के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। कहीं दीवार गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। निवासियों को पानी में पैदल निकलना पड़ा। स्कूली बच्चों और ऑफिस जाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
नोएडा सिटी सेंटर में आग
नोएडा सिटी सेंटर मेट्रो गेट नंबर 2 के पास दिल्ली मेट्रो की पार्किंग में किसी कारणवश आग लग गई। गनीमत रही कि भारी बारिश के कारण आग ज्यादा नहीं फैल पाई। वरना पास में खड़ी सैकड़ों गाड़ियां चपेट में आ जातीं।
प्रशासन पर भड़के लोग और नेता
बारिश ने एक बार फिर ड्रेनेज सिस्टम और तैयारियों की कमी को उजागर किया। आम लोगों ने प्रशासन की नाकामी पर गुस्सा जताया। सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं। नोएडा प्राधिकरण, जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों पर निवासियों ने सवाल उठाए। बरौला गांव समेत कई इलाकों की तस्वीरें साझा कर लोगों ने कहा कि बारिश के बाद स्थिति देखकर भी प्रशासन का दिल नहीं पसीजता तो शिकायत बेकार है। विपक्ष ने भी हमला बोला। आप नेता सौरभ भारद्वाज ने राज्य सरकार पर खराब ड्रेनेज का आरोप लगाया। दिल्ली कांग्रेस ने भाजपा सरकार की नाकामी बताते हुए ‘फिर डूबी दिल्ली’ हैशटैग के साथ वीडियो जारी किए। रानी खेड़ा और पटपड़गंज समेत कई विधानसभा क्षेत्रों की स्थिति का हवाला दिया गया।
नोएडा में स्थानीय भाजपा और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने भी प्रशासन से जवाब मांगा। नोएडा महानगर अध्यक्ष और अन्य नेताओं ने जलभराव और इंफ्रास्ट्रक्चर की खामियों पर चिंता जताई। उन्होंने नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों का कहना है कि सफाई और पानी निकालने का काम तेजी से चल रहा है। जांच के आदेश दिए गए हैं। हालांकि, हर मानसून में दोहराई जाने वाली यह तस्वीर आम लोगों को निराश कर रही है।

