Dimna Lake disaster: जमशेदपुर। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के मशहूर पर्यटन स्थल डिमना लेक में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसमें एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के दो जूनियर डॉक्टरों की डूबने से मौत हो गई। यह घटना गुरुवार देर रात और शुक्रवार तड़के के बीच हुई, जब तीन डॉक्टर झील में गिरे मोबाइल फोन को निकालने की कोशिश कर रहे थे। हादसे की खबर मिलते ही एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में शोक की लहर दौड़ गई।
रात करीब तीन बजे झील पर पहुंचे थे तीनों डॉक्टर
पुलिस और अस्पताल प्रशासन के अनुसार, तीनों जूनियर डॉक्टर गुरुवार देर रात टहलने के इरादे से डिमना लेक पहुंचे थे। यह इलाका प्रशासन द्वारा पहले से ही डेंजर जोन घोषित किया जा चुका है, जहां आम लोगों के प्रवेश पर रोक है। झील के किनारे बैठे रहने के दौरान एक डॉक्टर का मोबाइल फोन गलती से पानी में गिर गया।
मोबाइल बचाने उतरे, गहरे पानी में डूबे
मोबाइल फोन निकालने के लिए एक डॉक्टर झील में उतर गया, लेकिन पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण वह गहरे पानी में डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसके दोनों साथी डॉक्टर भी पानी में कूद पड़े। एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बलराम झा के मुताबिक, तीनों में से एक डॉक्टर किसी तरह तैरकर बाहर निकलने में सफल रहा, लेकिन बाकी दोनों गहरे पानी में डूब गए।
चार घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, बरामद हुए शव
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, सिविल डिफेंस की टीम और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे। अंधेरा अधिक होने के कारण रात में बचाव कार्य में दिक्कत आई और तलाशी अभियान बाधित रहा। शुक्रवार सुबह उजाला होते ही खोज अभियान फिर शुरू किया गया। पूर्वी सिंहभूम के डीएसपी दयानंद कुमार के अनुसार, चार घंटे से अधिक समय तक चले बचाव अभियान के बाद दोनों डॉक्टरों के शव बरामद कर लिए गए।
पहचान हुई सार्वजनिक, दोनों थे 2020 बैच के इंटर्न
शुरुआत में परिजनों तक सूचना पहुंचने तक मृतकों की पहचान उजागर नहीं की गई थी, लेकिन बाद में सामने आया कि मृतक डॉक्टरों की पहचान एमजीएम मेडिकल कॉलेज के 2020 बैच के जूनियर इंटर्न डॉक्टर समीर लाल और सक्षम सिंह के रूप में हुई है। हादसे में बचने वाले तीसरे साथी डॉक्टर की पहचान डॉ. यश के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना की जानकारी मिलते ही एमजीएम मेडिकल कॉलेज के छात्रों और डॉक्टरों में गहरा शोक व्याप्त है। अस्पताल प्रबंधन प्रशासन के साथ मिलकर आगे की कार्रवाई में सहयोग कर रहा है। यह हादसा एक बार फिर डिमना लेक जैसे डेंजर जोन घोषित इलाकों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी और रात के समय ऐसी जगहों पर जाने के खतरों को उजागर करता है।

