Noida Indoor Stadium corruption scandal: फर्जी दस्तावेजों पर सिक्योरिटी सॉल्यूशंस को थमा दिया गया टेंडर, आरपी सिंह की कंपनी पर सांठगांठ का आरोप

Noida Indoor Stadium corruption scandal: नोएडा, सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोएडा प्राधिकरण को बार-बार “भ्रष्टाचार में डूबा” करार दिए जाने के बावजूद प्राधिकरण के अधिकारियों ने एक और कथित घोटाले को अंजाम दिया है। शहर के एकमात्र प्रमुख नोएडा इंडोर स्टेडियम को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया। सिक्योरिटी सॉल्यूशंस कंपनी ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे टेंडर हथिया लिया, जिसमें भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज आर.पी. सिंह की हिस्सेदारी बताई जा रही है।

फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र से हासिल किया टेंडर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिक्योरिटी सॉल्यूशंस कंपनी ने नोएडा प्राधिकरण की टेंडर प्रक्रिया में सेंध लगाई। कंपनी ने एक नामचीन सोसाइटी का फर्जी एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट संलग्न कर दिया। इस प्रमाण पत्र में 2016 से 2021 तक का अनुभव दर्शाया गया, जबकि वास्तविकता इससे अलग बताई जा रही है। प्राधिकरण के भ्रष्ट अधिकारियों ने आंखें मूंद लीं और कंपनी को नोएडा इंडोर स्टेडियम (सेक्टर-21A) का संचालन सौंप दिया। कंपनी को फुटबॉल और क्रिकेट जैसी गतिविधियों की अनुमति भी दे दी गई। पूरे मामले का मास्टरमाइंड नोएडा प्राधिकरण के जीएम सतीश पाल सिंह बताए जा रहे हैं। वर्ष 2021 से कंपनी स्टेडियम का संचालन कर रही है। मामला सेक्टर-24 थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

नोएडा प्राधिकरण पर सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणियां

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। प्राधिकरण को भ्रष्टाचार, अधिकारियों-बिल्डरों की सांठगांठ और जनहित की अनदेखी के लिए बार-बार फटकार लगाई गई है। स्पोर्ट्स सिटी परियोजना समेत कई मामलों में CAG रिपोर्ट, CBI जांच और हाईकोर्ट के आदेश सामने आ चुके हैं, जिसमें हजारों करोड़ का नुकसान बताया गया है। नोएडा स्टेडियम का मामला प्राधिकरण की पुरानी प्रवृत्ति को दोहराता प्रतीत होता है, जहां टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।

आर.पी. सिंह की कथित भूमिका

सूत्रों के हवाले से कंपनी में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज आर.पी. सिंह की हिस्सेदारी बताई जा रही है। हालांकि, इस पर आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है। यदि सही, तो यह खेल जगत और प्रशासन के बीच कथित गठजोड़ का संकेत देता है।

स्टेडियम का वर्तमान हाल

नोएडा इंडोर स्टेडियम सेक्टर-21A में स्थित है और शहरवासियों के लिए महत्वपूर्ण खेल सुविधा है। विभिन्न कार्यक्रमों, योग दिवस और स्पोर्ट्स इवेंट्स का आयोजन यहां होता रहा है। लेकिन संचालन में फर्जीवाड़े के आरोपों से इसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

जांच की मांग

स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों ने प्राधिकरण से तुरंत CBI या SIT जांच कराने की मांग की है। फर्जी दस्तावेजों की जांच, टेंडर प्रक्रिया की ऑडिट और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। नोएडा प्राधिकरण के प्रवक्ता या संबंधित अधिकारियों का इस पर अभी कोई आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं हुआ है। यह खबर विकासशील है और आगे की जांच से और तथ्य सामने आ सकते हैं। नोएडा जैसे विकसित शहर में खेल सुविधाओं का भ्रष्टाचार से दोहन न केवल जनधन की बर्बादी है बल्कि युवा पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है। प्राधिकरण को पारदर्शी प्रक्रियाओं को अपनाना चाहिए, अन्यथा सुप्रीम कोर्ट की नजर में उसकी साख और गिरेगी।

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