नोएडा साइबर ठगी: नोएडा, उत्तर प्रदेश के सबसे आधुनिक शहर नोएडा में साइबर ठगों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर शातिर साइबर फ्रॉडस्टर्स ने एक रिटायर्ड आर्मी कर्नल को निशाना बनाकर उन्हें 24 घंटे तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा और ₹8.20 लाख की बड़ी ठगी को अंजाम दिया। ठगों ने खुद को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के अधिकारी बताकर पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे मामले में फंसाने का भय दिखाया।
घटना का विवरण
नोएडा के सेक्टर-37 स्थित अरुण बिहार सोसाइटी में रहने वाले रिटायर्ड कर्नल (पीड़ित का नाम गोपनीय रखा गया है) को ठगों ने फोन पर संपर्क किया। उन्होंने खुद को CBI अधिकारी बताया और आरोप लगाया कि पीड़ित का नाम मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े केस में आया है। ठगों ने डराया कि अगर वे सहयोग नहीं करेंगे तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पीड़ित को 24 घंटे तक लगातार वीडियो कॉल और फोन पर ऑनलाइन रखा गया, जिसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ कहा जा रहा है। इस दौरान ठगों ने उनके बैंक अकाउंट और अन्य वित्तीय डिटेल्स हासिल कर ₹8.20 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। पीड़ित ने जब समझा कि यह ठगी है, तब उन्होंने तुरंत लिखित शिकायत दर्ज कराई। नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और घटना की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस विभिन्न बैंकों में ट्रांजेक्शन की ट्रेसिंग कर रही है और ठगों की लोकेशन पता लगाने के प्रयास कर रही है।
नोएडा में बढ़ते साइबर क्राइम के मामले
यह घटना नोएडा में साइबर ठगी की लगातार बढ़ती घटनाओं की एक कड़ी है। हाल के महीनों में शहर में कई समान मामलों में रिटायर्ड व्यक्ति, बुजुर्ग और आम नागरिक ठगी का शिकार हुए हैं। डिजिटल अरेस्ट, फर्जी CBI/पुलिस अधिकारी, इन्वेस्टमेंट स्कैम और PNG बिल लिंक जैसी ट्रिक्स आम हो गई हैं। हाल ही में ग्रेटर नोएडा में एक सीनियर सिटीजन से ₹21 लाख से अधिक की ठगी हुई, जिसमें चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। नोएडा और आसपास के इलाकों में अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह भी सक्रिय पाए गए हैं, जिन्होंने करोड़ों की ठगी की। राष्ट्रीय स्तर पर साइबर क्राइम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। CERT-In के आंकड़ों के अनुसार, भारत में साइबर इंसिडेंट्स में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में डिजिटल फ्रॉड आम समस्या बन गई है।
साइबर ठगी से बचाव के उपाय
किसी भी अज्ञात कॉल पर व्यक्तिगत या बैंक डिटेल्स शेयर न करें। CBI या पुलिस का दावा करने वाले कॉल्स पर तुरंत स्थानीय पुलिस या आधिकारिक हेल्पलाइन (1930 या National Cyber Crime Reporting Portal) पर संपर्क करें। दो-स्टेप वेरिफिकेशन और सतर्कता बनाए रखें। संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक न करें। नोएडा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत दें ताकि अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई हो सके। पीड़ित कर्नल की मदद से पुलिस उम्मीद जताती है कि जल्द ही ठगों तक पहुंच बनाई जा सकेगी। यह खबर प्रकाशन के समय उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। आगे की जांच रिपोर्ट आने पर और डिटेल्स सामने आ सकते हैं। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि डिजिटल युग में सतर्कता कितनी जरूरी है। नोएडा जैसे शहर में रहने वाले नागरिकों को खासतौर पर साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक होना चाहिए।

