सेक्टरों से लेकर डूब क्षेत्र तक अघोषित कटौती, जर्जर तार और खुले ट्रांसफॉर्मर बने चिंता का सबब
Noida Power Cuts: नौएडा, उत्तर प्रदेश की “शो विंडो” और “नो पावर कट ज़ोन” के रूप में पहचाने जाने वाले नौएडा शहर में पिछले काफी समय से जारी बिजली संकट को लेकर सामाजिक संस्था नौएडा सिटीजन फोरम (एनसीएफ) ने कड़ा रुख अपनाया है। एनसीएफ की कार्यकारी अध्यक्ष शालिनी सिंह ने यूपीपीसीएल/पीवीवीएनएल के मुख्य अभियंता संजय कुमार जैन के साथ औपचारिक बैठक कर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें अघोषित बिजली कटौती, जर्जर विद्युत ढांचे और जनसुरक्षा से जुड़े गंभीर खतरों पर सवाल उठाए गए।
हकीकत बयां करती जमीनी रिपोर्टें
एनसीएफ का यह ज्ञापन ऐसे समय आया है जब शहर के सेक्टरों में बिजली संकट लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। हाल ही में एक स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, उमस भरी गर्मी के बीच शहर के कई सेक्टरों में घंटों बिजली गुल रही और पांच घंटे तक आपूर्ति बाधित रहने से उपभोक्ता परेशान हो गए। सेक्टर 121, 105, 19, 5, 49, 73 और 34 समेत कई इलाकों में दिनभर बिजली संकट की स्थिति बनी रही, और शिकायतों के बावजूद टीमों को फॉल्ट ठीक करने में लंबा समय लग गया। यह घटनाक्रम एनसीएफ के इस दावे की पुष्टि करता प्रतीत होता है कि शहर का विद्युत तंत्र दबाव में लगातार जवाब दे रहा है।
ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे
शालिनी सिंह ने बैठक में बताया कि शहर के विभिन्न सेक्टरों, औद्योगिक क्षेत्रों, आवासीय सोसायटियों और ग्रामीण इलाकों में अघोषित कटौती, बार-बार फॉल्ट, जर्जर व नीचे लटकते तार, खुले ट्रांसफॉर्मर, करंट उतरते पोल तथा रात्रिकालीन फॉल्ट के दौरान अधिकारियों की गैरमौजूदगी अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने डूब क्षेत्र में रहने वाली आबादी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि इन इलाकों में बड़ी संख्या में बच्चे और बुजुर्ग रहते हैं, और यदि इन बस्तियों को अब अवैध ठहराकर बुनियादी सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है, तो सवाल यह है कि जब यह इलाके वर्षों में बसे, तब प्रशासन और प्राधिकरण ने आँखें क्यों मूंदे रखीं।
जलभराव बना संकट की बड़ी वजह
बैठक के दौरान मुख्य अभियंता ने भी स्वीकार किया कि कई स्थानों पर ट्रांसफॉर्मर और बिजलीघर बारिश के पानी में डूब जाने के कारण संकट गहरा रहा है, और बिना सुरक्षा जांच के आपूर्ति बहाल करना बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। इस संबंध में नौएडा प्राधिकरण को अलग से पत्र भेजकर जलभराव के स्थायी समाधान की मांग की गई है। मुख्य अभियंता ने सभी मांगों पर प्राथमिकता से कार्रवाई का भरोसा देते हुए नागरिकों से शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर 9193301659 का अधिकाधिक उपयोग करने की अपील की।
एनसीएफ की प्रमुख मांगें:
नौएडा के लिए दीर्घकालिक विद्युत मास्टर प्लान, नए विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना, जर्जर लाइनों का प्रतिस्थापन, खुले ट्रांसफॉर्मरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण, रात्रिकालीन आपातकालीन व्यवस्था को मजबूत करना, बिजली माफियाओं पर कठोर कार्रवाई, हर उपकेंद्र पर 24×7 वरिष्ठ अधिकारी की तैनाती
“जवाबदेही सबसे बड़ी जरूरत” — शालिनी सिंह
शालिनी सिंह ने कहा, “करोड़ों रुपये का राजस्व देने वाला नौएडा आज बुनियादी सुविधा बिजली के लिए संघर्ष कर रहा है। कुछ अधिकारियों की लापरवाही के कारण ‘नो पावर कट ज़ोन’ होने के बावजूद सेक्टर, सोसायटियां, औद्योगिक क्षेत्र और गांव भारी संकट झेल रहे हैं। जमीनी स्तर पर प्रभावी मास्टर प्लान, बेहतर समन्वय और अधिकारियों की जवाबदेही ही अब सबसे बड़ी जरूरत है।” उन्होंने चेताया कि यदि समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं हुआ, तो फोरम जनहित में आगे की रणनीति तय करेगा।

