UP Assembly Elections: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की औपचारिक घोषणा में भले ही अभी समय हो, लेकिन गौतमबुद्ध नगर की दादरी विधानसभा सीट पर टिकट को लेकर सियासी पारा तेजी से चढ़ने लगा है। भाजपा, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बसपा समेत सभी प्रमुख दलों में संभावित उम्मीदवारों के नाम को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। मौजूदा विधायकों का टिकट कटने और नए चेहरों को मौका मिलने की अटकलों ने क्षेत्र के राजनीतिक माहौल को सरगर्म कर दिया है।
भाजपा में तेजपाल नागर की सीट पर संकट के संकेत
सबसे ज्यादा उथल-पुथल भाजपा खेमे में देखी जा रही है। 2022 में भाजपा ने दादरी सीट से तेजपाल नागर को टिकट दिया था और वे लगातार दूसरी बार विधायक बने, लेकिन अब क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि उनका टिकट इस बार कट सकता है। यही अटकल सामने आते ही पार्टी के भीतर कई अन्य दावेदार मैदान में सक्रिय हो गए हैं। पूर्व मंत्री और एमएलसी नरेंद्र सिंह भाटी के पुत्र आशीष भाटी, जिला पंचायत सदस्य देवा भाटी, सत्येंद्र अवाना, इंदर नागर, प्रणीत भाटी, सुभाष भाटी के अलावा बिजेंद्र भाटी और रविंद्र तोंगड़ का नाम भी संभावित दावेदारों की सूची में जुड़ गया है। हाल ही में हुए एक स्थानीय जनमत सर्वे में भी दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। सर्वे में मौजूदा विधायक तेजपाल नागर को महज 16 प्रतिशत लोगों ने पसंद बताया, जबकि युवा चेहरे सत्येंद्र अवाना को करीब 43 प्रतिशत लोगों ने पहली पसंद बताते हुए बढ़त दी है, वहीं एमएलसी नरेंद्र भाटी के पुत्र आशीष भाटी को 21 प्रतिशत वोट मिले। इससे साफ है कि पार्टी संगठन पर पुराने चेहरे को दोहराने या नए चेहरे को मौका देने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

सोशल मीडिया और जमीनी सक्रियता से बढ़ी हलचल
पिछले कुछ महीनों से कई नेता अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। गांवों की चौपालों, सामाजिक-धार्मिक आयोजनों में उनकी सक्रिय मौजूदगी देखी जा रही है, तो कहीं होर्डिंग्स-बैनरों के जरिए भी दावेदारी जताई जा रही है। फेसबुक, एक्स और इंस्टाग्राम पर विकास कार्यों और जनसमस्याओं से जुड़े पोस्ट की बाढ़ आ गई है। आशीष भाटी जैसे नेता तो सीधे #Mission2027 जैसे हैशटैग के जरिए अपनी दावेदारी सोशल मीडिया पर पेश कर रहे हैं।
समाजवादी पार्टी के लिए दादरी बना लॉन्चपैड
समाजवादी पार्टी की ओर से भी दादरी को खास तवज्जो दी जा रही है। पार्टी ने 2027 चुनाव की तैयारियों के तहत समाजवादी समानता भाईचारा रैलियों की शुरुआत दादरी से करने की योजना बनाई, ताकि इस अपेक्षाकृत कमजोर गढ़ में संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया जा सके। स्थानीय स्तर पर इंदर प्रधान और जिला अध्यक्ष सुधीर भाटी के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं। सपा युवजन सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अक्षय चौधरी 5 जुलाई से बिसरख से परिवर्तन यात्रा की शुरुआत करने जा रहे हैं, जिसे पार्टी के भीतर उनकी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
नेताओं की सधी हुई प्रतिक्रिया
टिकट को लेकर बढ़ती अटकलों के बीच दलों के स्थानीय पदाधिकारी फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। भाजपा के जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा का कहना है कि टिकट किसे मिलेगा, इसका फैसला पार्टी हाईकमान करेगा। वहीं सपा के जिला अध्यक्ष सुधीर भाटी के मुताबिक अभी तक टिकट को लेकर हाईकमान से कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला है।
कुल मिलाकर तस्वीर
चुनाव में अभी करीब एक साल का वक्त बाकी है, लेकिन दादरी सीट पर टिकट की सरगर्मी शुरुआती चरण में ही परवान चढ़ चुकी है। भाजपा के भीतर मौजूदा विधायक बनाम नए दावेदारों की लड़ाई, सपा की सक्रियता और जमीनी नेताओं की दावेदारी ने इस सीट को आगामी विधानसभा चुनाव की सबसे दिलचस्प सीटों में शुमार कर दिया है। अंतिम फैसला भले ही पार्टी नेतृत्व करे, लेकिन जमीनी स्तर पर मची हलचल यह साफ संकेत दे रही है कि दादरी में मुकाबला इस बार पहले से कहीं ज्यादा दिलचस्प होने वाला है।
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