गाजियाबाद के विजयनगर थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली एक बेहद घिनौना और स्तब्ध कर देने वाली घटना सिद्धार्थ विहार सेक्टर-7 में सामने आई है। यहां एक 60 वर्षीय बुजुर्ग मजदूर ने ढाई से तीन वर्षीय मासूम बच्ची को टॉफी दिलाने के बहाने अपने चंगुल में फंसाकर उसके साथ दुष्कर्म (या दुष्कर्म का प्रयास) किया। घटना शनिवार सुबह की बताई जा रही है। बच्ची की चीख सुनकर स्थानीय लोगों और चौकीदार ने आरोपी को मौके पर दबोच लिया। परिजनों ने आरोपी की जमकर पिटाई की और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
घटना विजयनगर थाना क्षेत्र के सिद्धार्थ विहार में हुई। बच्ची घर के बाहर अपनी बहनों और अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। माता-पिता मजदूरी पर गए हुए थे—पिता मजदूरी करते थे जबकि मां घरों में काम करती थीं। तीनों बेटियां मौसी की निगरानी में थीं। इसी दौरान निर्माणाधीन सोसायटी में काम करने वाला आरोपी जयराम (60 वर्ष) वहां पहुंचा। उसने बच्ची को गोद में उठाया और टॉफी का लालच देकर निर्माणाधीन सोसायटी के पीछे झाड़ियों वाले इलाके में ले गया। वहां उसने कथित तौर पर बच्ची के साथ जघन्य कृत्य किया। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर सोसायटी का चौकीदार मौके पर पहुंच गया और शोर मचाना शुरू कर दिया, जिस पर आसपास के लोग जुट गए। लोगों ने आरोपी को पकड़कर बच्ची को उसके चंगुल से छुड़ाया। सूचना मिलते ही बच्ची के माता-पिता भी पहुंचे और डायल-112 पर सूचना दी गई। जल निगम चौकी की पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है। आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोग आरोपी के एनकाउंटर की मांग करते हुए चौकी पर धरना प्रदर्शन करने पहुंचे लेकिन पुलिस द्वारा उन्हें आश्वासन दिए जाने के बाद खबर लिखे जाने तक मामला शांत दिख रहा है, आरोपी को थाने ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
आरोपी का ब्योरा: आरोपी जयराम बिहार के बेगूसराय जिले का निवासी है और हिंडन नदी के किनारे झुग्गी बस्ती में रहता है। वह चार संतानों का पिता है (तीन बेटियां और एक बेटा) और नाती-पोते भी हैं। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह बच्ची की हत्या करने का भी मन बना चुका था, लेकिन चौकीदार के पहुंचने से पहले वह भाग नहीं सका।
बच्ची की हालत: बच्ची को जिला अस्पताल (MMG) में भर्ती कराया गया। मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के अनुसार, बच्ची की हालत अब खतरे से बाहर है, हालांकि वह अभी सहमी हुई है। इलाज की जानकारी के मुताबिक, कुछ रिपोर्ट्स में बच्ची का इलाज मेरठ या आसपास के अस्पताल में भी संभव बताया गया, लेकिन मुख्य रूप से स्थानीय जिला अस्पताल में प्राथमिक देखभाल हुई।
पुलिस कार्रवाई: एसीपी कोतवाली उपासना पांडे ने बताया कि पीड़िता की मां की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट समेत संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर ली गई है। आरोपी को जेल भेजा जा रहा है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। इस घटना ने पूरे इलाके में सुरक्षा और बच्चों की देखभाल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक संगठन और आमजन कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने पूरे मामले को संवेदनशीलता से हैंडल करने का आश्वासन दिया है।यह घटना समाज में बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता की मांग करती है। ऐसी जघन्य घटनाओं पर सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ सामुदायिक स्तर पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत है।

