नोएडा सेक्टर-63 सेंट्रल में मोबाइल स्नैचिंग-टप्पेबाजी गिरोह का पर्दाफाश, 3 शातिर गिरफ्तार; 28 मोबाइल, चोरी की स्कूटी व 2 चाकू बरामद

गौतमबुद्ध नगर पुलिस आयुक्त के निर्देशन में सेंट्रल नोएडा की थाना सेक्टर-63 पुलिस ने एक बार फिर अपराधियों के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए मोबाइल फोन स्नैचिंग, चोरी और टप्पेबाजी (धोखाधड़ी से माल उड़ाने) में सक्रिय एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 28 मोबाइल फोन, एक चोरी की स्कूटी और दो अवैध चाकू बरामद किए हैं। बरामद मोबाइलों की अनुमानित बाजार कीमत 5 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।

एडीसीपी सेंट्रल नोएडा स्वतंत्र सिंह ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि थाना फेस-1 पुलिस की टीम आज 4 जुलाई को एक ब्लॉक में बंद पेट्रोल पंप के सामने नियमित चेकिंग अभियान चला रही थी। लोकल इंटेलिजेंस के आधार पर जब स्कूटी पर सवार तीन संदिग्ध युवकों को रोका गया और उनकी तलाशी ली गई, तो उनके पास से दो अवैध चाकू बरामद हुए। संदिग्धता के आधार पर कड़ी पूछताछ में तीनों ने अपना नाम रोहित, गौरव और रविंद्र बताया। आगे की पूछताछ में उन्होंने खुद को शातिर टप्पेबाज, स्नैचर और चोर बताया। पुलिस ने उनकी स्कूटी की जांच की तो पता चला कि वह उत्तर दिल्ली जिले में चोरी दर्ज एक वाहन है। अभियुक्तों की निशानदेही पर उनके ठिकानों से 28 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए, जो विभिन्न जगहों पर टप्पेबाजी और स्नैचिंग के जरिए लूटे गए थे।

अभियुक्तों का अपराधिक इतिहास

रोहित: मूल निवासी हापुड़, वर्तमान में लोनी बॉर्डर, गाजियाबाद में रहता है।
गौरव: मूल निवासी बुलंदशहर, वर्तमान में लोनी बॉर्डर, गाजियाबाद।
रविंद्र: मूल निवासी बदायूं, वर्तमान में लोनी बॉर्डर, गाजियाबाद।

तीनों आपस में पुराने परिचित थे और एक संगठित तरीके से काम करते थे। वे अलग-अलग टारगेट चुनते थे—जिसे टप्पेबाजी (धोखे से फंसाकर माल उड़ाना) में आसानी होती, उसी को निशाना बनाते। महिलाओं के गले में चेन देखकर वे स्नैचिंग करने से भी नहीं चूकते थे। पूछताछ में उनके खिलाफ आधा दर्जन से अधिक पुराने मामले सामने आए हैं। पुलिस का अनुमान है कि ये लगभग दो साल से सक्रिय थे, क्योंकि इनमें से एक का आखिरी दर्ज मुकदमा करीब दो साल पुराना है। अभियुक्तों ने पूछताछ में दर्जनों घटनाओं की बात स्वीकार की है, जिनकी संख्या सैकड़ों तक हो सकती है। बरामद 28 मोबाइलों के आधार पर ही कम से कम इतनी वारदातें साबित होती हैं। वे चोरी के मोबाइल राह चलते राहगीरों को सस्ते दामों पर पैसे के लालच में बेच दिया करते थे।

एडीसीपी स्वतंत्र सिंह ने कहा, “गौतमबुद्ध नगर पुलिस का लगातार अभियान चल रहा है। हम इन अभियुक्तों से आगे पूछताछ कर अन्य अपराधों में उनके संलिप्तता की भी जांच कर रहे हैं। नागरिकों से अपील है कि वे सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधियां देखते ही पुलिस को सूचित करें।” यह कार्रवाई पुलिस की मैनुअल इंटेलिजेंस और फील्ड चेकिंग की सफलता का उदाहरण है, जो NCR में बढ़ रही मोबाइल चोरी और स्नैचिंग की घटनाओं पर अंकुश लगाने में मददगार साबित होगी। पुलिस की टीम आगे की जांच में जुटी हुई है। पुलिस ने सभी तीनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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