छात्र सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग, गौतमबुद्ध नगर ने ‘मिशन सेव फ्यूचर’ के तहत आज जनपद के प्रमुख मार्गों और स्कूल परिसरों के आसपास एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया। अभियान का नेतृत्व एआरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पांडेय ने स्वयं किया। कार्रवाई का मकसद स्कूली बसों और वैनों की तकनीकी व कानूनी स्थिति का कड़ाई से सत्यापन कर बच्चों की सुरक्षा मानकों को दुरूस्त कराना बताया गया। अभियान के दौरान दर्जनों स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट और रजिस्ट्रेशन दस्तावेजों की मौके पर जाँच की गई। निरीक्षण दल ने वाहनों में स्पीड गवर्नर, आग बुझाने के यंत्र (Fire Extinguishers) और फर्स्ट-एड बॉक्स की उपलब्धता तथा उनकी कार्यक्षमता को भी परीक्षण किया। साथ ही स्कूली ड्राइवरों के ड्राइविंग लाइसेंस, आवश्यक प्रमाणपत्रों तथा उनके रिफ्लेक्स टेस्ट का भी प्रत्यक्ष जांच-पड़ताल की गई।
कठोर कार्रवाई: नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त विधिक कदम
परिवहन विभाग ने कहा कि जिन वाहनों के पास वैध फिटनेस सर्टिफिकेट या परमिट नहीं थे, या जिनका तकनीकी मानक अपूर्ण पाया गया, उन पर तत्काल चालान काटे गए और कई वाहनों को सीज भी कर दिया गया। विभाग के अधिकारीयों ने बताया कि कुछ चालकों के खिलाफ गैरकानूनी संचलन और दस्तावेजों में अनियमितता मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाइयों के लिए रिपोर्ट संबंधित शाखाओं को भेजी जा रही है।
एआरटीओ का संदेश: सुरक्षा में समझौता बर्दाश्त नहीं
एआरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पांडेय ने कहा, “बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। ‘मिशन सेव फ्यूचर’ का उद्देश्य मात्र चालान काटना नहीं है, बल्कि हर स्कूली वाहन को सुरक्षित बनाना है। हम चाहते हैं कि स्कूल प्रबंधन और वाहन स्वामी नियमों का सख्ती से पालन करें; उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि यह अभियान नियमित अंतराल पर जारी रहेगा ताकि जोखिम को न्यूनतम किया जा सके।
अभिभावकों से अपील और स्कूली प्रबंधकों के लिए निर्देश
परिवहन विभाग ने अभिभावकों से अनुरोध किया है कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजते समय वाहन की वैधता, फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट और सुरक्षित सुविधाओं (स्पीड गवर्नर, फायर एस्टिंग्विशर, फर्स्ट-एड किट) की व्यक्तिगत रूप से जाँच कर लें। साथ ही स्कूल प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से वाहन निरीक्षण कराएँ और प्रमाणपत्रों की अद्यतन प्रतियां परिवहन कार्यालय में जमा करवाएँ।
स्थानीय प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई
अभियान के दौरान कुछ स्कूल प्रबंधकों ने कहा कि वे आवश्यक सुधार शीघ्र कराएंगे और वैध दस्तावेज प्रस्तुत कर देंगे। वहीं कुछ अभिभावकों ने अभियान की सराहना की और कहा कि इससे बच्चों की सुरक्षा बढ़ेगी। विभाग ने संकेत दिया है कि अगले हफ्तों में भी ऐसे संयुक्त निरीक्षण और जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे, तथा जिन वाहनों को सीज किया गया है, उनकी कानूनी औपचारिकताओं पूरी न होने पर उनका पुर्नउद्धार तभी संभव होगा जब वे अपेक्षित मानक पूरा कर लें। परिवहन विभाग ने कहा है कि ‘मिशन सेव फ्यूचर’ एक सतत पहल है जिसका लक्ष्य केवल दंडात्मक कार्रवाई नहीं बल्कि स्कूल यात्रा को व्यापक रूप से सुरक्षित बनाना है, तकनीकी मानकों का अनुपालन, ड्राइवरों का प्रशिक्षण और अभिभावक-जागरूकता को बढ़ाना इसकी मुख्य प्राथमिकताएँ रहेंगी।

