मोदीनगर: गोद लिए बेटे की कस्टडी को लेकर पिता का नगर आयुक्त से न्याय की गुहार, नाना-नानी पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप

नगर निगम की जनसुनवाई में मोदीनगर निवासी राजीव शर्मा ने अपने गोद लिए बेटे की कस्टडी को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए नगर आयुक्त से कार्रवाई की मांग की है। राजीव का कहना है कि उनके सास-ससुर ने बच्चे को हासिल करने के मकसद से नगर निगम से उसका फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवा लिया, जिसमें 70 से 75 वर्ष की उम्र के मेघराज शर्मा और पुष्पलता शर्मा को बच्चे का जैविक माता-पिता तक दिखा दिया गया। राजीव शर्मा के मुताबिक, वर्ष 2015 में गोविंदपुरम निवासी रश्मि शर्मा से उनकी दूसरी शादी हुई थी। संतान न होने पर दंपती ने 16 मई 2020 को सिंभावली के एक निजी अस्पताल के जरिए एक नवजात को गोद लिया था, जिसमें राजीव के सास-ससुर की भी भूमिका रही। 26 फरवरी 2023 को कैंसर से रश्मि शर्मा का निधन हो गया, जिसके बाद सास-ससुर ने बच्चे पर अपना हक जताना शुरू कर दिया।

मामला पहले पुलिस के पास पहुंचा, जहां राजीव ने बच्चे के टीकाकरण दस्तावेज पेश किए जिनमें उनका नाम पिता के तौर पर दर्ज था और पुलिस ने बच्चा उन्हें सौंप दिया। इसके बाद यह विवाद कोर्ट पहुंचा, जहां अंतरिम आदेश के तहत बच्चे को सप्ताह में तीन दिन पिता के साथ और चार दिन नाना-नानी के साथ रखने की व्यवस्था दी गई। राजीव का आरोप है कि इस बीच 10 जुलाई 2023 को नगर निगम से बच्चे का नया जन्म प्रमाण पत्र बनवा लिया गया, जिसमें नाना-नानी को जैविक माता-पिता दर्शाया गया। छह वर्षीय बच्चे की मौजूदा स्थिति भी असामान्य बनी हुई है — कोर्ट के आदेश के चलते वह हफ्ते में तीन दिन पिता के घर के पास वाले स्कूल में और चार दिन नाना-नानी द्वारा दाखिल कराए गए दूसरे स्कूल में पढ़ने जाता है। जनसुनवाई में राजीव ने नगर आयुक्त के सामने जन्म प्रमाण पत्र सहित सभी दस्तावेज पेश करते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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