नोएडा की नवविवाहिता पर दार्जिलिंग हनीमून में पति का क्रूर हमला, सीढ़ियों से धक्का, मोबाइल तोड़ा, पेट पर लात और जान से मारने की धमकी

हनीमून की खुशियों को हिंसा और आतंक में बदल देने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नोएडा के सेक्टर-75 की रहने वाली सुचारिता साहा ने अपने पति हरविंदर चौहान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दार्जिलिंग के हनीमून ट्रिप के दौरान पति ने उन्हें सीढ़ियों से धक्का दे दिया, मोबाइल फोन तोड़ दिया, पेट पर लात मारी और जान से मारने की धमकी दी। यह घटना नवविवाहित जोड़े के बीच घरेलू हिंसा की बढ़ती घटनाओं की एक और मिसाल बन गई है।

सुचारिता साहा, जो सेक्टर-75 की एक पॉश सोसायटी में रहती हैं, ने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उनके अनुसार, शादी के तुरंत बाद दोनों दार्जिलिंग घूमने गए थे। शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन जल्द ही छोटी-छोटी बातों पर विवाद शुरू हो गया। सुचारिता का आरोप है कि एक विवाद के दौरान हरविंदर ने उन्हें होटल या गेस्टहाउस की सीढ़ियों से धक्का दे दिया, जिससे वे घायल हो गईं। इसके बाद पति ने उनका मोबाइल फोन जबरन छीनकर तोड़ दिया ताकि वे किसी से संपर्क न कर सकें। आरोपों के मुताबिक, हरविंदर ने पेट पर लात मारकर उन्हें और अधिक चोट पहुंचाई और बार-बार जान से मारने की धमकी दी।

“मैं डर के मारे चुप रही, लेकिन अब न्याय चाहती हूं”

सुचारिता ने बताया कि घटना के बाद वे घायल अवस्था में थीं, लेकिन पति के डर से तुरंत शिकायत नहीं कर पाईं। वापसी के बाद नोएडा पहुंचकर उन्होंने परिवार के सदस्यों को पूरी घटना बताई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच शुरू हो गई है। दार्जिलिंग पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है ताकि घटनास्थल पर मौजूद सबूत और गवाहों की जानकारी ली जा सके। घरेलू हिंसा विशेषज्ञों का कहना है कि हनीमून पीरियड में भी ऐसी घटनाएं दुर्लभ नहीं हैं। अक्सर दबाव, अपेक्षाओं का न मिलना या पुरानी रंजिशें यात्रा के दौरान उभर आती हैं। नोएडा और गौतम बुद्ध नगर क्षेत्र में हाल के वर्षों में घरेलू हिंसा के कई मामले दर्ज हुए हैं, जहां महिलाओं ने पति या ससुराल वालों के खिलाफ शिकायतें की हैं। हरविंदर चौहान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया है। यदि आरोप साबित होते हैं तो पति पर भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत घरेलू हिंसा, जान से मारने की धमकी और संपत्ति क्षति जैसे गंभीर आरोप लग सकते हैं।

सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया महिला अधिकार संगठनों ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि नई शादीशुदा जोड़ों में काउंसलिंग और जागरूकता की जरूरत है। “हनीमून रोमांच का समय होना चाहिए, हिंसा का नहीं। कानून सख्ती से लागू होना चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं रुक सकें,” एक महिला कार्यकर्ता ने कहा। पुलिस ने सुचारिता को मेडिकल जांच के लिए भेजा है और उनके घावों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। मामले की जांच तेजी से चल रही है। इस घटना ने एक बार फिर से घरेलू हिंसा के खिलाफ जागरूकता की मांग को मजबूत कर दिया है। यदि नई जानकारी मिलती है तो पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। सुचारिता की सुरक्षा के लिए भी उचित कदम उठाए जा रहे हैं। यह मामला उन हजारों महिलाओं की याद दिलाता है जो चुपचाप पीड़ित होती हैं। समाज और कानून व्यवस्था को मिलकर ऐसे मामलों पर सख्त रुख अपनाना होगा।

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