मिशन 2027: भाजपा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कमान नवाब सिंह नागर को सौंपी, संगठन में बड़ा फेरबदल

पूर्व सिंचाई मंत्री और दादरी से दो बार विधायक रह चुके गुर्जर नेता को क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाकर पार्टी ने साधा जातीय संतुलन

वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी का ऐलान करते हुए वरिष्ठ नेता और पूर्व सिंचाई मंत्री नवाब सिंह नागर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का संगठनात्मक प्रभारी (क्षेत्रीय अध्यक्ष) नियुक्त किया है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी द्वारा जारी की गई इस लंबे समय से प्रतीक्षित सूची में 19 उपाध्यक्ष, 8 महामंत्री समेत मीडिया और सोशल मीडिया प्रकोष्ठ में भी कई बदलाव किए गए हैं।

कौन हैं नवाब सिंह नागर

गौतमबुद्ध नगर के निवासी नवाब सिंह नागर भाजपा के सबसे पुराने और अनुभवी कार्यकर्ताओं में शुमार किए जाते हैं। कॉलेज के दिनों से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे नागर 1980 के दशक के मध्य में भाजपा के गठन के साथ ही पार्टी से जुड़ गए थे। 1993 में उन्होंने पहली बार दादरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, हालांकि उस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने हार नहीं मानी और 1996 से 2007 तक दादरी से लगातार दो बार विधायक चुने गए। इस दौरान वे प्रदेश सरकार में सिंचाई मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और लाल बहादुर शास्त्री गन्ना विकास बोर्ड के अध्यक्ष पद पर भी रह चुके हैं। संगठन में भी उनकी पकड़ काफी मजबूत रही है—वे भाजपा के मंडल अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जैसे दायित्व पहले ही निभा चुके हैं।

जातीय समीकरण और ‘गुर्जर कार्ड’

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक नवाब सिंह नागर की यह नियुक्ति केवल एक संगठनात्मक बदलाव नहीं है, बल्कि इसके पीछे स्पष्ट सामाजिक-राजनीतिक रणनीति है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गुर्जर समाज की चुनावी निर्णायक भूमिका को देखते हुए भाजपा ने इस अहम पद के लिए गुर्जर समुदाय के वरिष्ठ चेहरे पर भरोसा जताया है। बताया जा रहा है कि हाल के महीनों में समाजवादी पार्टी द्वारा दादरी में आयोजित एक बड़ी गुर्जर भाईचारा रैली के बाद से ही भाजपा पर इस समाज की अनदेखी के आरोप लग रहे थे, जिसके जवाब में पार्टी ने यह कदम उठाया है। क्षेत्रीय अध्यक्ष पद के लिए जाट समाज से मोहित बेनीवाल और अंकुर राणा, तथा वैश्य समाज से हापुड़ के विकास अग्रवाल का नाम भी चर्चा में था, लेकिन अंततः पार्टी आलाकमान ने नागर के नाम पर मुहर लगाई।

नई टीम के अन्य प्रमुख चेहरे

पश्चिमी उत्तर प्रदेश को नई प्रदेश टीम में खासा प्रतिनिधित्व मिला है। मुजफ्फरनगर दंगों के दौर से भाजपा के फायरब्रांड नेता के रूप में पहचान बना चुके पूर्व मंत्री सुरेश राणा और एमएलसी मोहित बेनीवाल को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है, जिसे जाट समाज को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह तथा विधायक पूजा पाल को भी उपाध्यक्ष पद पर जगह दी गई है। लंबे समय से संगठन में हाशिए पर रहे देवेंद्र सिंह चौधरी को किसान मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। मीडिया मोर्चे पर दिनेश प्रताप सिंह को मुख्य प्रवक्ता, मनीष दीक्षित को प्रदेश मीडिया संयोजक और हिमांशु राज पंडित को प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक नियुक्त किया गया है। क्षेत्रीय अध्यक्षों में ब्रज क्षेत्र के लिए पूरन लाल लोधी, कानपुर के लिए राम किशोर साहू, अवध के लिए अवधेश द्विवेदी, काशी के लिए अशोक चौरसिया और गोरखपुर के लिए विनोद राय को जिम्मेदारी दी गई है।

कार्यकर्ताओं में उत्साह, क्षेत्र में जश्न

नियुक्ति की घोषणा के साथ ही गौतमबुद्ध नगर, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दादरी और जेवर क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटकर खुशी जताई और इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया। दिलचस्प यह भी रहा कि जिस समय उनके नाम की औपचारिक घोषणा हो रही थी, उस वक्त नवाब सिंह नागर नोएडा सेक्टर-52 में निर्जला एकादशी के अवसर पर आयोजित एक सेवा कार्यक्रम में शरबत वितरण में व्यस्त थे।

मिशन 2027 की दिशा में बड़ा संकेत

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने यह जिम्मेदारी ऐसे समय पर सौंपी है जब पार्टी पूरी तरह 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति में जुट चुकी है। समाजवादी पार्टी के 2024 के पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) फॉर्मूले से लगे झटके के बाद भाजपा ने अपनी नई कार्यकारिणी में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की स्पष्ट कोशिश की है। पार्टी सूत्रों के अनुसार नवाब सिंह नागर के अनुभव, जनसंपर्क कौशल और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं से सीधे जुड़ाव को देखते हुए उनसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संगठन को और मजबूत करने की उम्मीद की जा रही है, ताकि आने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी को इसका सीधा लाभ मिल सके।

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