मुंबई की उपनगरीय रेलवे व्यवस्था में एक बार फिर से हिंसा की भयावह घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। मंगलवार रात (24 जून) को चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल ट्रेन में पहली श्रेणी के डिब्बे में दरवाजा बंद करने को लेकर हुई छोटी सी बहस ने 22 वर्षीय युवक मयंक लोहार की जान ले ली। आरोपी रोशन सुवर्णा (30) ने कथित तौर पर चाकू निकालकर युवक को चाकू के वार कर दिए, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के कुछ घंटों के अंदर ही बोरिवली जीआरपी (Government Railway Police) ने आरोपी को पनवेल से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, मयंक लोहार विरार का रहने वाला था और अंधेरी ईस्ट में एक कपड़ों के शोरूम में काम करता था। वह काम के बाद घर लौट रहा था। रात करीब 10:43 बजे उसने अंधेरी स्टेशन से चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल पकड़ी। भारी बारिश के कारण ट्रेन के डिब्बे में पानी घुस रहा था। मयंक समेत कई यात्री आरोपी रोशन सुवर्णा से बार-बार दरवाजा बंद करने को कह रहे थे, जो दरवाजे के पास खड़ा था। बहस तेज हुई और कुछ यात्रियों ने आरोपी पर हाथ उठा दिया। गुस्से में भरे रोशन ने अपना बैग खोलकर बड़ा चाकू निकाला और मयंक पर लगातार वार कर दिए। वार मुख्य रूप से पेट और छाती पर हुए। ट्रेन बोरिवली स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर पहुंचने से ठीक पहले आरोपी ट्रेन से कूदकर भाग निकला। यात्री मयंक को बोरिवली स्टेशन के इमरजेंसी रूम और फिर कांदिवली के शताब्दी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना का वीडियो वायरल:
फेलो यात्रियों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। एक वीडियो में काला कपड़ा पहने आरोपी को चाकू लेकर चलते और खून से सने डिब्बे में यात्रियों को डराते हुए दिखाया गया है। दूसरे वीडियो में मयंक को फर्श पर पड़े देखा जा सकता है। यात्री चीखते हुए कह रहे हैं- “ये मार दिया उसको, मार दिया।” कोई भी आरोपी को रोकने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
आरोपी की गिरफ्तारी:
बोरिवली जीआरपी की टीमों ने 400 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया। तकनीकी निगरानी, गुप्त सूत्रों और आरोपी के पिता से पूछताछ के आधार पर रोशन सुवर्णा को पनवेल से गिरफ्तार किया गया। वह मीरा रोड ईस्ट का रहने वाला है और अंधेरी एयरपोर्ट के पास कार्गो सुविधा में काम करता था। गिरफ्तारी के समय वह मंगलुरु (अपने घर) भागने की तैयारी में था। पुलिस उसे पूछताछ कर रही है।
परिवार का दर्द:
मयंक की मां ने रोते हुए कहा, “मेरा बेटा कभी लड़ता-झगड़ता नहीं था। न्याय दो, उसे सजा दो।” बहन ने मौत की सजा की मांग की और पूछा, “रात के 10:30 बजे लोग कहां थे? इतना बड़ा चाकू था, फिर भी कोई कुछ नहीं किया।” पिता शव के पोस्टमॉर्टम सेंटर के बाहर इंतजार करते नजर आए।
पुलिस का बयान:
बोरिवली जीआरपी के सीनियर इंस्पेक्टर दत्ता खुपरेकर ने बताया कि आरोपी ने चाकू निकालकर वार किए और भाग निकला। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। जांच जारी है। यह घटना मुंबई के लोकल ट्रेनों में बढ़ती हिंसा और यात्री सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है। इस साल जनवरी में मालाड स्टेशन पर एक प्रोफेसर की इसी तरह हत्या हुई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रेनों में बेहतर सुरक्षा, प्रति कोच गार्ड्स की तैनाती और जागरूकता की जरूरत है। मुंबई पुलिस और जीआरपी ने आश्वासन दिया है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर शहर की ‘लाइफलाइन’ में सफर करने वाले लाखों यात्रियों के मन में भय पैदा कर दिया है।
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