भीषण गर्मी में बिजली का संकट: नोएडा-ग्रेटर नोएडा के दर्जनों सेक्टर और हाईराइज सोसाइटियां अंधेरे में, जनता बेहाल

भीषण गर्मी और उमस के इस मौसम में नोएडा और ग्रेटर नोएडा के दर्जनों सेक्टरों, गांवों और हाईराइज सोसाइटियों में पिछले कई हफ्तों से बिजली कटौती का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिसके दबाव में पुराना और अधिभारित बिजली ढांचा जवाब दे रहा है। नतीजा यह है कि दिन हो या रात, घंटों तक बिजली गायब रहने से लाखों उपभोक्ता परेशान हैं और कई इलाकों में लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर हो गए हैं।

मांग ने तोड़े पुराने रिकॉर्ड, ढांचा पड़ा कमजोर

दिल्ली-एनसीआर में बिजली की मांग लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। पिछले साल ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में अधिकतम मांग का जो रिकॉर्ड 12 जून को बना था, वह इस साल 18 मई को ही टूट चुका था और गर्मी बढ़ने के साथ मांग में बढ़ोतरी जारी है। तेज गर्मी के कारण एसी, कूलर और अन्य उपकरणों के अत्यधिक इस्तेमाल से ट्रांसफार्मर और 33 केवी लाइनों पर लोड क्षमता से कहीं ज्यादा पहुंच गया, जिससे बार-बार फॉल्ट और ट्रिपिंग की घटनाएं हो रही हैं। कुछ समय पहले आए तेज आंधी-तूफान ने भी हालात बिगाड़े—ग्रेटर नोएडा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सैकड़ों खंभे गिर गए और दर्जनों ट्रांसफार्मर जल गए, जिनकी मरम्मत का काम अब भी पूरा नहीं हो सका है। इसके अलावा नोएडा के नए विकसित हो रहे सेक्टरों, जैसे 122 और 144, में आबादी जिस रफ्तार से बढ़ी है, वहां का पुराना बिजली ढांचा उस लोड को संभालने में नाकाम साबित हो रहा है।

सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके

नोएडा के सेक्टर 22, 41, 44, 45, 49, 55, 57, 62, 71, 73, 74, 120 और 122 में दिन और रात दोनों समय बेवजह घंटों की कटौती की खबरें लगातार आ रही हैं। एक जून को शहर के कई सेक्टरों में फॉल्ट देर से अटेंड होने के कारण दो से तीन घंटे तक बिजली गुल रही, तो वहीं कुछ सेक्टरों में रोज तीन से छह घंटे तक कटौती की शिकायतें मिल रही हैं। 13 जून को एक सोसाइटी में लगातार 15 घंटे बिजली न आने से नाराज निवासियों ने प्रदर्शन किया। ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट की स्थिति भी कम गंभीर नहीं है। अजनारा होम्स, श्रीराधा स्काई गार्डन जैसी हाईराइज सोसाइटियों और डेल्टा, अल्फा, बीटा, गामा सेक्टरों में लोगों की रातों की नींद कटौती के चलते उड़ रही है। ग्रामीण इलाकों की हालत और बुरी है—दादरी नगर और आसपास के गांवों में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के विरोध में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने बिजली घर का घेराव कर प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि कई गांवों में महज पांच से छह घंटे ही बिजली मिल रही है। ननुआ के राजपुर गांव में दो ट्रांसफार्मर फुंक जाने के बाद दस दिन से अंधेरे में डूबे ग्रामीणों ने भी एनपीसीएल कार्यालय पर प्रदर्शन किया था। आम जनजीवन और मजदूरों पर सीधा असर

बार-बार, कई बार रातभर में पांच से सात बार तक बिजली कटने से लोगों की नींद पूरी नहीं हो रही। इसका सबसे ज्यादा असर श्रमिकों पर पड़ रहा है, जो रातभर आराम न मिलने के कारण दिन में फैक्ट्री और निर्माण स्थलों पर ठीक से काम नहीं कर पा रहे। वर्क फ्रॉम होम करने वालों के सामने इंटरनेट राउटर और लैपटॉप का बैकअप खत्म होने की समस्या आ रही है। कई हाईराइज सोसाइटियों में बार-बार कटौती के कारण मेंटेनेंस एजेंसियां जनरेटर ठीक से नहीं चला पा रही हैं, जिससे लिफ्ट बंद होने और ऊपरी मंजिलों तक पानी की सप्लाई रुकने जैसी गंभीर समस्याएं भी सामने आ रही हैं। ग्रामीण इलाकों में लंबी कटौती का असर पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ रहा है।

सरकार और बिजली विभाग का रुख

बढ़ते दबाव के बीच ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने नोएडा के सेक्टर-150 स्थित उपकेंद्र का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी हालत में 24 घंटे निर्बाध बिजली सुनिश्चित की जाए। ऊर्जा मंत्री इससे पहले भी राज्य के अलग-अलग जिलों में बिजली व्यवस्था को लेकर अधिकारियों पर सख्ती दिखा चुके हैं, और लापरवाही पाए जाने पर निलंबन व कारण बताओ नोटिस जैसी कार्रवाई भी हो चुकी है। जमीनी स्तर पर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बिजली सप्लाई करने वाली नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (एनपीसीएल) ने कुछ इलाकों में राहत भी दी है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर 16बी में नवनिर्मित सबस्टेशन से सप्लाई शुरू होने के बाद सेक्टर 16, 16बी और इकोटेक-15 जैसे इलाकों में सुधार की उम्मीद है। नोएडा में बिजली निगम ने वर्ष 2026-27 में लगभग 125 करोड़ रुपये की लागत से नए उपकेंद्रों के निर्माण, पावर ट्रांसफार्मरों की स्थापना, क्षमता वृद्धि और स्काडा परियोजना पर काम करने की योजना बनाई है, ताकि बार-बार होने वाली ट्रिपिंग पर स्थायी रोक लगाई जा सके। बावजूद इसके, करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी फिलहाल राहत मिलने में वक्त लग रहा है, और करीब साढ़े चार लाख उपभोक्ताओं वाले नोएडा का मौजूदा ढांचा मांग के अनुरूप सप्लाई देने में अभी सक्षम नहीं दिख रहा।

शिकायत कैसे दर्ज कराएं

बिजली कटौती से जूझ रहे उपभोक्ता राष्ट्रीय बिजली हेल्पलाइन नंबर 1912 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा शिकायत आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर या यूपीपीसीएल के ट्विटर (एक्स) हैंडल पर भी दर्ज कराई जा सकती है। हालांकि कई उपभोक्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन और हेल्पलाइन पर शिकायत के बावजूद कई बार लंबे समय तक कोई जवाब नहीं मिलता, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ रही है।

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