घटिया निर्माण की कीमत चुकाई जान से, गौर सिटी और ग्रेनो वेस्ट की सोसायटियों में प्लास्टर गिरने का सिलसिला बेलगाम, एक की मौत, बिल्डर पर FIR

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हाई-राइज सोसायटियों में बार-बार होते हादसे, निवासियों का आक्रोश चरम पर, स्ट्रक्चरल ऑडिट की उठी मांग

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में हाई-राइज सोसायटियों के टावरों से प्लास्टर गिरने की घटनाएं अब केवल दुर्घटना नहीं, बल्कि बिल्डरों की आपराधिक लापरवाही का प्रमाण बन गई हैं। ताज़ा और सबसे दर्दनाक मामला शनिवार 6 जून 2026 को सामने आया, जब बिसरख थाना क्षेत्र स्थित अरिहंत अंबर सोसाइटी में बिल्डिंग का प्लास्टर टूटकर गिरने से 46 वर्षीय विकास चावला की मौत हो गई।

कैसे हुई मौत?

टावर डी-1507 में रहने वाले विकास चावला शनिवार शाम अपनी बाइक से सोसाइटी से बाहर जा रहे थे। इसी दौरान अचानक बिल्डिंग के बाहरी हिस्से से प्लास्टर का एक बड़ा टुकड़ा उनके ऊपर आ गिरा। ऊपर से प्लास्टर गिरने से उनकी बाइक डिसबैलेंस होकर गिर गई, जिससे उनका सिर दीवार के किनारे पर लग गया। हादसे में विकास गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और अन्य निवासियों ने बिना समय गंवाए उन्हें नजदीकी एक निजी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। विकास चावला निजी कंपनी में काम करते थे। परिवार में पत्नी, बच्चे और माता-पिता हैं।  मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

बिल्डर पर FIR, मेंटेनेंस इंचार्ज गिरफ्तार

रविवार को बिसरख कोतवाली पुलिस ने अरिहंत ग्रुप और सोसाइटी की मेंटेनेंस एजेंसी निंबस कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली। एसएसआई राजवीर सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेने के बाद पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मामले की जांच की जा रही है।

यह पहला मामला नहीं — गौर सिटी में भी बार-बार दोहराई जा रही है यही कहानी

गौरतलब है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट की गौर सिटी सोसायटियों में प्लास्टर गिरने की यह पहली घटना नहीं है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित गौर सिटी सोसायटी में प्लास्टर गिरने का एक मामला गौर सिटी की 5वीं एवेन्यू में देर रात सामने आया था, जब वहां पर सुरक्षाकर्मी मौजूद था। इस हादसे में सुरक्षाकर्मी बाल-बाल बच गया। इससे पहले गौर सिटी 2 की गैलेक्सी रॉयल सोसायटी में B टावर के पास सुबह 9:15 बजे के करीब प्लास्टर का टुकड़ा गिरा था, जो मेंटेनेंस ऑफिस के टीन शेड पर आकर गिरा। इस दौरान बहुत तेज आवाज हुई और निवासियों में डर का माहौल पैदा हुआ। ग्रेटर नोएडा व ग्रेटर नोएडा वेस्ट में घटिया निर्माण क्वालिटी के चलते प्लास्टर व छज्जा गिरने के कई मामले सामने आए हैं।

निवासियों का आक्रोश — “मोटी रकम दी, बदले में जान का खतरा मिला”

गैलेक्सी रॉयल सोसायटी में रहने वाले बलवंत सिंह ने बताया कि सोसायटी में प्लास्टर गिरने की घटना के बाद से लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि मोटी रकम देकर उन्होंने बिल्डर से फ्लैट खरीदा है, उसके बावजूद इस तरीके के हादसे हो रहे हैं। लोगों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट और नोएडा के हाई-राइज सोसायटियों में निवासियों का आरोप है कि बिल्डर की बड़ी लापरवाही और घटिया निर्माण के कारण लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है।

स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग — प्रशासन पर बढ़ा दबाव

निवासियों ने मांग की है कि सोसायटी का सुरक्षा ऑडिट होना चाहिए। इससे यह पता चलेगा कि सोसायटी में किसी तरीके की कोई तकनीकी खामी तो नहीं है। यदि खामी मिलती है तो उसमें सुधार किया जा सकता है। लोगों का कहना है कि सुरक्षा ऑडिट के बिना यहां रहना खतरे से खाली नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रेनो वेस्ट में पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में बहुमंजिला इमारतें खड़ी की गईं, लेकिन निर्माण सामग्री और तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई। नमी, बारिश और उम्र के साथ इन इमारतों की बाहरी दीवारों का प्लास्टर कमजोर होता जा रहा है, जो अब जानलेवा साबित हो रहा है।

सवाल उठता है — जब तक कोई और नहीं मरता, कार्रवाई क्यों नहीं?

विकास चावला की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और RERA के पास इन बिल्डरों पर लगाम कसने का कोई तंत्र नहीं है? निवासी मांग कर रहे हैं कि न केवल FIR, बल्कि सभी पुरानी सोसायटियों का तत्काल संरचनात्मक ऑडिट कराया जाए और दोषी बिल्डरों की संपत्ति कुर्क कर पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिलाया जाए।

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