देश की छवि को लेकर इंटरनेट पर दो धड़ों में बंटी राय, ट्रेन की पटरियों पर नृत्य की सुरक्षा पर भी उठे सवाल
वियतनाम की राजधानी हनोई स्थित विश्वप्रसिद्ध पर्यटन स्थल ‘ट्रेन स्ट्रीट’ पर भारतीय सैलानियों के एक समूह का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में भारतीय पर्यटकों का एक दल बॉलीवुड के मशहूर गाने ‘छैयां-छैयां’ की धुन पर रेलवे की पटरियों के बीच ठुमके लगाते हुए नजर आ रहा है। वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया पर जहाँ एक तरफ तीखी आलोचनाओं का दौर शुरू हो गया, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसे बेफिक्री और सांस्कृतिक उत्साह की मिसाल बताते हुए पर्यटकों के बचाव में भी उतर आए।
क्या है पूरा मामला?
हनोई की ‘ट्रेन स्ट्रीट’ जिसे स्थानीय भाषा में ‘Ngõ 224 Lê Duẩn’ के नाम से जाना जाता है वियतनाम की राजधानी के ओल्ड क्वार्टर में स्थित एक संकरी गली है। यह गली एक सक्रिय रेलमार्ग के दोनों ओर बसी है, जहाँ 1902 में फ्रांसीसियों द्वारा बिछाई गई पटरी पर आज भी प्रतिदिन कई बार ट्रेनें गुजरती हैं। पटरी के दोनों ओर घर और छोटे-छोटे कैफे हैं, जहाँ सैलानी चाय-कॉफी पीते हुए ट्रेन के गुजरने का रोमांचक अनुभव लेते हैं। इसी ऐतिहासिक और संवेदनशील स्थान पर भारतीय पर्यटकों के एक समूह ने बॉलीवुड के सुपरहिट गाने ‘छैयां-छैयां’ जो मूल रूप से 1998 की फिल्म ‘दिल से’ में ट्रेन की छत पर फिल्माया गया था की धुन पर जमकर नृत्य किया। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किए जाने के कुछ ही घंटों में लाखों व्यूज मिल गए और यह देखते ही देखते विवाद की चिंगारी बन गया।
सोशल मीडिया पर क्या बोले लोग?, वीडियो वायरल होते ही इंटरनेट दो धड़ों में बंट गया।
एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, “भारतीयों का एक समूह विदेश में इस तरह व्यवहार करता है और इसकी वजह से पूरे देश को नस्लभेद झेलना पड़ता है।” वहीं कुछ यूजर्स ने पर्यटकों का बचाव करते हुए कहा, “अगर मंच और जगह दी गई है तो वे मज़े कर रहे हैं। यह कोई स्कूल टूर नहीं है लोगों को खुद को अभिव्यक्त करने दीजिए, जब तक वे नियम नहीं तोड़ रहे।” एक अन्य ने यह भी जोड़ा कि “सोशल मीडिया का अपने ही लोगों को शर्मिंदा करने का जुनून इस वीडियो से ज़्यादा नुकसानदेह है।” आलोचकों का कहना था कि ‘ट्रेन स्ट्रीट’ जैसे संवेदनशील और खतरनाक स्थल पर ऐसा व्यवहार न केवल असभ्य है, बल्कि इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि पर भी बुरा असर पड़ता है।
ट्रेन स्ट्रीट — सुरम्य लेकिन खतरनाक
सुरक्षा संबंधी चिंताएं हाल के वर्षों में पर्यटन बढ़ने के साथ-साथ गंभीर होती गई हैं। ट्रेन चालकों ने ऐसे कई मामलों की जानकारी दी है जब उन्हें आपातकालीन ब्रेक लगाने पड़े, क्योंकि सैलानी चेतावनियों के बावजूद पटरी से नहीं हटे। 18 जून 2024 को एक वायरल वीडियो में एक महिला को फोटो खिंचवाने के लिए पटरी पर कूदते देखा गया, जिसे एक राहगीर ने बचाया। एक अन्य घटना में एक दक्षिण कोरियाई पर्यटक ट्रेन की चपेट में आने से बाल-बाल बचा। इन्हीं सुरक्षा खतरों को देखते हुए मार्च 2025 में हनोई पर्यटन विभाग ने ‘ट्रेन स्ट्रीट’ पर सभी संगठित ग्रुप टूर पर प्रतिबंध लगा दिया। 2026 तक यह स्थान केवल लाइसेंसधारी कैफे के माध्यम से व्यक्तिगत या छोटे समूहों की यात्रा के लिए ही उपलब्ध है।
यह कोई पहली घटना नहीं
यह विवाद केवल ‘ट्रेन स्ट्रीट’ तक सीमित नहीं है। हाल के महीनों में भारतीय पर्यटकों के विदेशों में व्यवहार को लेकर कई बार सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी है। हाल ही में एक और वायरल वीडियो में भारतीय सैलानियों का एक समूह वियतनाम के एक हवाई अड्डे पर खड़े विमान के ठीक बगल में, प्रतिबंधित टर्मैक पर गरबा करते हुए दिखा। एयरपोर्ट के ग्राउंड स्टाफ ने दौड़कर उन्हें रोका और गंभीर सुरक्षा खतरों का हवाला दिया। इसके अलावा, ऑस्ट्रिया के इन्सब्रुक में एक बड़े भारतीय पर्यटक समूह ने स्थानीय स्ट्रीट संगीतकारों पर गरबा बजाने का दबाव डाला, जिससे वहाँ नाराजगी फैल गई। वहीं दुबई के बुर्ज खलीफा की ऑब्जर्वेशन डेक पर भी सैलानियों के बड़े डांस सर्कल बनाने पर विवाद हुआ था।
‘छैयां-छैयां’ और ट्रेन का अनूठा संयोग
यह संयोग नहीं, बल्कि एक सुविचारित प्रतीकात्मक चुनाव प्रतीत होता है। ‘छैयां-छैयां’ गाना ही ट्रेन की छत पर फिल्माए जाने के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। ऐसे में ‘ट्रेन स्ट्रीट’ पर इसी गाने पर नाचना उस बॉलीवुड रोमांच को जीवंत करने की कोशिश मानी जा सकती है। लेकिन जानकारों का कहना है कि सिनेमाई कल्पना और वास्तविक ज़िंदगी की सीमाएं अलग होती हैं खासकर जब बात किसी सक्रिय रेलमार्ग की हो।
विशेषज्ञों की राय: ज़िम्मेदार पर्यटन की जरूरत
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि भारत से विदेश यात्रा करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन ‘जिम्मेदार पर्यटन’ (Responsible Tourism) की शिक्षा उतनी तेजी से नहीं फैल रही। स्थानीय नियम-कायदों का सम्मान, सार्वजनिक स्थलों पर मर्यादित आचरण और सुरक्षा नियमों का पालन — ये सब एक अच्छे पर्यटक की पहचान होते हैं। इस वायरल वीडियो ने जिम्मेदार पर्यटन, विदेश में सामाजिक आचरण और इंटरनेट की ‘कॉल-आउट कल्चर’ को लेकर एक बड़ी बहस को जन्म दिया है। जहाँ ज़्यादातर लोग मानते हैं कि मस्ती करना हर सैलानी का हक है, वहीं अनेक लोग इस बात पर भी ज़ोर देते हैं कि विदेशी सार्वजनिक स्थलों पर स्थानीय संवेदनशीलता का ध्यान रखना भी जरूरी है।
निष्कर्ष
‘ट्रेन स्ट्रीट’ पर ‘छैयां-छैयां’ की यह घटना न केवल एक वायरल वीडियो है, बल्कि यह उस बड़े सवाल को उठाती है — क्या हम जब विदेश जाते हैं, तो अपने देश की छवि का भी ख्याल रखते हैं? मनोरंजन और मर्यादा के बीच की यह बारीक रेखा हर भारतीय यात्री को याद रखनी चाहिए।

