ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में पिछले साल 21 अगस्त 2025 को सिरसा गांव में विवाहिता निक्की भाटी के घर में आग लगने से मृत्यु के बाद से घिरा विवाद एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। गांव के प्रबुद्ध नागरिकों और समाज के गणमान्यों की आपसी मध्यस्थता से कराई गई पंचायत में दोनों पक्षों मायके और ससुराल ने आपसी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। पंचायत के फैसले के अनुसार निक्की की बहन कंचन अब अपने ससुराल लौटेगी और निक्की के बच्चों के नाम व संपत्ति के हस्तांतरण को लेकर भी दोनों परिवारों ने सहमति व्यक्त की है। मामले का संक्षिप्त इतिहास बताते हुए स्थानीय लोगों ने बताया कि गत 21 अगस्त, 2025 को सिरसा गांव स्थित परिवारिक आवास में आग लगने से निक्की की मौत हो गई थी। निक्की के मायके के लोगों ने आरोप लगाया था कि यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या थी। पुलिस ने प्राथमिकी के बाद निक्की के पति विपिन भाटी, सास-ससुर व जेठ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिसके बाद मामला क्षेत्र में काफी चर्चा का विषय बना रहा।
पंचायत में क्या तय हुआ
प्रबुद्ध नागरिकों की पहल पर बुलायी गई पंचायत में दोनों पक्षों के बुजुर्गों, समाज के गणमान्य व्यक्तियों और प्रभावित परिवारों की उपस्थिति में लंबी वार्ता हुई। पंचायत के सूत्रों ने बताया कि चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि बच्चों के भविष्य और अधिकारों की रक्षा सर्वोपरि है। इसलिए समझौते में तय हुआ कि: निक्की की बहन कंचन अपने मायके से ससुराल लौटेगी।निक्की के बच्चों के नामों पर संपत्ति का प्रावधान किया जाएगा और आवश्यक कानूनी दस्तावेज़ों के माध्यम से संपत्ति हस्तांतरित की जाएगी।निक्की के परिवार द्वारा अदालत में शपथ पत्र दाखिल करकर मामला वापस लेने की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
सरकार और पुलिस की भूमिका
पंचायत के फैसले को दोनों पक्षों ने शांति-पूर्वक स्वीकार कर लिया है। क्षेत्र के पुलिस अधिकारीयों ने कहा कि कानून के दायरे में जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी, वह की जाएगी, परंतु जब तक मामला अदालत में है, आधिकारिक तौर पर कानूनी प्रक्रियाएँ जारी रहेंगी। वहीं, स्थानीय प्रशासन का कहना है कि सामुदायिक सुलह के साथ-साथ न्याय सुनिश्चित करने के लिए भी पहल की जाएगी ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी या दबाव न रहे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में इस फैसले को व्यापक चर्चा मिल रही है। कई लोगों ने पंचायत के निर्णय को सराहनीय बताया और कहा कि बच्चों के हित में यह एक समझदारी भरा कदम है। वहीं कुछ नागरिकों ने यह भी कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए घटना के वास्तविक कारणों की पहचान और न्यायिक समीक्षा भी आवश्यक है।
आगे की संभावना
पंचायत के साझा निर्णय के बाद निक्की के मायके वाले कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी करके अदालत में शपथ पत्र दाखिल करेंगे और मामला औपचारिक रूप से वापस लेने की दिशा में जाएगा। वहीं पुलिस के द्वारा पिछले गिरफ्तार आरोपियों के उपरायों पर क्या असर पड़ेगा, यह अदालत के निर्देशों और जांच के आधिकारिक रिकॉर्ड पर निर्भर करेगा।

