मुंबई से सटे मीरा रोड के पूनम एस्टेट क्लस्टर-1 (पूनम क्लस्टर सोसाइटी) में बकरीद (ईद-उल-अजहा) की तैयारियों के बीच सोमवार-मंगलवार को भारी हंगामा और तनाव व्याप्त रहा। कुर्बानी के लिए बकरों को सोसाइटी परिसर में लाकर अस्थायी शेड बनाने के मुद्दे पर स्थानीय निवासियों और हिंदू संगठनों के विरोध के बाद दो गुटों में झड़प हो गई। पुलिस को भारी बल तैनात करना पड़ा और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज तक की नौबत आई।
घटना का क्रम
घटना की शुरुआत तब हुई जब सोसाइटी के कुछ निवासियों ने बकरीद के लिए 25 से 60 बकरों को परिसर में लाकर अस्थायी शेड बांध लिया। अन्य निवासियों ने इसका कड़ा विरोध किया। उनका कहना था कि सोसाइटी के नियमों के मुताबिक परिसर के अंदर जानवर रखना या कुर्बानी देना वर्जित है। साथ ही, गंध और स्वच्छता को लेकर भी शिकायतें की गईं। हिंदू संगठनों (विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल) के कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया। शिकायत के आधार पर मीरा-भाईंदर नगर निगम (MBMC) की टीम ने शेड को ध्वस्त कर दिया। लेकिन देर शाम फिर से शेड बनाने की कोशिश की गई, जिसके बाद तनाव बढ़ गया। दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई, मारपीट और हाथापाई की घटनाएं हुईं। एक युवक पर ब्लेड से हमले का आरोप भी लगा है। प्रतिरोध में कुछ हिंदू कार्यकर्ता सूअर लेकर पहुंचे, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने सूअर को अपने कब्जे में लिया और दोनों पक्षों को शांत करने का प्रयास किया।
पुलिस की भूमिका
काशिमीरा पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची। भारी पुलिस बल तैनात कर कानून-व्यवस्था बनाए रखी गई। बकरों को सोसाइटी से बाहर निकाला गया। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है और स्थिति पर नजर रखे हुए है। फिलहाल इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात हैं।
निवासियों की प्रतिक्रिया
सोसाइटी के सदस्यों ने कहा कि नियमों का उल्लंघन हो रहा था। वे प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, बकरों को लाने वाले पक्ष का कहना है कि वे त्योहार की तैयारियां कर रहे थे और उनका अधिकारों का हनन किया जा रहा है। वीडियो में सोसाइटी के बाहर नारेबाजी, पुलिस का सुरक्षा घेरा और हंगामा साफ दिख रहा है। स्थानीय स्तर पर राजनीतिक दलों ने भी बयानबाजी शुरू कर दी है।
पृष्ठभूमि
बंबई हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवासीय इलाकों में पशु वध पर पाबंदी है। मीरा रोड क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों से ऐसे विवाद समय-समय पर उठते रहे हैं। इस बार बकरीद से ठीक पहले तनाव बढ़ गया है। प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। स्थिति सामान्य होने के बाद भी इलाके में सतर्कता बरती जा रही है। यह घटना धार्मिक संवेदनशीलता और सोसाइटी नियमों के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती को फिर से रेखांकित करती है। आगे की जांच जारी है।

