Noida faces a crackdown: मंत्री नंदी ने भ्रष्टाचार, बिल्डर बकाया और सफाई लापरवाही पर जताई नाराजगी, दिए सख्त निर्देश 

Noida faces a crackdown: उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने मंगलवार को लखनऊ के पिकप भवन (PICUP भवन) सभागार में नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (Noida Authority) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मंत्री ने नोएडा के विकास कार्यों, खासकर भ्रष्टाचार, बिल्डर-खरीदार विवाद, अवैध कब्जों, सफाई व्यवस्था और जल-सीवर रखरखाव में लापरवाही को लेकर गहरी नाराजगी जताई और अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।  बैठक में नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश (IAS), अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की विशेष सचिव प्रेरणा शर्मा, एसीईओ सतीश पाल, एसीईओ वंदना त्रिपाठी, वित्त नियंत्रक निजीलिंगप्पा और सिविल महाप्रबंधक एसपी सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

डिफाल्टर बिल्डरों पर सख्त एक्शन

मंत्री नंदी ने कहा कि आम लोग जीवन भर की कमाई लगाकर फ्लैट खरीदते हैं, लेकिन रजिस्ट्री न होने के कारण किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने अधूरी परियोजनाओं को जल्द पूरा करने और फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अमिताभ कांत समिति की रिपोर्ट के तहत 57 ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स दायरे में आए थे। इनमें से 36 बिल्डरों ने 25% बकाया जमा कर दिया है, लेकिन 6 बिल्डर अभी भी एक भी रुपया नहीं जमा कर पाए हैं। मंत्री ने इन बकायेदार बिल्डरों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। खासतौर पर सनसाइन इंफ्रा, महागुन, अंतरिक्ष डेवलपर्स और परफेक्ट एसोटेक जैसी कंपनियों पर नजर रखते हुए एक्शन सुनिश्चित करने को कहा गया।

9 साल से एक ही एजेंसी को सिविल कॉन्ट्रैक्ट का ‘खेल’

मंत्री नंदी इस बात पर सबसे ज्यादा भड़के कि नोएडा के जल विभाग द्वारा पिछले 9 वर्षों से जल आपूर्ति, सीवर और शौचालयों के रखरखाव का काम लगातार एक ही एजेंसी को दिया जा रहा है। उन्होंने सीईओ कृष्ण करुणेश को पूरा मामला जांचने और दोषी पाए जाने पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही पिछले वर्षों की सभी RFP (Request for Proposal) की जांच रिपोर्ट भी मांगी गई है।

सिंगल बिड आवंटन और अवैध कब्जों पर जीरो टॉलरेंस

मंत्री ने योजनाओं में केवल एक ही आवेदन (सिंगल बिड) आने पर भूखंड आवंटित किए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाया और ऐसे सभी आवंटनों की विस्तृत रिपोर्ट तलब की। अवैध कब्जों और अवैध निर्माण पर उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती और जवाबदेही तय की जाए। यदि इसके बावजूद किसी क्षेत्र में शिकायत आई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी।

किसानों के 5% भूखंड बैकलॉग 3 माह में पूरा

किसानों की समस्याओं पर संवेदनशीलता दिखाते हुए मंत्री ने अधिकारियों को किसानों के 5 प्रतिशत भूखंड के लंबित बैकलॉग को तीन महीने के अंदर हर हाल में पूरा करने की समयसीमा दी।

सफाई और हरियाली पर भारी पेनाल्टी

नोएडा के सभी 168 सेक्टरों की सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए मंत्री ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर भारी जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। उद्यान (हॉर्टिकल्चर) विभाग के 170 करोड़ रुपये के वार्षिक बजट पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इस राशि का असर पूरे नोएडा, खासकर औद्योगिक क्षेत्रों की हरियाली और सौंदर्यीकरण में दिखना चाहिए।

मंत्री का साफ संदेश

मंत्री नंदी ने बैठक में जोर देकर कहा कि प्रदेश सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के प्रति प्रतिबद्ध है। विकास कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे हों, सार्वजनिक शिकायतों का त्वरित निपटारा हो और किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह बैठक नोएडा को एक स्वच्छ, सुव्यवस्थित और निवेशक-अनुकूल शहर बनाने की दिशा में सरकार के सख्त रुख को दर्शाती है। अधिकारियों पर अब मंत्री के निर्देशों को अमली जामा पहनाने की जिम्मेदारी है, अन्यथा जवाबदेही तय की जाएगी।

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