Actress Twisha Sharma’s suspicious death: पोस्टमॉर्टम में मल्टीपल चोटें, फरार पति की अग्रिम जमानत खारिज, परिजन 8 दिन बाद भी डेडबॉडी लेने को तैयार नहीं

SIT जांच जारी, पासपोर्ट निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू; परिवार ने CM आवास के बाहर किया प्रदर्शन, सुप्रीम कोर्ट निगरानी में जांच की उठाई माँग

Actress Twisha Sharma’s suspicious death: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 33 वर्षीय मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा का शव 12 मई 2026 की रात कटारा हिल्स स्थित उनके ससुराल में फंदे से लटका मिला था। शादी के महज पाँच महीने के भीतर हुई इस संदिग्ध मौत ने अब राष्ट्रीय स्तर पर तूफान खड़ा कर दिया है। एक ओर जहाँ पुलिस की SIT जाँच जारी है, वहीं दूसरी ओर मृतका के परिजन और ससुराल पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।

कौन थीं ट्विशा शर्मा?

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा MBA ग्रेजुएट थीं। वह पेशे से अभिनेत्री और मॉडल थीं तथा फिल्म ‘मुग्गुरु मोनागल्लू’ (2021) और ‘जरा संभल के’ (2018) में नजर आ चुकी थीं। हाल ही में फिल्म ‘द गर्लफ्रेंड’ (2025) में अभिनेत्री रश्मिका मंदाना के साथ काम करने के बाद उन्हें काफी पहचान मिली थी। वह 2012 में ‘मिस पुणे’ भी रह चुकी थीं।  साल 2024 में एक डेटिंग ऐप के जरिए उनकी मुलाकात भोपाल के एडवोकेट समर्थ सिंह से हुई थी, जिसके बाद दिसंबर 2025 में दोनों की शादी हुई। समर्थ सिंह भोपाल की रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के बेटे हैं और पेशे से क्राइम के केस लड़ने वाले वकील हैं।

मौत की रात क्या हुआ?

बचाव पक्ष का दावा है कि 12 मई को ट्विशा पहले ब्यूटी पार्लर गई थीं और बाद में टहलने निकली थीं। घर लौटने के बाद परिवार ने उन्हें छत पर लोहे की रॉड से एक्सरसाइज बैंड के सहारे लटका हुआ पाया। परिवार का कहना है कि उन्हें बचाने की कोशिश की गई और बाद में एम्स भोपाल ले जाया गया। सीसीटीवी फुटेज में ट्विशा शर्मा को अस्पताल ले जाने से पहले उनका पति CPR देता दिखाई दे रहा है।

“मैं फँस गई हूँ…”: मौत से पहले के संदेश

मौत से पहले सामने आए ट्विशा के वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम चैट में उन्होंने खुद को ससुराल में ‘फंसा हुआ’ बताया था और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। इन चैट्स को कोर्ट ने महत्वपूर्ण साक्ष्य माना। मृतका ने अपनी माँ को मैसेज किया था  “आई एम ट्रैप्ड, मैं फँस गई हूँ और ये लोग मुझे जीने नहीं देंगे मम्मी।” मौत से ठीक पहले ट्विशा ने अपनी माँ को व्हाट्सएप पर मैसेज कर अपनी जिंदगी को ‘नरक’ बताया था और लिखा था कि उन्हें वहाँ बहुत घुटन हो रही है।

दहेज उत्पीड़न के गंभीर आरोप

परिवार का आरोप है कि शादी के महज 5 महीनों के भीतर ही ससुराल पक्ष ने ट्विशा की ₹20 लाख की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को अपने नाम ट्रांसफर करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया और उन्हें ‘बोझ’ कहकर प्रताड़ित किया। परिजनों के मुताबिक, शादी के महज 5 महीनों के भीतर ही मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के चलते ट्विशा का वजन 15 किलो तक घट गया था।

पोस्टमॉर्टम में मल्टीपल चोटें, जाँच पर सवाल

एम्स भोपाल की शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर कई चोटों के निशान पाए गए हैं। परिजनों ने आरोप लगाया कि पोस्टमॉर्टम की शुरुआती रिपोर्ट में मौत की वजह फाँसी बताई गई, लेकिन शरीर पर कई चोटों के निशान मिले हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पोस्टमॉर्टम के समय ‘फाँसी वाला बेल्ट’ न भेजने वाले जाँच अधिकारी की भूमिका की भी अलग से जाँच की जा रही है।

FIR दर्ज होने में तीन दिन की देरी

ट्विशा की माँ रेखा शर्मा ने समर्थ सिंह और उनकी माँ की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की है। परिजनों का आरोप है कि एफआईआर दर्ज कराने में भी उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। उनका कहना है कि महिला पुलिस थाने ने शुरू में जीरो एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया था और काफी दबाव के बाद 15 मई की रात मामला दर्ज किया गया।

अग्रिम जमानत खारिज, पासपोर्ट निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू

सत्र न्यायालय की जज पल्लवी द्विवेदी ने समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि गवाहों के बयान, एफआईआर और पेश किए गए व्हाट्सएप चैट मुख्य रूप से समर्थ सिंह की ओर इशारा करते हैं। अदालत ने माना कि जाँच की स्थिति और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत देना उचित नहीं होगा।  जमानत याचिका खारिज होने के बाद भोपाल पुलिस ने फरार समर्थ सिंह की गिरफ्तारी पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित कर दिया है और उसके पासपोर्ट को रद्द करने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

CM आवास के बाहर प्रदर्शन, राज्यपाल से हस्तक्षेप की माँग

रविवार को ट्विशा का परिवार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास के बाहर प्रदर्शन करने पहुँचा। परिवार कई घंटों तक वहाँ डटा रहा और सीधे मुख्यमंत्री से मिलने की माँग करता रहा। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने अब मध्य प्रदेश के राज्यपाल से हस्तक्षेप की माँग की है। उन्होंने माँग की कि जाँच पूरी होने तक गिरिबाला सिंह को उनके पद से हटाया या निलंबित किया जाए।  परिवार को SIT जाँच पर भरोसा नहीं है और वे सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जाँच चाहते हैं।

सास का पक्ष: “सेंसेशन फैलाने की कोशिश”

रिटायर्ड जज और मृतका की सास गिरिबाला सिंह, जिन्हें अग्रिम जमानत मिल चुकी है, पहली बार मीडिया के सामने आईं। ससुराल पक्ष के वकील इनोश जॉर्ज कार्लो ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दहेज और हत्या के आरोप झूठे हैं। उन्होंने दावा किया कि समर्थ की ओर से ट्विशा के खाते में 8 लाख रुपये यूपीआई से भेजे गए थे। सास ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह केवल सनसनी फैलाने के इरादे से तैयार की गई है।

8 दिन बाद भी अंतिम संस्कार नहीं

मौत के 8 दिन बाद भी ट्विशा के परिजन डेडबॉडी लेने और अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हैं। परिवार की माँग है कि दोबारा पोस्टमॉर्टम दिल्ली एम्स में कराया जाए। परिवार का आरोप है कि भोपाल एम्स में ससुराल पक्ष से जुड़े लोग पदस्थ हैं, इसलिए उन्हें यहाँ की जाँच पर भरोसा नहीं है।

SIT जाँच जारी, 6 टीमें फरार पति की तलाश में

मामले की जाँच के लिए छह सदस्यीय विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया गया है। फरार पति समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 6 अलग-अलग टीमें लगाई हैं जो लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। समर्थ के मोबाइल फोन बंद हैं और पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश कर रही है। यह मामला अब केवल एक संदिग्ध मौत का नहीं रहा बल्कि यह दहेज प्रताड़ना, न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रभावशाली परिवारों के सामने आम नागरिक के न्याय के संघर्ष का प्रतीक बन गया है। जाँच एजेंसियों पर देश की निगाहें टिकी हैं।

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