ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यमुना प्राधिकरण) क्षेत्र के सेक्टर-33 से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक निर्माणाधीन कंपनी में काम कर रहे ठेकेदारों के साथ दबंगों द्वारा मारपीट और अवैध वसूली (रंगदारी) के लिए दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में तत्परता दिखाते हुए स्थानीय पुलिस ने मुख्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-33 में ‘कैंट आरोप’ (Kent RO) कंपनी का निर्माण कार्य चल रहा है। आरोप है कि क्षेत्र के कुछ दबंग लोग यहाँ चल रहे निर्माण कार्य में व्यवधान पैदा कर रहे हैं और काम कर रहे ठेकेदारों पर अवैध वसूली (लेवी/रंगदारी) के लिए लगातार दबाव बना रहे थे। बात न मानने पर ठेकेदारों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की वारदात को अंजाम दिया गया।
काम को लेकर हुआ विवाद और मारपीट
पुलिस मीडिया सेल से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह घटना 16 मई 2026 की है। थाना रबूपुरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली इस साइट पर दो पक्षों के बीच काम करने और वर्चस्व को लेकर विवाद शुरू हुआ, जिसने बाद में हिंसक रूप ले लिया।
इस मामले में दो पक्ष शामिल थे:
- प्रथम पक्ष: प्रदीप नागर (वादी)
- द्वितीय पक्ष: दानिस, रवि भाटी, प्रदीप भाटी और धुपा भाटी
दोनों पक्षों के बीच छिड़े इस विवाद में द्वितीय पक्ष के लोगों ने प्रथम पक्ष के प्रदीप नागर और उनके साथियों के साथ जमकर मारपीट की।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दो अभियुक्त गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही थाना रबूपुरा पुलिस तुरंत एक्शन में आई। पुलिस ने पीड़ित ठेकेदार प्रदीप नागर की तहरीर (शिकायत) के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज (अभियोग पंजीकृत) कर लिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और नामजद 02 मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम निम्नलिखित हैं:
- रवि भाटी
- प्रदीप भाटी
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
पुलिस प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में किसी भी तरह की गुंडागर्दी या अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मामले के दो आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि घटना में शामिल अन्य आरोपियों (दानिस और धुपा भाटी) की तलाश और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस द्वारा आगे की आवश्यक वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। इस घटना के बाद से निर्माणाधीन साइटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय ठेकेदारों ने पुलिस से गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

