ट्रंप-शी जिनपिंग शिखर सम्मेलन, बीजिंग में उच्च-स्तरीय वार्ता, ईरान युद्ध और ताइवान पर तनाव के बीच ‘साझेदारी’ का संदेश 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में दो दिवसीय उच्च-स्तरीय शिखर सम्मेलन शुरू हो गया है। ईरान के साथ चल रहे युद्ध, व्यापार असंतुलन, ताइवान मुद्दे और वैश्विक स्थिरता जैसे संवेदनशील विषयों पर दोनों नेताओं के बीच गहन चर्चा हो रही है। इस दौरान शी जिनपिंग ने राज्य भोज में कहा कि “चीन का पुनरुत्थान और MAGA (Make America Great Again) एक साथ चल सकते हैं”।

ट्रंप के बीजिंग पहुंचने पर भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया, जिसमें सम्मान गार्ड, झंडे और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल थे। ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में दोनों नेताओं ने हाथ मिलाए और सकारात्मक टोन में शुरुआत की। ट्रंप ने शी को “महान नेता” बताया और कहा, “हमारा रिश्ता शानदार रहा है। जब मुश्किलें आईं, हमने उन्हें सुलझाया।” उन्होंने दोनों देशों के बीच आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को और गहरा करने पर जोर दिया।

शी जिनपिंग ने जवाब में कहा, “चीन और अमेरिका दोनों को सहयोग से लाभ होगा और टकराव से नुकसान। हमें प्रतिद्वंद्वी नहीं, साझेदार बनना चाहिए।” उन्होंने ताइवान को चीन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए चेतावनी दी कि यदि इस मुद्दे को गलत तरीके से संभाला गया तो “संघर्ष” पैदा हो सकता है। ट्रंप प्रशासन ताइवान को हथियार बिक्री पर चर्चा करने को तैयार दिखा, जो बीजिंग के लिए संवेदनशील विषय है।

ईरान युद्ध की छाया

सम्मेलन पर ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल युद्ध की छाया साफ दिख रही है, जो तीन महीने से अधिक समय से चल रहा है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने इस युद्ध का फायदा उठाते हुए सैन्य, आर्थिक और कूटनीतिक क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत की है। चीन ईरानी तेल खरीद रहा है और कुछ कंपनियों के जरिए ईरान को सप्लाई पहुंचाने का आरोप भी है।  अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ट्रंप शी से ईरान पर दबाव बनाने और हार्मुज की खाड़ी खोलने के लिए कहेंगे। चीन ईरान का प्रमुख तेल खरीदार है, इसलिए उसके पास लेवरेज है। ट्रंप ने कहा, “हम ईरान को या तो डील करने के लिए मजबूर करेंगे या उसे तबाह कर देंगे।”

व्यापार, टेक्नोलॉजी और MAGA-चाइना रीजनरेशन

शी जिनपिंग के राज्य भोज में दिए गए बयान ने ध्यान खींचा, जिसमें उन्होंने चीन के राष्ट्रीय पुनरुत्थान (Rejuvenation of China) और ट्रंप की MAGA विजन को एक साथ चलने की बात कही। इससे दोनों पक्षों के बीच सहयोग की संभावना का संकेत मिलता है। ट्रंप के साथ एलन मस्क (टेस्ला), टिम कुक (ऐपल), जेन्सन हुआंग (एनवीडिया) समेत प्रमुख सीईओ आए हैं, जो व्यापार सौदों पर जोर दे रहे हैं। एयरोस्पेस, कृषि और ऊर्जा क्षेत्रों में खरीद समझौतों पर फोकस है।  ट्रंप ने चीनी अर्थव्यवस्था को “खोलने” की अपील की और पारस्परिक व्यापार पर जोर दिया। दोनों पक्ष AI, टेक्नोलॉजी और महत्वपूर्ण खनिजों पर भी चर्चा कर रहे हैं।

वैश्विक प्रभाव

यह सम्मेलन दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच संबंधों को नई दिशा दे सकता है। ईरान युद्ध से वैश्विक ऊर्जा कीमतें बढ़ी हैं और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। चीन ने युद्ध को “अवैध” बताते हुए कूटनीतिक अभियान चलाया है, जबकि अमेरिका चीन से ईरान समर्थन रोकने की मांग कर रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, दोनों नेता घरेलू दबावों के बीच स्थिरता बनाए रखना चाहते हैं। ट्रंप व्यापार सौदों और “जीत” चाहते हैं, जबकि शी ताइवान और आर्थिक विकास पर फोकस कर रहे हैं। सम्मेलन के बाद राज्य भोज और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आगे की चर्चा होगी। यह स्थिति तेजी से विकसित हो रही है। दोनों पक्षों ने समानता, सम्मान और mutual benefit के आधार पर सहयोग बढ़ाने का संकल्प जताया है, लेकिन ताइवान और ईरान जैसे मुद्दों पर गहरी असहमतियां बनी हुई हैं।

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