दिल्ली पुलिस में बड़ा उलटफेर, कानून-व्यवस्था, क्राइम और ट्रैफिक विंग को मिले नए मुखिया; LG संदू के आदेश पर 9 स्पेशल CP का तबादला

गृह मंत्रालय और एलजी की मंजूरी के बाद तत्काल प्रभाव से लागू हुए आदेश, राजधानी में बढ़ते अपराध और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों के बीच शीर्ष नेतृत्व में आमूल-चूल बदलाव, राजधानी दिल्ली की पुलिस में एक बड़े और व्यापक प्रशासनिक फेरबदल के तहत दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की तैनाती में आमूल-चूल बदलाव का आदेश दिया है। एलजी ने पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिश पर यह फैसला लिया, जिसके तहत नौ स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (स्पेशल CP) को कानून-व्यवस्था, अपराध, खुफिया, यातायात और सुरक्षा जैसी प्रमुख शाखाओं में तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रधान सचिव (गृह) संतोष डी. वैद्य द्वारा जारी इस आदेश को दिल्ली पुलिस की कमान संरचना में शीर्ष स्तर पर व्यापक पुनर्गठन के रूप में देखा जा रहा है।

कौन गया, कौन आया — जानिए पूरी तस्वीर

फेरबदल के तहत 1994 बैच के स्पेशल CP नीरज ठाकुर को ट्रैफिक विभाग से हटाकर स्पेशल CP कानून-व्यवस्था (जोन-2) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं 1995 बैच के देवेश चंद्र श्रीवास्तव, जो इससे पहले स्पेशल CP क्राइम के पद पर थे, को स्पेशल CP कानून-व्यवस्था (जोन-1) नियुक्त किया गया है। हरगोबिंद सिंह धालीवाल (1997 बैच) को स्पेशल CP क्राइम के साथ-साथ परसेप्शन मैनेजमेंट एवं मीडिया सेल और कानूनी प्रभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। 1996 बैच के मनीष कुमार अग्रवाल को खुफिया विभाग से हटाकर स्पेशल CP ट्रैफिक बनाया गया है, जबकि 1998 बैच के के. जगदीसन को प्रोटेक्टिव सिक्योरिटी डिवीजन से स्थानांतरित कर स्पेशल CP इंटेलिजेंस की जिम्मेदारी दी गई है। 1996 बैच के अजय चौधरी, जो पहले विजिलेंस डिवीजन देख रहे थे, को प्रोटेक्टिव सिक्योरिटी डिवीजन भेजा गया है। 1997 बैच के अतुल कतियार को वेलफेयर डिवीजन से स्पेशल CP विजिलेंस की भूमिका में प्रोन्नत किया गया है। इसी तरह 1997 बैच के विजय कुमार को आर्म्ड पुलिस से पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेफ्टी डिवीजन में तैनात किया गया है।

धालीवाल की ‘घर वापसी’ — अपराध से लड़ाई को नई धार

1997 बैच के आईपीएस अधिकारी हरगोबिंद सिंह धालीवाल, जो अंडमान-निकोबार में डीजीपी के पद पर तैनात थे, को गृह मंत्रालय ने वापस दिल्ली बुला लिया है। धालीवाल को हाई-प्रोफाइल मामलों को सुलझाने और आतंकवाद-रोधी अभियानों का माहिर माना जाता है। उनकी क्राइम विंग में वापसी से दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और अपराध शाखा को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

पुराना खालीपन, नई नियुक्तियां — क्यों थी जरूरत?

हालिया फेरबदल से पहले दिल्ली पुलिस में कानून-व्यवस्था विंग में बड़ा खालीपन बन गया था। रवींद्र यादव का तबादला होने और मधुप कुमार तिवारी को अरुणाचल प्रदेश भेजे जाने के बाद स्पेशल CP कानून-व्यवस्था के दोनों महत्वपूर्ण पद एकसाथ रिक्त हो गए थे। इस स्थिति में गृह मंत्रालय पर तत्काल नियुक्तियों का दबाव था। जुलाई 2025, अक्टूबर 2025 और मार्च 2026 में हुए कई फेरबदलों के बावजूद, रवींद्र यादव और मधुप कुमार तिवारी जैसे अधिकारी 2024 से अपने पदों पर बने हुए थे। अब एक साथ इतने बड़े बदलाव को विभागीय सूत्र “लंबे समय से प्रतीक्षित पुनर्संरचना” बता रहे हैं।

मार्च में भी हुआ था बड़ा फेरबदल

इससे पहले मार्च 2026 में भी दिल्ली पुलिस में व्यापक प्रशासनिक बदलाव किए गए थे। एलजी की मंजूरी से जारी आदेश में 50 IPS और 20 DANIPS अधिकारियों के तबादले तत्काल प्रभाव से किए गए थे, जिसमें स्पेशल कमिश्नर, ज्वाइंट कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर और डीसीपी स्तर तक के अधिकारी शामिल थे। इस फेरबदल ने जिला पुलिसिंग, अपराध, यातायात, सुरक्षा और विशेष इकाइयों को प्रभावित किया था।

ट्रैफिक में भी सख्ती, नए नियम लागू

पुलिस नेतृत्व में बदलाव के साथ-साथ राजधानी में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी नई कार्ययोजना सामने आई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वयं घोषणा करते हुए दिल्ली के ट्रैफिक नियमों को और सख्त बनाने का ऐलान किया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग अब ‘स्मार्ट मॉनिटरिंग’ पर जोर दे रहे हैं ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगाम कसी जा सके। नए नियमों के मुताबिक वाहन मालिक के लिए चालान जारी होने के 45 दिनों के भीतर उसका निपटारा करना अनिवार्य कर दिया गया है।

चुनौतियां जिनसे पार पाना है नए मुखियाओं को

यह फेरबदल ऐसे समय हो रहा है जब राजधानी में कानून-व्यवस्था में गड़बड़ी, सुरक्षा उल्लंघन, फायरिंग की घटनाओं और संगठित अपराध को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। इन हालात ने उन्नत पुलिसिंग रणनीतियों और नेतृत्व पुनर्गठन की आवश्यकता को और पुख्ता किया है। पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा के नेतृत्व में अब नई टीम के सामने दिल्ली को अपराध-मुक्त, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने की बड़ी जिम्मेदारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अनुभवी और कार्यकुशल अधिकारियों की इस नई तैनाती से राजधानी की पुलिसिंग को नई दिशा और गति मिलेगी।​​​​​​​​​​​​​​​​

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