आप के कैबिनेट मंत्री को ED ने किया गिरफ्तार, मनी लॉन्ड्रिंग व जीएसटी धोखाधड़ी के मामले में छापेमारी के बाद कार्रवाई

पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। ED की यह कार्रवाई चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास में लगभग सात घंटे तक चली लंबी छापेमारी और पूछताछ के बाद की गई।

मामले की बुनियाद

अधिकारियों के अनुसार, ED संजीव अरोड़ा के खिलाफ एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग और जीएसटी धोखाधड़ी के मामले की जांच कर रही है, जिसमें लगभग 150–157 करोड़ रुपये की रकम शामिल बताई जा रही है। एजेंसी का आरोप है कि अरोड़ा की कंपनियों के माध्यम से नकली जीएसटी इनपुट, फर्जी खरीद–बिक्री रिकॉर्ड और घुमाए–फिराए पैसे के जरिए बड़े पैमाने पर धन शोधन किया गया। इससे पहले अप्रैल 2026 में ED ने विदेशी विनिमय प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत अरोड़ा और उनसे जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें यूएई से राउंड‑ट्रिपिंग फंड और अवैध बेटिंग सिंडिकेट से जुड़े लेन‑देन की संभावना की जांच शामिल थी।

छापेमारी और गिरफ्तारी

ED की टीम ने शनिवार सुबह चंडीगढ़ स्थित संजीव अरोड़ा के आधिकारिक आवास, लुधियाना और गुड़गांव के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। बाद में उन्हें जांच एजेन्सी के चंडीगढ़ कार्यालय में ले जाकर लंबी पूछताछ की गई, जिसके बाद रात के समय औपचारिक रूप से गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। सूत्रों का कहना है कि इस जांच में अरोड़ा के परिवार और व्यावसायिक साझेदारों के भी कई ठिकानों से दस्तावेज, कंप्यूटर और डिजिटल डेटा जब्त किए गए हैं। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि उनके पुत्र कव्या अरोड़ा को भी कुछ समय तक हिरासत में रखा गया था, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

राजनीतिक चुनौतियां और AAP की प्रतिक्रिया

ED की यह कार्रवाई पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और AAP के लिए नई राजनीतिक चुनौती खड़ी करती है, खासकर क्योंकि यह हाल के महीनों में पंजाब के AAP नेतृत्व के खिलाफ ED की दूसरी बड़ी कार्रवाई है। AAP ने अभी तक इस कदम को “राजनीतिक प्रतिशोध” बताते हुए ED की जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि राज्य सरकार के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों को दुरुपयोग किया जा रहा है। इसके बावजूद, ED के अधिकारियों ने बताया कि यह मामला Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के आपराधिक प्रावधानों के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है और अगले 24–48 घंटों के भीतर अरोड़ा को अदालत में पेश कर गिरफ्तारी को वैध कराने के प्रयास किए जाएंगे।

राज्य और केंद्रीय स्तर पर प्रभाव

संजीव अरोड़ा पंजाब सरकार में बिजली, उद्योग, निवेश प्रोत्साहन और स्थानीय निकाय जैसे अहम विभागों के प्रभारी मंत्री थे, इसलिए उनकी गिरफ्तारी से राज्य के नीति‑निर्माण और औद्योगिक निवेश पर तत्काल प्रभाव देखने को मिल सकता है। दूसरी ओर, यह मामला केंद्रीय जांच एजेंसियों की राज्य सरकारों के खिलाफ बढ़ती कार्रवाई की चर्चा को और गहरा करेगा, जिस पर राज्य और केंद्र के बीच राजनीतिक टकराव और तीखा हो सकता है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार कैबिनेट में अरोड़ा के कार्यभार को कब और किसे सौंपेगी, लेकिन हाल के दिनों में बड़ी छापेमारी और गिरफ्तारी के बाद मंत्रालय में प्रशासनिक गतिविधियों का अस्थायी रूप से अटकना तय माना जा रहा है।

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