रूस-यूक्रेन युद्ध में एक नया मोड़ आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की कि 9 मई (शनिवार) से 11 मई (सोमवार) तक तीन दिनों का युद्धविराम लागू रहेगा, जिसके दौरान सभी सैन्य गतिविधियाँ रोकी जाएंगी और दोनों देश एक-एक हजार युद्धबंदियों को रिहा करेंगे। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा “उम्मीद है यह एक लंबे, भीषण और खूनी युद्ध के अंत की शुरुआत होगी।”
विजय दिवस की पृष्ठभूमि में युद्धविराम की कवायद
यह युद्धविराम रूस के सबसे महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व ‘विजय दिवस’ (9 मई) की पृष्ठभूमि में घोषित किया गया है, जो द्वितीय विश्वयुद्ध में नाजी जर्मनी पर सोवियत संघ की जीत की याद में मनाया जाता है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन और ट्रंप के बीच हुई हालिया टेलीफोन वार्ता के बाद यह सहमति बनी, जिसमें दोनों नेताओं ने द्वितीय विश्वयुद्ध में मित्र राष्ट्रों की भूमिका और विजय दिवस के दौरान युद्धविराम की संभावना पर चर्चा की। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदीमीर ज़ेलेंस्की ने ट्रंप का आभार जताते हुए कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि रूस इन समझौतों का पालन करे।”
इससे पहले टूट चुके थे ‘प्रतिस्पर्धी युद्धविराम’
ट्रंप की इस घोषणा से पहले दोनों देशों ने अलग-अलग एकतरफा युद्धविरामों का ऐलान किया था और दोनों ही ध्वस्त हो गए। रूस ने 8-9 मई के बीच एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की थी और धमकी दी थी कि यदि यूक्रेन ने उल्लंघन किया तो कीव पर भीषण मिसाइल हमले किए जाएंगे। दूसरी तरफ यूक्रेन ने 6 मई की मध्यरात्रि से अपना युद्धविराम लागू करने की घोषणा की, लेकिन यह कुछ घंटों में ही टूट गया — रूस ने रात भर में 108 लड़ाकू ड्रोन और तीन मिसाइलें दागीं, जिससे खार्कीव सहित कई बड़े शहर प्रभावित हुए। यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूसी सेना ने रातोंरात 140 से अधिक हमले, 10 बड़े आक्रमण और 850 से ज्यादा ड्रोन हमले किए। उन्होंने इस युद्धविराम को “बेकार” करार दिया।
मॉस्को परेड — पहली बार टैंक और मिसाइलें गायब
इस साल के विजय दिवस की परेड भी अपने आप में ऐतिहासिक रही। पहली बार मॉस्को के प्रतिष्ठित रेड स्क्वेयर पर आयोजित परेड में बख्तरबंद वाहन, टैंक और मिसाइल वाहक अनुपस्थित रहे। रूसी अधिकारियों ने इसे “परिचालन स्थिति” और “आतंकवादी खतरों” का हवाला देते हुए उचित ठहराया। ज़ेलेंस्की ने इसे रूस की कमजोरी का सबूत बताया। उन्होंने कहा, “रूस ने बिना सैन्य उपकरण के परेड की — यह पहली बार हुआ है। वे सैन्य सामान वहन नहीं कर सकते और उन्हें डर है कि ड्रोन रेड स्क्वेयर के ऊपर मंडरा सकते हैं।” पिछले साल इस परेड में 29 देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए थे, जिनमें चीन के शी जिनपिंग और ब्राजील के लूला भी थे। इस साल केवल मुट्ठी भर नेताओं की उपस्थिति की उम्मीद थी।
ज़ेलेंस्की का रूस पर तीखा प्रहार
ज़ेलेंस्की ने रूस पर कटाक्ष करते हुए कहा, “रूसी नेता सिर्फ परेड के लिए एक घंटे की शांति चाहते हैं — साल में एक बार चौक पर सुरक्षित निकलना चाहते हैं — और फिर हमारे लोगों को मारते रहना चाहते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन ने रूसी हमलों के जवाब में यारोस्लाव (रूस के भीतर) स्थित एक तेल सुविधा पर दूरगामी हमला किया।
आगे क्या?
ज़ेलेंस्की ने यूरोपीय राजनीतिक समुदाय (EPC) की येरेवान बैठक में कहा, “यह गर्मी वह क्षण होगी जब पुतिन तय करेंगे — युद्ध बढ़ाना है या कूटनीति की राह लेनी है। हमें उन्हें कूटनीति की दिशा में धकेलना होगा।” फिलहाल 9 से 11 मई तक ट्रंप-प्रायोजित युद्धविराम लागू है, लेकिन इससे पहले के अनुभव बताते हैं कि जमीनी हकीकत घोषणाओं से बहुत अलग रहती है। दुनिया की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह तीन दिवसीय विराम किसी स्थायी शांति की दिशा में पहला कदम बन सकता है।
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