खालिस्तानी आ गए ओए, दिलजीत दोसांझ बोले भारत और विदेश दोनों तरफ से निशाना

पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ ने अपने एडमॉन्टन कॉन्सर्ट के दौरान खुलकर उन आलोचनाओं का जवाब दिया, जो उन्हें भारत और विदेश दोनों जगह झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने मंच पर चुटकी लेते हुए कहा, “भारत जाओ तो ‘खालिस्तानी आ गया ओए’ चिल्लाते हैं, यहां आओ तो कुछ और बोलते हैं। दोनों तरफ से गालियां पड़ती हैं।”

कॉन्सर्ट में दिलजीत का भावुक संबोधन

दिलजीत ने अपने ऑरा वर्ल्ड टूर के एडमॉन्टन स्टॉप (2 मई) पर एक बच्चे के “पंजाबी आ गए ओए” चैंट के बाद ये बात कही। उन्होंने साफ किया कि वे सिर्फ पंजाब का प्रचार करते हैं और किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते। “मुझे सिर्फ प्यार बांटना आता है, सही रास्ते पर हूं,” उन्होंने दर्शकों के जोरदार तालियों के बीच जोड़ा। कैलगरी कॉन्सर्ट (30 अप्रैल) में भी खालिस्तानी झंडे लहराने वाले प्रदर्शनकारियों पर उन्होंने नरमी बरती। “जितने झंडे दिखाने हैं दिखाओ, लेकिन मैं पंजाब को दुनिया भर में गर्व महसूस कराऊंगा,” कहा, जिमी फॉलन शो का जिक्र करते हुए जहां उन्होंने गुरु नानक जहाज त्रासदी का जिक्र किया था।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज

दिलजीत के बयान पर राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। बीजेपी प्रवक्ताओं ने उन्हें “खालिस्तानी समर्थक” करार देते हुए किसान आंदोलन (2020-21) के पुराने समर्थन को फिर से उछाला, जबकि AAP और कांग्रेस ने कहा कि यह “राजनीतिक साजिश” है। पंजाब के सीएम भगवंत मान ने ट्वीट कर समर्थन दिया: “दिलजीत पंजाब का गौरव है, आलोचना करने वाले जलने वाले हैं।” विपक्षी नेता ने कहा, “दिलजीत को भारत विरोधी ताकतें निशाना बना रही हैं, सरकार सुरक्षा सुनिश्चित करे।” कनाडा में भारतीय दूतावास ने भी चुप्पी साधी, लेकिन खालिस्तानी प्रदर्शनों को “शांतिपूर्ण” बताते हुए नजरअंदाज करने की कोशिश की।

जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर फैंस दिलजीत के साथ खड़े दिखे। #StandWithDiljit ट्रेंड कर रहा है, जहां यूजर्स लिख रहे हैं, “वो पंजाब का ब्रांड एम्बेसडर है, राजनीति मत घुसाओ।” वहीं कुछ यूजर्स ने ट्रोल किया, “कोचेला से खालिस्तान तक का सफर?” पंजाब के युवाओं ने कहा,  “दिलजीत हमें ग्लोबल स्टेज दे रहे हैं, विरोधी जल रहे हैं।” इंदौर कॉन्सर्ट से पहले मिले धमकियों के बाद भी उन्होंने राहत इंदोरी का शेर पढ़ा था: “किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है।” जनता में यह बयान वायरल हो गया।

पुराना विवाद फिर उफान पर

यह पहला मौका नहीं। वैंकूवर (अप्रैल 2026) में भी खालिस्तानी समर्थकों ने हंगामा किया था। दिलजीत ने हमेशा इनकार किया कि वे अलगाववाद का समर्थन करते हैं। पीएम मोदी से उनकी मुलाकात के बाद भी विवाद थमा नहीं। अब ऑरा टूर के दौरान ये घटनाएं राजनीति को हवा दे रही हैं।

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