बरगी डैम में क्रूज हादसा: 9 की मौत, 28 बचाए गए, सेना-एनडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी; मां-बेटे का भावुक दृश्य देखकर रो पड़े गोताखोर 

बरगी डैम में क्रूज हादसा: मध्य प्रदेश के जबलपुर में नर्मदा नदी के बरगी डैम बैकवॉटर में पर्यटकों से भरा एक क्रूज बोट गुरुवार शाम अचानक तेज तूफान और हवाओं (40-70 किमी प्रति घंटा) के कारण पलट गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 28 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। कुछ लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं और भारतीय सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा अन्य विशेष टीमों का रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी रात और शुक्रवार सुबह भी युद्धस्तर पर जारी है। क्रूज करीब 20 फीट पानी में डूबा हुआ है, जिसे हाइड्रॉलिक क्रेन की मदद से निकालने की कोशिश की जा रही है।

हादसा तब हुआ जब मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा संचालित यह क्रूज बोट खमरिया द्वीप के पास सैर करा रही थी। इसमें लगभग 29-31 पर्यटक और 2 क्रू सदस्य सवार थे। अचानक मौसम बिगड़ा, तेज हवाएं चलीं और पानी क्रूज में घुसने लगा। यात्री बताते हैं कि लाइफ जैकेट डूबने के समय बांटे गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई। क्रूज कुछ सौ मीटर दूर किनारे से ही पलट गया। IMD ने येलो अलर्ट जारी किया था, लेकिन क्या सावधानियां बरती गईं, इसकी जांच हो रही है।

रेस्क्यू ऑपरेशन की चुनौतियां बहुत बड़ी हैं। रात में बारिश और कम रोशनी के कारण दृश्यता बेहद कम थी। शुक्रवार सुबह सेना के गोताखोरों, हैदराबाद से आई विशेष टीम और हेलीकॉप्टर तथा कोलकाता से पहुंची पैरामिलिट्री टीम ने मोर्चा संभाला। क्रूज अब 20 फीट गहरे पानी में फंसा है। गोताखोरों ने बताया कि अंदर टूटे-फूटे ढांचे, लोहे की छड़ें और संकरी जगहों के बीच शव फंसे हुए हैं।

सबसे हृदयविदारक दृश्य तब सामने आया जब एक मां का शव अपने 4 वर्षीय बेटे को छाती से चिपकाए हुए मिला। दोनों लाइफ जैकेट में थे, लेकिन मौत ने उन्हें नहीं बख्शा। मां ने आखिरी सांस तक बच्चे को नहीं छोड़ा। यह तस्वीर पूरे रेस्क्यू टीम को झकझोर गई। सोशल मीडिया पर यह दृश्य तेजी से वायरल हो रहा है और लोग मां की ममता को सलाम कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “दिल को झकझोर देने वाली तस्वीर… ममता की ये करुणा अमर हो गई।”

आम जनता की प्रतिक्रियाएं:

जबलपुर और पूरे मध्य प्रदेश में शोक की लहर है। स्थानीय लोग रेस्क्यू में मदद के लिए पहुंचे और कुछ ने अपनी नावों से भी सहयोग किया। सोशल मीडिया पर गुस्सा साफ दिख रहा है— “पहले मथुरा, अब जबलपुर… कब तक लापरवाही?” कई लोगों ने पूछा कि मौसम की चेतावनी के बावजूद क्रूज क्यों चलाया गया? ओवरलोडिंग, अनुभवहीन स्टाफ और लाइफ जैकेट न बांटने की शिकायतें भी सामने आई हैं। एक बची हुई दिल्ली की पर्यटक ने बताया, “तूफान आया तो अचानक पानी घुसने लगा, सब घबरा गए।” परिवारों में रो-रोकर बुरा हाल है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया और मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की। मध्य प्रदेश सरकार ने 4 लाख रुपये मुआवजा देने और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। पर्यटन मंत्री ने कहा कि पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक की उन्हें जानकारी नहीं थी, लेकिन पूरी घटना की जांच होगी।

वर्तमान स्थिति (1 मई, दोपहर तक):

मौतें: 9 (कुछ रिपोर्टों में मां-बच्चे समेत)

बचाए गए: 24-28

लापता: 5-9 (सटीक संख्या क्रूज पूरी तरह निकलने के बाद स्पष्ट हो सकेगी)

रेस्क्यू टीमों ने रातभर लाइटों और उपकरणों से काम किया। अब सेना की गोताखोर टीमों के साथ हाइड्रॉलिक मशीनें लगाई गई हैं। प्रशासन का कहना है कि क्रूज को बाहर निकालने के बाद ही सही आंकड़े सामने आएंगे।

यह हादसा पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों की कमी की ओर इशारा करता है। बरगी डैम पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है, लेकिन बार-बार ऐसी घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि अब सख्त नियम लागू हों—लाइफ जैकेट अनिवार्य, मौसम चेतावनी पर तत्काल रोक और प्रशिक्षित स्टाफ। रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है। प्रशासन ने इलाके में तनावपूर्ण माहौल के बीच अतिरिक्त सुरक्षा बढ़ा दी है। आगे की जानकारी मिलते ही अपडेट किया जाएगा।

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