Major uproar within the Mahoba BJP: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में भारतीय जनता पार्टी के भीतर एक बड़ा विवाद उस समय सतह पर आ गया जब पार्टी की पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी ने जिला अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा पर अत्यंत गंभीर और शर्मनाक आरोप लगाए। दीपाली तिवारी ने फेसबुक LIVE के माध्यम से आरोप लगाया कि जिलाध्यक्ष ने उनसे शारीरिक संबंध बनाने की मांग करते हुए कहा कि “मेरे साथ हमबिस्तर हो जाओ, जिला उपाध्यक्ष का पद दूंगा और जिला पंचायत अध्यक्ष का टिकट भी।” इस वीडियो के सामने आते ही स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई और सोशल मीडिया पर यह तेजी से वायरल हो गया।
पृष्ठभूमि: इस्तीफे से शुरू हुआ था टकराव
महोबा में BJP की नई जिला कार्यसमिति की घोषणा होते ही जिला मंत्री पद पर बनी रहीं दीपाली तिवारी ने अपने पद के साथ-साथ पार्टी से भी इस्तीफे की घोषणा कर दी थी, जिससे स्थानीय राजनीति में असंतोष उभर आया था। दीपाली ने उस समय सोशल मीडिया पर लिखा था कि “मेरे कंधे इतनी बड़ी जिम्मेदारी सह नहीं पा रहे।” यही असंतोष अब सीधे आरोपों के रूप में सामने आया है। सिर्फ दीपाली तिवारी ही नहीं, बल्कि कई अन्य कार्यकर्ताओं ने भी नाराजगी जाहिर की थी। पूर्व मंडल अध्यक्ष मनीष नामदेव ने सोशल मीडिया के जरिए पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा था कि वर्षों से मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को उचित पद नहीं दिया गया।
जिलाध्यक्ष ने आरोपों को किया खारिज
जिला अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हर कार्यकर्ता को पद देना संभव नहीं है और आगे अन्य मोर्चों में पदाधिकारियों की घोषणा की जाएगी। दीपाली तिवारी के यौन उत्पीड़न के आरोपों को उन्होंने सिरे से खारिज करते हुए इन्हें निराधार और मनगढ़ंत बताया है।
विपक्ष ने साधा निशाना
इस मामले के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने BJP पर हमला बोला है। विरोधियों ने तीखे तंज में कहा कि एक तरफ BJP महिला आरक्षण बिल न पास होने पर ‘जन आक्रोश’ रैलियां निकाल रही है और ‘नारी सशक्तीकरण’ का नारा दे रही है, वहीं दूसरी तरफ उसी के जिलाध्यक्ष पर अपनी ही महिला नेत्री द्वारा पद के बदले यौन शोषण के आरोप लगाए जा रहे हैं। इस विरोधाभास ने BJP के भीतर गहरी दरारें उजागर कर दी हैं।
पुलिस और पार्टी की चुप्पी
अभी तक न तो स्थानीय पुलिस की ओर से कोई एफआईआर दर्ज होने की सूचना है और न ही भाजपा के प्रदेश नेतृत्व की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है। इस मामले की जांच की मांग उठने लगी है।
नोट: उपरोक्त यौन उत्पीड़न के आरोप दीपाली तिवारी के फेसबुक LIVE बयान पर आधारित हैं। जिलाध्यक्ष ने इन्हें नकारा है।

