Strait of Hormuz reopens: अमेरिकी नौसैनिक ब्लॉकेड बरकरार; ईरान-अमेरिका वार्ता में प्रगति संभव

Strait of Hormuz reopens: अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण स्थिति में नया विकास हुआ है। ईरान ने 17 अप्रैल 2026 को घोषणा की कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पूरी तरह से व्यावसायिक जहाजों के लिए फिर से खोल दिया गया है। यह फैसला इजरायल-लेबनान युद्धविराम के बाद लिया गया।

हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरानी बंदरगाहों और जहाजों पर लगाई गई अमेरिकी नौसैनिक ब्लॉकेड तब तक जारी रहेगी, जब तक दोनों देशों के बीच पूर्ण शांति समझौता (transaction/deal) नहीं हो जाता। ट्रंप ने कहा, “जब समझौता साइन हो जाएगा, तब ब्लॉकेड हटा दिया जाएगा।”

मुख्य बिंदु:

ईरान का रुख: ईरानी वार्ताकार मोहम्मद घालिबाफ ने ट्रंप के कई दावों को “झूठा” बताया। उन्होंने कहा कि जलडमरूमध्य खुला या बंद रहना “मैदान” (field situation) पर निर्भर करेगा, न कि सोशल मीडिया पर। ईरान ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी ब्लॉकेड जारी रहा तो नौवहन केवल “निर्धारित मार्ग” और “ईरानी अनुमति” से ही संभव होगा। साथ ही, ईरान ने जोर दिया कि उसका संवर्धित यूरेनियम “कहीं नहीं जा रहा”।

अमेरिका का रुख: व्हाइट हाउस ने दावा किया कि जलडमरूमध्य “पूरी तरह से खुला और कारोबार के लिए तैयार” है। ब्लॉकेड को ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने के लिए “अधिकतम दबाव” का हथियार बताया गया। ट्रंप ने कहा कि वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और वीकेंड पर भी जारी रह सकती है।

पृष्ठभूमि: फरवरी 2026 में अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर बड़े हमले किए थे। पाकिस्तान में हुई वार्ता विफल रही, जिसके बाद अमेरिका ने हॉर्मुज में ब्लॉकेड शुरू किया। शुरुआती दिनों में कई ईरानी संबंधित जहाजों को रोका गया या वापस मोड़ दिया गया। अब जहाजों की आवाजाही सीमित है, लेकिन गैर-ईरानी जहाजों को सामान्य रूप से गुजरने की अनुमति है।

विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थिति शांति वार्ता के लिए दबाव बढ़ा रही है, लेकिन परमाणु यूरेनियम संवर्धन रोकने की अवधि जैसे मुद्दों पर अभी भी मतभेद बाकी हैं। तेल बाजार पर असर पड़ा है—ईरान के तेल निर्यात पर ब्लॉकेड का असर पड़ रहा है, जिससे कीमतें प्रभावित हुई हैं।स्थिति अभी भी संवेदनशील है और आगे की वार्ता (संभवतः इस्लामाबाद में) पर निर्भर करेगी। दोनों पक्ष मीडिया के जरिए संदेश दे रहे हैं, जबकि वास्तविक स्थिति “मैदान” में तय होगी।

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