March is over, April is half over, but there’s no respite: इस बार मौसम ने नोएडावासियों को चैन से बैठने नहीं दिया। मार्च बीत गया और अप्रैल का भी आधे से ज्यादा हिस्सा गुजर चुका है, लेकिन राहत का कोई नामोनिशान नहीं। एक तरफ जहाँ गर्मी ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ महीने की शुरुआत से लेकर अब तक बार-बार आती धूल भरी आंधियों ने लोगों की सेहत बिगाड़ दी है। नतीजा — बदन दर्द, जुकाम, खांसी और एलर्जी से पीड़ित मरीजों की तादाद तेजी से बढ़ रही है।
धूल की आंधी बनी आफत
अप्रैल की शुरुआत से ही नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में मौसम बार-बार करवट लेता रहा। तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधियाँ आती रहीं, जिससे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे समेत प्रमुख सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई। विशेषज्ञों के मुताबिक राजस्थान और पाकिस्तान की दिशा से आने वाली शुष्क हवाएं भारी मात्रा में धूल साथ लेकर आती हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में धुंध जैसी स्थिति बन जाती है। 14 अप्रैल के आसपास नोएडा में तेज सतही हवाएं चलने से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन गर्मी का असर बना रहा। इन आंधियों के बाद से ही लोगों में आँखों में जलन, छींके, खांसी और बदन दर्द की शिकायतें तेज हो गई हैं।
अब लू भी दे रही दस्तक
18 अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में तेज गर्मी और साफ मौसम का असर है। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 38°C से 43°C के बीच रहने का अनुमान है, और फिलहाल राहत की कोई संभावना नहीं दिख रही। नोएडा में 17 अप्रैल को तापमान करीब 37°C रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 21 से 25°C के बीच बना रहा। हवा में नमी करीब 30% रही, जिससे गर्मी और चुभने वाली महसूस हुई और दोपहर में लू जैसे हालात बने। मौसम विभाग के मुताबिक यूपी के 20 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया जा चुका है, जिनमें गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) भी शामिल है।
सेहत पर दोहरी मार
धूल भरी आंधियों और गर्मी के इस दोहरे वार ने आम लोगों की सेहत पर असर डाला है। धूल भरी आंधी से खांसी और एलर्जी ट्रिगर हो जाती है। हवा के जरिए धूल के सूक्ष्म कण सांस की नली में सूजन और इन्फेक्शन पैदा कर देते हैं, जिससे सांस लेने में तकलीफ होती है खासकर अस्थमा और COPD के मरीजों को। इसके साथ तापमान के उतार-चढ़ाव से बदन दर्द, बुखार और जुकाम की लहर भी फैल रही है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अजय राणा ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। उन्होंने बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह देते हुए कहा कि चक्कर, उल्टी, तेज बुखार या बेहोशी के लक्षण दिखते ही तुरंत अस्पताल जाएं।
प्रशासन अलर्ट पर
स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल को हाई अलर्ट पर रखा है। सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ORS के पैकेट और डिहाइड्रेशन की दवाइयाँ उपलब्ध कराई गई हैं। तेज हवाएं धूल उड़ा सकती हैं, इसलिए आँखों और सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
आगे और बढ़ेगी गर्मी
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक गर्मी और तेज हो सकती है और कई जिलों में तापमान 43 से 45°C तक पहुँच सकता है। फिलहाल किसी बड़े मौसमी बदलाव या बारिश के संकेत नहीं हैं।
जरूरी सावधानियाँ:
धूल भरी आंधी में बाहर निकलते समय मास्क और चश्मा पहनें, दोपहर 12 से 4 बजे घर के अंदर रहें, खूब पानी पिएं, ORS का सेवन करें, बदन दर्द, जुकाम या बुखार को नजरअंदाज न करें डॉक्टर को दिखाएं, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें| स्वास्थ्य विभाग की यही अपील है इस मौसम को हल्के में न लें, थोड़ी सी सावधानी जान बचा सकती है।

