कॉलेज के पास शराब की दुकान: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में महारानी लक्ष्मीबाई (MLB) गर्ल्स पीजी ऑटोनॉमस कॉलेज के निकट स्थित शराब की दुकान को हटाने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के छात्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दुकान के बाहर नारेबाजी की, पत्थर फेंके और कहा कि लड़कियों के कॉलेज के पास शराब ठेका होने से छात्राओं की सुरक्षा खतरे में है तथा क्षेत्र का माहौल बिगड़ रहा है।
प्रदर्शन में ABVP कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शराब दुकान के आसपास शराबियों द्वारा बदतमीजी, छेड़छाड़ और हंगामा आम बात हो गई है। एक छात्रा ने कहा, “यहाँ गर्ल्स कॉलेज है, दूसरा भी कॉलेज है। लड़कियाँ सुरक्षित नहीं महसूस करतीं। हम चाहते हैं कि यह दुकान तुरंत हटा दी जाए।” ABVP नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने दुकान नहीं हटाई तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा।
घटना का विवरण
स्थान: MLB गर्ल्स पीजी कॉलेज के पास (भोपाल)
समय: बुधवार दोपहर (8 अप्रैल 2026)
प्रदर्शन का स्वरूप: सड़क पर उतरकर नारेबाजी, दुकान पर पत्थरबाजी, पुलिस बल की मौजूदगी
मुख्य मांग: शराब दुकान को कॉलेज क्षेत्र से तुरंत हटाया जाए
स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से लिखित शिकायत भी की है। भोपाल में हाल के दिनों में शराब दुकानों की शिफ्टिंग और उनके स्थान को लेकर कई इलाकों (जैसे अवधपुरी, विजय नगर, कोलार रोड आदि) में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। रहवासी और छात्र संगठन लगातार दावा कर रहे हैं कि रिहायशी और शैक्षणिक क्षेत्रों में शराब ठेकों से अपराध बढ़ रहा है और महिलाओं-छात्राओं की सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
पृष्ठभूमि
मध्य प्रदेश में शराब दुकानों के स्थानांतरण की नीति के तहत कई ठेके शिफ्ट किए जा रहे हैं, लेकिन कई जगहों पर स्थानीय विरोध देखा जा रहा है। ABVP का यह प्रदर्शन छात्राओं की सुरक्षा और शैक्षणिक वातावरण को शराब के प्रभाव से मुक्त रखने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन पुलिस ने स्थिति पर नजर रखने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। ABVP ने आगे धरना-प्रदर्शन या बड़ा आंदोलन करने की तैयारी दिखाई है यदि मांग पूरी नहीं हुई। यह घटना भोपाल में शराब दुकानों के खिलाफ बढ़ते जन-आक्रोश को दर्शाती है, जहां शिक्षा केंद्रों और रिहायशी इलाकों में ठेकों की उपस्थिति बार-बार विवाद का विषय बन रही है।
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