अटल की नींव, मोदी का भारत: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) आज अपना 46वां स्थापना दिवस मना रही है। 6 अप्रैल 1980 को अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में स्थापित हुई पार्टी आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है। पूरे देश में बूथ स्तर पर ध्वजारोहण, कार्यकर्ता सम्मेलन और ‘राष्ट्र प्रथम’ संकल्प सभाएं हो रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश सीएम योगी आदित्यनाथ समेत तमाम नेता कार्यकर्ताओं को बधाई दे रहे हैं और अटल जी को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
नेताओं की प्रतिक्रियाएं
पीएम मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि “बीजेपी राष्ट्र से ऊपर कुछ नहीं मानती। अटल जी का सपना पूरा करने के लिए हम विकास और सुशासन की राह पर अडिग हैं।”
अमित शाह ने कहा, “अटल जी ने जो नींव रखी, आज मोदी जी के नेतृत्व में वह वृक्ष पूरे विश्व में छाया बिखेर रहा है।”
योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के 28,000+ बूथों पर कार्यक्रमों की तैयारियों का जिक्र करते हुए कहा कि “कार्यकर्ता ही बीजेपी की ताकत हैं।” राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा, बिहार और झारखंड में भी बड़े स्तर पर ध्वजारोहण और सभाएं हुईं। मेघालय और अन्य राज्यों में भी अटल जी, लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे संस्थापकों को याद किया गया।
अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित कविता
अटल की नींव, मोदी का भारत
अटल जी ने 6 अप्रैल को लिखी नई कहानी,
जनसंघ से बीजेपी तक फैलाई राष्ट्र की व्याख्या।
‘समता’ और ‘सुशासन’ का दिया अमर संदेश,
आज वही नींव पर खड़ा है विकसित भारत का मंदिर।
कविता नहीं, कर्म है उनका – राष्ट्र प्रथम,
कार्यकर्ता आज भी गा रहे हैं वही मंत्र।
(राष्ट्रवादी भावना से प्रेरित यह कविता अटल जी के स्थापना दिवस योगदान को याद करती है।)
फिलहाल चुनावी राज्यों में बीजेपी की लहर कैसी?
अभी असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं (9 अप्रैल और 23-29 अप्रैल को मतदान)। बीजेपी की स्थिति इस प्रकार है:
असम: बीजेपी मजबूत लहर पर। सीएम हिमंत बिस्वा सरमा तीसरी बार सत्ता बरकरार रखने के लिए पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में हैं। शांति, विकास और ‘3G’ (गैस, गोल्ड, ग्रीन) पर फोकस। पार्टी 9-11 सीटें बराक घाटी में जीतने का दावा कर रही है।
केरल: ऐतिहासिक बढ़त। 2024 लोकसभा में पहली सीट (थ्रिस्सूर) जीती, वोट शेयर 2% से बढ़कर 20% तक पहुंचा। स्थानीय निकाय चुनाव में तिरुवनंतपुरम पर कब्जा। NDA अब 35-40 सीटों पर मजबूत दावेदार, LDF-UDF के द्वंद्व को तोड़ने की कोशिश।
तमिलनाडु: AIADMK के साथ गठबंधन। बीजेपी ने 27 उम्मीदवार घोषित किए (एल. मुरुगन समेत)। डीएमके के 10 साल के शासन के खिलाफ ‘परिवर्तन’ की लहर।
पश्चिम बंगाल: टीएमसी के खिलाफ सीधा मुकाबला। बीजेपी ‘इंडिया गठबंधन मुक्त भारत’ का नारा दे रही है। सुवेंदु अधिकारी और समीक भट्टाचार्य जैसे चेहरे आगे।
पुडुचेरी: AINRC-BJP गठबंधन। पीएम मोदी ने रोडशो किया, मजबूत समर्थन।
कुल मिलाकर ‘विकास और राष्ट्रवाद की लहर’ साफ दिख रही है। जहां असम में मजबूत पकड़ है, वहीं दक्षिण और बंगाल में वोट शेयर बढ़ने और स्थानीय मुद्दों पर घुसपैठ की रणनीति काम कर रही है। विपक्षी दलों (कांग्रेस, लेफ्ट, टीएमसी, डीएमके) में अंदरूनी कलह और ‘परिवारवाद’ के आरोपों के बीच बीजेपी ‘सेवा और सुशासन’ का मॉडल पेश कर रही है।
निष्कर्ष: स्थापना दिवस पर कार्यकर्ताओं का जोश चरम पर है। अटल जी का ‘राष्ट्र प्रथम’ मंत्र आज भी प्रासंगिक है। चुनावी राज्यों में बीजेपी न सिर्फ सत्ता बचाने, बल्कि नए क्षेत्रों में विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रही है। पार्टी का दावा है – “देश सेवा ही हमारा धर्म है।”

