भागवत कथा: सामुदायिक भवन सेक्टर 11 में चल रही भागवत कथा के तीसरे दिन देवी चित्रलेखा ने बताया कि जब आपके जीवन में आपको सदगुरु मिल जाए तो समझ लेना कि अब यह गोविंदा का इशारा है कि गुरु तो आ गए हैं अब गोविंद भी आने वाले हैं, अब उनकी भी कृपा होने वाली है। भागवत कथा के तीसरे दिन देवी चित्रलेखा ने अपनी मधुर वाणी से श्रवण करते हुए कहा कि जीव जन्म लेते ही माया में लिपट जाता है और माया में लिपट जाने के कारण जीव अपने कल्याण के लिए कुछ नहीं कर पाता। वह जैसे-जैसे कर्म करता जाता है वैसे-वैसे फल उसे भोगने पड़ते हैं। मृत्यु के बाद जीव को 28 नरकों में से अपने कर्म के अनुसार हर किसी को भोगना पड़ता है। फिर देवी चित्रलेखा ने अजामिल उपाख्यान की कथा सुनाई कि अजामिल जिसने जीवन भर पाप कर्म किए। हर प्रकार से वह दुष्कर्म था, मगर घर आए संतों की एक बात मानकर अपने पुत्र का नाम उसने नारायण रख दिया और जीवन के अंत में अपने पुत्र के प्रति मोह के कारण नारायण नारायण पुकारने के कारण ही उसे जो यमदूत लेने आए थे वह उसे यमलोक ना ले जा सके और वह गौलोकवासी हुआ।
तात्पर्य है कि जीव को भगवान नाम के प्रति सच्ची आस्था रखनी चाहिए फिर वह नाम चाहे आलस में ले या भाव से ले। इसके बाद देवी जी ने गुरु और शिष्य के बंधन पर प्रकाश डाला कहा कि सच्चे गुरु और शिष्य के संबंध का उद्देश्य सिर्फ भगवत प्राप्ति होता है जो शिष्य अपने सद्गुरु की उंगली पकड़कर भक्ति करता है निश्चित ही वह भगवान को पा लेता है। इसके पश्चात श्री सुखदेव जी ने राजा परीक्षित की सृष्टि प्रकरण का वर्णन श्रवण कराया कि कैसे-कैसे इस सृष्टि की रचना हुई और कथा विश्राम से पूर्व भगवान के सबसे कम उम्र के भक्त श्री प्रहलाद जी महाराज की कथा सुनाई। प्रहलाद जी जो मात्र पांच वर्ष की उम्र में भगवान को पाने के लिए अकेले जंगल में चले गए उन्हें स्वयं श्री नारद जी ने गुरु बनकर जाप मंत्र दिया और इस मंत्र का जाप करते हुए जब भक्ति की सबसे ऊंची स्थिति पर प्रहलाद जी पहुंच गए। तब स्वयं नारायण जी ने पधारकर प्रहलाद जी को दर्शन दिए। देवी चित्रलेखा ने इसके साथ ही हरि नाम के जाप पर विशेष चर्चा करते हुए बताया कि हरि नाम सर्वोपरि है मनुष्य को हरी नाम नहीं भूलना चाहिए। इस प्रकार कथा के प्रसंग को कहकर कथा के तृतीय दिवस को विश्राम दिया गया। इसमें उपस्थित राजेंद्र गर्ग जी अनुज गुप्ता जी संजय गोयल जी दीपक गोयल जी दिनेश कृष्ण जी पारस सक्सेना जी सुनील गुप्ता जी अमितेश राहुल जी नितिन गोयल जी संदीप अग्रवाल जी आदि उपस्थित रहे|
यह भी पढ़ें: EPF ब्याज दर पर सस्पेंस बरकरार: 10% इंटरेस्ट की चर्चा पर सरकार ने दी स्थिति स्पष्ट

