मिशन 2027 का शंखनाद: दादरी की धरती से अखिलेश ने फूंका चुनावी बिगुल, 2012 की साइकिल यात्रा का इतिहास दोहराने की कोशिश

UP News:

गौतमबुद्ध नगर/दादरी। उत्तर प्रदेश की राजनीतिक पटरी पर 2027 के विधानसभा चुनाव की ट्रेन रफ्तार पकड़ने लगी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 29 मार्च 2026 को गौतमबुद्ध नगर के दादरी में ‘समाजवादी समानता भाईचारा रैली’ को संबोधित कर विधानसभा चुनाव 2027 का औपचारिक बिगुल फूंक दिया। दादरी में इस सम्मेलन का आयोजन सपा की एक सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है। गौतमबुद्ध नगर और आसपास के जिलों में किसान, युवा और विभिन्न समुदायों के बीच अपनी पैठ मजबूत करने के लिए सपा ‘भाईचारा’ कार्ड खेल रही है।

2012 की साइकिल यात्रा और 2026 का इतिहास — एक जैसी शुरुआत

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि अखिलेश यादव ने 2012 में गौतमबुद्धनगर से ही साइकिल यात्रा की शुरुआत की थी और उसी वर्ष समाजवादी पार्टी को ऐतिहासिक जीत मिली थी। एक बार फिर नोएडा से अभियान की शुरुआत को उसी ‘शुभ संकेत’ से जोड़कर देखा जा रहा है। नोएडा को लेकर लंबे समय से एक राजनीतिक मिथक भी रहा है कि जो भी मुख्यमंत्री नोएडा जाता है वह छह महीने के भीतर कुर्सी गंवा देता है। इसी कारण अपने कार्यकाल के दौरान अखिलेश यादव नोएडा नहीं गए थे। 2017 और 2022 के चुनावों में भी उन्होंने अभियान की शुरुआत दूसरे जिलों से की, लेकिन सत्ता हासिल नहीं कर सके। इस बार उन्होंने वह मिथक भी तोड़ दिया और सीधे दादरी की धरती से मिशन 2027 की शुरुआत की।

मिहिर भोज की प्रतिमा से हुई शुरुआत — गुर्जर समाज को साधने की रणनीति

दादरी के मिहिर भोज डिग्री कॉलेज मैदान में आयोजित इस विशाल कार्यक्रम में पहुंचकर अखिलेश यादव ने सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। अखिलेश यादव ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि जब दूसरे लोग सम्राट मिहिर भोज का सम्मान छीनना चाहते थे, तब सपा ने लड़ाई लड़ी थी। अब तक गुर्जर समाज को भाजपा का कोर वोटबैंक माना जाता रहा है, लेकिन सपा इस समीकरण को बदलने की कोशिश में है। पार्टी मुस्लिम-गुर्जर गठजोड़ बनाने की रणनीति पर काम कर रही है, साथ ही पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के साथ गुर्जर समाज को जोड़ने पर भी फोकस कर रही है। रैली की तैयारियों को गति देने के लिए ग्रेटर नोएडा के सफीपुर गांव में एक बड़ी बैठक आयोजित की गई थी जिसमें 30 जिलों के करीब 135 विधानसभा क्षेत्रों से गुर्जर समाज के प्रमुख नेता शामिल हुए थे।

अखिलेश का दहाड़ता भाषण — BJP पर एक के बाद एक वार

अखिलेश यादव ने कहा कि यह केवल रैली नहीं बल्कि आह्वान है कि आने वाले समय में सामाजिक न्याय का राज लाने के लिए PDA के लोग मिलकर सरकार बनाने जा रहे हैं।

भाजपा को ‘ड्राइक्लीन की दुकान’ बताया: अखिलेश यादव ने अपने भाषण के दौरान कहा कि भाजपा कोई राजनीतिक दल नहीं, बल्कि ‘ड्राइक्लीन की दुकान’ है, जहां हर भ्रष्टाचारी जाकर साफ हो जाता है।

95 फीसदी के शोषण का आरोप: अखिलेश ने कहा कि ‘5% लोग जो 95% लोग हैं उनका शोषण करके अधिकारों से वंचित करने का काम कर रहे हैं।’

जेवर एयरपोर्ट पर तंज: अखिलेश यादव ने जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन पर तंज कसते हुए कहा कि ‘कम से कम यह वादा कर देते कि उद्घाटन के बाद इसे बेचा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यूपी के 7 में से 6 एयरपोर्ट बंद हो गए हैं और पिछले दस साल का हिसाब मांगा।

जेवर रैली को बताया ‘सरकारी शो’: अखिलेश ने दावा किया कि जेवर एयरपोर्ट उद्घाटन की रैली में लोग अपनी मर्जी से नहीं आए थे बल्कि उन्हें लाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ जुटाने के लिए सरकारी कर्मचारियों का इस्तेमाल किया गया।

PM मोदी के ATM बयान पर पलटवार: हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर हमला करते हुए ‘ATM’ शब्द का इस्तेमाल किया था। दादरी के मंच से अखिलेश यादव ने इसका जवाब देते हुए कहा कि सत्ता पक्ष मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है, वह सिलेंडर का जिक्र करना भूल गए।

संविधान की रक्षा पर बड़ा बयान: अखिलेश ने कहा कि जो 400 सीटें जीतकर संविधान बदलने की साजिश कर रहे थे, वो 2024 में हार कर अंडरग्राउंड हो गए हैं, लेकिन संविधान तब तक खतरे में रहेगा जब तक भाजपा है।

नया नारा भी किया जारी: अखिलेश यादव ने कहा कि पहले वे ‘भाजपा हटाओ, संविधान बचाओ’ की बात करते थे, लेकिन अब समय बदल गया है। अब उनका नारा है ‘नकारात्मक लोगों को हटाओ, संविधान बचाओ।’

किसानों से किए वादे, PDA के लिए स्मारक का ऐलान

अखिलेश यादव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि जब भी समाजवादी सरकार बनेगी, किसानों की जमीन लेकर कोई विकास कार्य करेंगे तो उन्हें बाजार भाव की कीमत देने का काम करेंगे। उन्होंने ऐलान किया कि अगर उनकी सरकार बनती है तो पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक यानी PDA समाज के महान लोगों की याद में स्मारक बनाए जाएंगे। उन्होंने वादा किया कि लखनऊ में स्मारक और रिवर फ्रंट पर मिहिर भोज की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

पश्चिमी UP की 140 सीटें निशाने पर

सपा की नजर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 32 जिलों की करीब 140 विधानसभा सीटों पर है। इस रैली का मुख्य उद्देश्य इन सीटों पर पार्टी की राजनीतिक पकड़ मजबूत करना था। गौतम बुद्ध नगर और आस-पास के इलाकों में शहरी-ग्रामीण मिला-जुला सामाजिक ढांचा है, जहां गुर्जर, जाट, मुस्लिम और OBC वोटों का अहम रोल है। 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों के बाद बदलते सामाजिक हालात ने यहां सपा को कमजोर किया था, लेकिन पार्टी अब सामाजिक गठबंधन को फिर से बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।

BJP का पलटवार — बताया ‘झूठ और भ्रम की राजनीति’

उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अखिलेश यादव के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनका भाषण ‘झूठ, भ्रम और समाज को बांटने की राजनीति’ से भरा हुआ है। सपा नेताओं का दावा है कि आने वाले समय में ऐसे सम्मेलन पूरे प्रदेश में आयोजित किए जाएंगे, ताकि 2027 के चुनाव से पहले एक मजबूत जनमत तैयार किया जा सके। सपा ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी राज्य में अगली सरकार बनाने जा रही है। भाजपा भी गुर्जर समाज की इस व्यापक गोलबंदी से सतर्क हो गई है और अपनी काउंटर रणनीति पर काम कर रही है। दादरी की इस धरती ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में असली खेल अब शुरू हो चुका है। 2012 की तरह इतिहास दोहराने का दावा करने वाली सपा और सत्ता बनाए रखने की कोशिश में जुटी भाजपा — दोनों के बीच 2027 के लिए जंग जोरों पर है।

 

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