ट्रंप की घोषणाएं: टीएसए कर्मचारियों को तुरंत वेतन, डॉलर नोट पर हस्ताक्षर और ईरान को 10 दिन की नई मोहलत

ट्रंप की घोषणाएं: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को तीन महत्वपूर्ण कदम उठाए, जिनका असर घरेलू प्रशासन, मुद्रा प्रतीकवाद और मध्य पूर्व युद्ध पर पड़ रहा है। इनमें टीएसए एजेंट्स को वेतन देने का आदेश, नए डॉलर नोटों पर अपना हस्ताक्षर लगवाना और ईरान को स्ट्रेट ऑफ हरमुज खोलने के लिए 10 दिन की अतिरिक्त मोहलत शामिल है।

1. टीएसए कर्मचारियों को तुरंत वेतन: आंशिक शटडाउन का असर रोकने की कोशिश

राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि वे होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) के सचिव मार्कवेन मुलिन को निर्देश देंगे कि ट्रांसपोर्टेशन सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (TSA) के एजेंट्स को तुरंत वेतन दिया जाए। कांग्रेस में होमलैंड सिक्योरिटी फंडिंग पर गतिरोध के कारण आंशिक सरकारी शटडाउन लंबा खिंच गया है। इससे TSA कर्मचारी एक महीने से ज्यादा समय से पूरी तनख्वाह नहीं पा रहे। परिणामस्वरूप एयरपोर्टों पर लंबी कतारें लग रही हैं, हजारों कर्मचारी अनुपस्थित हो रहे हैं और यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है।

ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, “यह आसान काम नहीं है, लेकिन मैं इसे करूंगा।” आदेश 2025 के टैक्स बिल से फंड लेकर दिया जाएगा। सीनेटरों में फंडिंग डील पर देर रात तक बातचीत चल रही है, लेकिन ट्रंप ने इसे “डेमोक्रेटिक अराजकता” बताया और एयरपोर्ट संकट को तुरंत खत्म करने का फैसला किया।

2. अमेरिकी मुद्रा पर ट्रंप का हस्ताक्षर: 165 साल पुरानी परंपरा टूटी

ट्रेजरी विभाग ने गुरुवार को घोषणा की कि भविष्य के सभी नए यूएस पेपर करेंसी (डॉलर नोट) पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हस्ताक्षर छपा होगा। यह बैठे हुए राष्ट्रपति के लिए पहला मामला होगा।

पारंपरिक रूप से डॉलर नोटों पर केवल ट्रेजरी सचिव और ट्रेजरर के हस्ताक्षर होते हैं। ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यह कदम अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ (सेमीक्विनसेंटेनियल) के सम्मान में उठाया जा रहा है। नए नोटों में ट्रंप के हस्ताक्षर ट्रेजरी सचिव के साथ होंगे और ट्रेजरर का नाम हट सकता है। नई प्रिंटिंग प्लेट्स तैयार हो रही हैं और आने वाले महीनों में ये नोट सर्कुलेशन में आएंगे। यह फैसला ट्रंप प्रशासन की संघीय प्रतीकों पर अपनी छाप छोड़ने की श्रृंखला का हिस्सा माना जा रहा है।

3. ईरान को 10 दिन की नई मोहलत: स्ट्रेट ऑफ हरमुज पर बातचीत जारी

ईरान युद्ध के संदर्भ में ट्रंप ने अपना 48 घंटे का अल्टीमेटम दो बार बढ़ा दिया है। सबसे हालिया फैसले में उन्होंने 10 दिन की मोहलत दी है—अब डेडलाइन 6 अप्रैल 2026, शाम 8 बजे ईस्टर्न टाइम तक है।

इस दौरान अमेरिका ईरानी ऊर्जा सुविधाओं (पावर प्लांट्स) पर हमला नहीं करेगा। ट्रंप ने इसे ईरान द्वारा कुछ तेल वाहकों को स्ट्रेट ऑफ हरमुज से सुरक्षित गुजरने की अनुमति देने का सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने दावा किया कि बातचीत “बहुत अच्छी” चल रही है और ईरान “डील की भीख मांग रहा है”। ईरान ने प्रत्यक्ष बातचीत से इनकार किया है, लेकिन मिस्र के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है। मिस्र के विदेश मंत्री ने डी-एस्केलेशन और बातचीत पर आम सहमति की बात कही। ट्रंप ने NATO पर भी निशाना साधा कि उन्होंने ईरान मामले में मदद से इनकार कर दिया, और कहा कि अमेरिका इसे “याद रखेगा”। युद्ध फरवरी 2026 के अंत में शुरू हुआ था। अमेरिका-इजराइल ने ईरानी ठिकानों पर हमले किए, जिसमें आयतुल्लाह अली खामेनी की मौत भी हुई। ईरान ने जवाबी हमले किए और हरमुज को आंशिक रूप से ब्लॉक करने की कोशिश की।

समग्र प्रभाव

ये तीनों घोषणाएं ट्रंप की “अमेरिका फर्स्ट” और मजबूत नेतृत्व की छवि को मजबूत करती हैं। घरेलू स्तर पर एयरपोर्ट संकट से राहत, प्रतीकात्मक रूप से मुद्रा पर अपनी छाप और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान के साथ सख्त लेकिन लचीला रुख दिखाया गया है। विश्लेषक कहते हैं कि TSA वेतन और मुद्रा बदलाव से तत्काल राहत मिलेगी, जबकि ईरान डेडलाइन का परिणाम तेल कीमतों, वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर असर डालेगा। बाजार फिलहाल इन विकासों पर नजर रखे हुए हैं।

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