ओवैसी का बंगाल दांव: हुमायूँ कबीर के साथ गठबंधन, बंगाल चुनाव में मुस्लिम नेतृत्व का नया दावेदार

ओवैसी का बंगाल दांव: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राजनीति में नया मोड़ आ गया है। असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM ने पूर्व TMC नेता हुमायूँ कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के साथ गठबंधन का ऐलान कर दिया है।

मुख्य घोषणाएँ

ओवैसी ने 22 मार्च 2026 को हैदराबाद में यह गठबंधन घोषित किया। उन्होंने कहा कि AIMIM इस गठबंधन के तहत बंगाल चुनाव में हिस्सा लेगी और मुस्लिम अल्पसंख्यकों का स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व खड़ा करने का लक्ष्य है। हुमायूँ कबीर की पार्टी लगभग 182 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। AIMIM कुछ चुनिंदा सीटों (लगभग 8) पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, जहां उसका संगठनात्मक आधार मजबूत है।25 मार्च 2026 को कोलकाता में ओवैसी और कबीर संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसमें गठबंधन की विस्तृत रूपरेखा और सीट बंटवारे की जानकारी दी जाएगी।

रैलियों और प्रचार का प्लान

गठबंधन के तहत 20 रैलियां आयोजित की जाएंगी। पहली बड़ी जनसभा 1 अप्रैल 2026 को बहरामपुर में होगी, जहां ओवैसी हुमायूँ कबीर के नामांकन के दौरान सभा को संबोधित करेंगे और उम्मीदवारों को ‘बी-फॉर्म’ वितरित करेंगे। रैलियां मुख्य रूप से मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर दिनाजपुर, बीरभूम, आसनसोल और कोलकाता जैसे क्षेत्रों में होंगी।

ओवैसी ने ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला: बंगाल में मुसलमानों (लगभग 30% आबादी) के लिए विकास के नाम पर केवल वोट लिया जाता है, लेकिन जमीन पर काम नहीं होता।NSSO और अन्य डेटा का हवाला देते हुए कहा कि जहां मुसलमानों का अपना स्वतंत्र नेतृत्व नहीं होता, वहां उनका सामाजिक-आर्थिक और मानव विकास सूचकांक खराब रहता है। OBC प्रमाणपत्र रद्द करने और मुस्लिम जातियों को एक श्रेणी से दूसरी में डालने का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि 5 लाख से ज्यादा पिछड़े वर्ग के प्रमाणपत्र रद्द किए गए, जिनमें ज्यादातर मुसलमान शामिल हैं। सरकारी नौकरियों में मुसलमानों का प्रतिनिधित्व मात्र 7% होने और शिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता जताई। ‘केवल ईद पर दुआ से पेट नहीं भरता और बच्चों को शिक्षा नहीं मिलती’—ऐसा कहकर TMC पर निशाना साधा।

वोट डिविजन पर ओवैसी का जवाब

जब उनसे ‘वोट कटवा’ या वोट डिविजन का सवाल पूछा गया, तो ओवैसी ने इसे मतदाताओं का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि हर वोटर को अपना वोट देने का अधिकार है और सवाल केवल मुस्लिम वोटों पर ही क्यों उठता है?

भविष्य की योजना

दोनों नेता इस गठबंधन को लंबे समय तक चलाने की बात कर रहे हैं। यह सिर्फ विधानसभा चुनाव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य के लोकसभा चुनावों में भी साथ काम करेंगे। हुमायूँ कबीर ने ओवैसी को ‘बड़े भाई’ कहा और गठबंधन को ‘कभी न टूटने वाला’ बताया।

अन्य प्रतिक्रियाएँ

विपक्षी दलों (TMC, कांग्रेस आदि) ने इस गठबंधन की आलोचना की है। उनका कहना है कि यह अल्पसंख्यक वोटों को बांटकर BJP को फायदा पहुंचा सकता है। बंगाल चुनाव दो चरणों में (23 और 29 अप्रैल 2026) होंगे और मतगणना 4 मई को होगी। यह गठबंधन राज्य की मुस्लिम बहुल सीटों (खासकर मालदा-मुर्शिदाबाद क्षेत्र) में समीकरण बदल सकता है और TMC के पारंपरिक वोट बैंक पर असर डाल सकता है। आगे की डेवलपमेंट्स के लिए 25 मार्च की प्रेस कॉन्फ्रेंस महत्वपूर्ण होगी।

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