दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रदर्शन पर रोक: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने कैंपस में किसी भी प्रकार की सभा, प्रदर्शन, धरना, रैली, मार्च या जुलूस आयोजित करने के लिए पूर्व लिखित अनुमति अनिवार्य कर दी है। प्रॉक्टर कार्यालय द्वारा 23 मार्च 2026 को जारी नोटिस के अनुसार, आयोजकों को घटना से कम से कम 72 घंटे पहले भौतिक (हार्ड कॉपी) आवेदन प्रॉक्टर ऑफिस और स्थानीय पुलिस (डीसीपी या एसएचओ) को जमा करना होगा। ईमेल या व्हाट्सएप पर आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
आवेदन में क्या देना होगा?
आवेदन में निम्नलिखित विवरण अनिवार्य हैं:
आयोजक का नाम, कॉलेज/विभाग, संपर्क नंबर, ईमेल और कोर्स। कार्यक्रम की प्रकृति (प्रदर्शन, धरना, रैली आदि)। अवधि, उपयोग होने वाले साधन/लॉजिस्टिक्स। वक्ताओं की सूची। अपेक्षित प्रतिभागियों की संख्या
बाहरी लोगों पर सख्ती
नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के बाहर के व्यक्ति (नॉन-डीयू स्टूडेंट्स सहित) कैंपस में किसी भी प्रदर्शन या सभा में भाग नहीं ले सकेंगे। केवल डीयू के छात्र, शिक्षक और स्टाफ ही इसमें शामिल हो सकते हैं।
उल्लंघन पर सजा
किसी भी नियम का उल्लंघन करने पर आयोजकों, प्रतिभागियों और सहयोगियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें रस्टिकेशन (निष्कासन), एक्सपल्शन (स्थायी बहिष्कार), पुलिस कार्रवाई और अन्य उपाय शामिल हो सकते हैं।
पृष्ठभूमि
यह नई गाइडलाइंस दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा लगाए गए एक माह के प्रतिबंध के बाद जारी की गई हैं। फरवरी 2026 में यूजीसी इक्विटी रेगुलेशंस के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों और कुछ घटनाओं के बाद प्रशासन ने कैंपस में पांच या अधिक लोगों की सभाएं, रैलियां, धरने और नारे लगाने पर एक माह का बैन लगा दिया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने उस ब्लैंकेट बैन पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद यूनिवर्सिटी ने अब यह नई प्रक्रिया बनाई है।
छात्र संगठन AISA ने इस नियम की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे “प्रोग्रेसिव आवाजों को दबाने की कोशिश” और “परमिशन राज” बताया है। डीयू प्रॉक्टर प्रो. मनोज कुमार के कार्यालय द्वारा जारी इस नोटिस का उद्देश्य कैंपस में शांति और अनुशासन बनाए रखना बताया गया है, जबकि छात्र संगठनों का कहना है कि यह अभिव्यक्ति की आजादी पर अंकुश है। यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। छात्रों, शिक्षकों और स्टाफ को सलाह दी गई है कि कोई भी कार्यक्रम आयोजित करने से पहले इन दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें।

