तेहरान/नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी जंग अब एक नए और बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एरोस्पेस फोर्स के कमांडर मेजर जनरल सैयद माजिद मूसावी ने बड़ा दावा किया है कि इजरायल के आसमान पर अब ईरान का दबदबा है और आने वाले दिनों में जो हमले होंगे वे अमेरिका और इजरायल दोनों को चौंका देंगे। यह बयान उस वक्त आया जब ईरानी मिसाइलें इजरायल के सबसे संवेदनशील और सुरक्षित इलाके — परमाणु शहर डिमोना — तक पहुंचने में कामयाब हो गईं।
डिमोना में टूटा इजरायल का अभेद्य सुरक्षा घेरा
यह पहली बार है जब ईरानी मिसाइलें इजरायल के परमाणु अनुसंधान केंद्र के आसपास के इलाके में इजरायल की वायु रक्षा प्रणाली को भेदने में सफल रहीं। इजरायली सेना के प्रवक्ता ने स्वीकार किया कि डिमोना और अराद दोनों जगहों पर इंटरसेप्टर दागे गए लेकिन वे मिसाइलों को रोकने में नाकाम रहे, जिससे सैकड़ों किलोग्राम वजनी वारहेड सीधे जमीन पर गिरे।
डिमोना और अराद पर यह हमला ईरान की ओर से नतांज परमाणु संयंत्र पर हुए हमले का बदला था। इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक डिमोना और अराद में कुल 180 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें आठ गंभीर हालत में हैं।
IRGC चीफ मूसावी का दावा — नए हथियार होंगे तैनात
IRGC के एरोस्पेस फोर्स कमांडर मेजर जनरल माजिद मूसावी ने ऐलान किया कि ईरान इजरायल के आसमान में अपनी मिसाइल श्रेष्ठता की घोषणा करता है। उन्होंने यह भी बताया कि ईरान आने वाले दिनों में नई मिसाइल प्रणालियां तैनात करने वाला है जो अमेरिका और इजरायल दोनों को चौंका देंगी। ईरानी राज्य टेलीविजन पर दिखाई गई भीड़ मूसावी से डिमोना पर फिर से हमले की मांग करते हुए नारे लगाती दिखी, जो इस बात का संकेत है कि ईरान में आम जनता के बीच भी यह हमला एक बड़ी मनोवैज्ञानिक जीत के रूप में देखा जा रहा है।
संसद स्पीकर गालिबाफ की चेतावनी — ‘जंग नए फेज में’
ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने X पर पोस्ट किया कि अगर इजरायल भारी सुरक्षा वाले डिमोना इलाके में मिसाइलें नहीं रोक सका, तो यह जंग में एक नए फेज में प्रवेश का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने आगे कहा कि इजरायल का आसमान असुरक्षित है और अब पहले से तैयार की गई कार्रवाइयों को अमल में लाने का वक्त आ गया है।
इजरायल के PM नेतन्याहू बोले — ‘मुश्किल शाम’
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे इजरायल के लिए एक बेहद मुश्किल शाम बताया और कहा कि राहत संसाधनों को तत्काल घटनास्थल पर भेजा जा रहा है।इजरायली सेना प्रमुख जनरल एयाल जमीर ने कहा कि यह जंग खत्म होने के करीब नहीं है।
परमाणु खतरे की आशंका — IAEA ने की पुष्टि, कोई नुकसान नहीं
हालांकि इन हमलों के बाद परमाणु हादसे की आशंका भी उठी। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने कहा कि उन्हें डिमोना स्थित शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर को किसी नुकसान का कोई संकेत नहीं मिला है और इलाके में विकिरण का स्तर सामान्य है। IAEA के महानिदेशक ने यह भी कहा कि परमाणु सुविधाओं के आसपास अधिकतम सैन्य संयम बरता जाना चाहिए।
डिएगो गार्सिया तक पहुंची ईरानी मिसाइल — नई क्षमता का खुलासा
ईरान ने हिंद महासागर में स्थित संयुक्त ब्रिटिश-अमेरिकी सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया को भी निशाना बनाया, जो करीब 4,000 किलोमीटर दूर है। इससे यह स्पष्ट हुआ कि ईरान के पास पहले से माने जाने वाली क्षमता से कहीं अधिक दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें हैं।
ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम — नई चुनौती
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने Truth Social पर पोस्ट करते हुए ईरान को 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खोलने की चेतावनी दी, अन्यथा ईरान के बड़े बिजली घरों को तबाह करने की धमकी दी। इस अल्टीमेटम के जवाब में ईरानी नेताओं और सेना ने क्षेत्र की ऊर्जा सुविधाओं पर जवाबी हमले की चेतावनी दे दी है।
विशेषज्ञों की राय — खतरनाक मोड़ पर जंग
तेहरान स्थित सेंटर फॉर मिडल ईस्ट स्ट्रेटेजिक स्टडीज के वरिष्ठ फेलो अब्बास असलानी ने अल जज़ीरा को बताया कि ईरान एक आंख के बदले आंख वाले दृष्टिकोण पर चल रहा है जिसका मकसद नई निरोधक शक्ति स्थापित करना है। जंग अब चार हफ्ते पुरानी हो चुकी है और हर दिन नए मोर्चे खुल रहे हैं। कुल मिलाकर डिमोना में ईरानी मिसाइलों की सफल दस्तक, IRGC की खुली चेतावनी और ट्रंप के अल्टीमेटम ने मिलकर इस जंग को दुनिया के सबसे खतरनाक संघर्षों में से एक बना दिया है। अब सबकी निगाहें इस 48 घंटे की समयसीमा पर टिकी हैं।

