सेमाग्लूटाइड पेटेंट समाप्ति: आज से भारत में वजन घटाने और डायबिटीज की दवाओं का ‘तूफान’ – 50+ जेनेरिक ब्रांड लॉन्च, कीमतें 60-70% तक गिरेंगी

सेमाग्लूटाइड पेटेंट समाप्ति: आज (20 मार्च 2026) से भारत की फार्मा इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव आ गया है। डेनिश कंपनी नोवो नॉर्डिस्क की ब्लॉकबस्टर दवा सेमाग्लूटाइड (Ozempic और Wegovy का मुख्य घटक) का भारत में पेटेंट समाप्त हो गया है। इससे भारतीय दवा कंपनियों के लिए जेनेरिक वर्जन लॉन्च करने का रास्ता साफ हो गया है, जिसे इंडस्ट्री विशेषज्ञ “जेनेरिक वेव” या “ब्रांड्स का तूफान” कह रहे हैं।

Reuters की रिपोर्ट्स के अनुसार, 40 से ज्यादा कंपनियां 50+ ब्रांडेड जेनेरिक वर्जन लॉन्च करने की तैयारी में हैं। प्रमुख कंपनियां जैसे Sun Pharma, Dr Reddy’s, Zydus Lifesciences, Lupin, Mankind Pharma, Cipla, Torrent, Alkem और अन्य “डे-वन” लॉन्च के लिए तैयार हैं। कुछ कंपनियां पहले से ही को-मार्केटिंग डील कर चुकी हैं, जैसे Zydus और Lupin।

कीमतों में भारी गिरावट:
वर्तमान में Ozempic की कीमत ₹8,800 से ₹11,000 प्रति माह और Wegovy की ₹10,000 से ₹16,400 प्रति माह है। जेनेरिक वर्जन की शुरुआती कीमत ₹3,000 से ₹5,000 प्रति माह (कुछ रिपोर्ट्स में ₹3,500-4,000) बताई जा रही है – यानी 50-70% तक सस्ता। समय के साथ प्रतिस्पर्धा बढ़ने पर कीमतें और 90% तक गिर सकती हैं।

भारत में दुनिया की दूसरी सबसे ज्यादा टाइप-2 डायबिटीज और बढ़ती मोटापे की समस्या को देखते हुए यह बदलाव लाखों मरीजों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। GLP-1 दवाओं का बाजार 2030 तक 5 गुना बढ़ सकता है, और सेमाग्लूटाइड से ₹5,000 करोड़ से ज्यादा का अवसर अनुमानित है।

चिंताएं और सावधानियां:
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि वजन घटाने के लिए “क्विक-फिक्स” के रूप में बिना मेडिकल सलाह के इस्तेमाल से गंभीर साइड इफेक्ट्स (पेट की समस्या से लेकर गंभीर जटिलताएं) हो सकते हैं। भारत के ड्रग कंट्रोलर ने GLP-1 दवाओं के विज्ञापन पर रोक लगाई है ताकि गलत प्रचार और अनुचित मांग न बढ़े। फार्माकोविजिलेंस सिस्टम को मजबूत करने की जरूरत है, क्योंकि उपयोग तेजी से बढ़ेगा।

नोवो नॉर्डिस्क की स्थिति: कंपनी ने कीमत युद्ध से इनकार किया है और गुणवत्ता व साइंस पर फोकस करने की बात कही है। वे पार्टनरशिप और डिस्ट्रीब्यूशन बढ़ा रही हैं। यह घटना भारत को वैश्विक स्तर पर GLP-1 थेरेपी के केंद्र में ला रही है। आने वाले हफ्तों में बाजार में कितने ब्रांड लॉन्च होते हैं और असली कीमतें क्या रहती हैं – यह देखना दिलचस्प होगा। मरीजों को डॉक्टर की सलाह के बिना इन दवाओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

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