West Asia: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच गुजरात के कांडला बंदरगाह की ओर जा रहे एक मालवाहक जहाज पर हमला होने की घटना सामने आई है। इस मामले पर भारत सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि संघर्ष के दौरान व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।
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भारत के Ministry of External Affairs (एमईए) ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि किसी भी स्थिति में व्यापारिक जहाजों और आम नागरिकों की जान को खतरे में नहीं डाला जाना चाहिए। मंत्रालय के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।
बताया गया है कि जिस जहाज पर हमला हुआ उसका नाम मयूरी नरे है, जो थाईलैंड के झंडे वाला मालवाहक जहाज है। यह जहाज संयुक्त अरब अमीरात के खलीफा पोर्ट से गुजरात के Kandla Port की ओर जा रहा था। जब जहाज Strait of Hormuz से गुजर रहा था, तभी उस पर दो अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया।
हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई, जिससे उसे भारी नुकसान हुआ। जहाज का संचालन करने वाली कंपनी प्रेशियस शिपिंग के अनुसार इस घटना में तीन क्रू सदस्य लापता हैं, जबकि 20 अन्य क्रू सदस्यों को समुद्र से सुरक्षित बचा लिया गया। बताया जा रहा है कि जान बचाने के लिए कई क्रू मेंबर को जहाज से समुद्र में कूदना पड़ा।
बाद में ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में इस जहाज पर हमला उसी ने किया था। फिलहाल लापता क्रू सदस्यों की तलाश जारी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
भारत सरकार ने कहा है कि पहले भी ऐसे हमलों में भारतीय नागरिकों सहित कई लोगों की जान जा चुकी है। इसलिए समुद्री मार्गों पर सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है और सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए।
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