नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के भार को कम करने की तैयारी: यमुना पुश्ते पर नए एक्सप्रेसवे के लिए यूपीईडीए का सर्वे शुरू

नोएडा: नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मौजूदा एक्सप्रेसवे पर बढ़ते वाहनों के दबाव और आए दिन लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक नए ‘पैरेलल’ (समानांतर) एक्सप्रेसवे की योजना पर काम तेज कर दिया है।

यूपीडा (UPEIDA) की टीम का अहम दौरा

आज उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) की एक उच्च स्तरीय टीम नोएडा पहुंच रही है। इस टीम का मुख्य उद्देश्य यमुना पुश्ते के साथ प्रस्तावित नए एक्सप्रेसवे के निर्माण की संभावनाओं की जमीनी जांच करना है।

  • संयुक्त निरीक्षण: नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक (GM) ए.के. अरोड़ा इस टीम के साथ मौजूद रहेंगे।
  • तालमेल: इसके अलावा, इस परियोजना में यमुना प्राधिकरण (YEIDA) के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया जा सकता है, ताकि तीनों प्राधिकरणों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।

जाम की समस्या का स्थायी समाधान

वर्तमान नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का दबाव अपनी क्षमता से कहीं अधिक हो चुका है। जेवर एयरपोर्ट के आगामी संचालन को देखते हुए आने वाले समय में यहाँ वाहनों की संख्या में भारी इजाफा होने की उम्मीद है।

निरीक्षण के मुख्य बिंदु:

  1. जमीन की उपलब्धता: यमुना पुश्ते पर सड़क निर्माण के लिए कितनी और किस तरह की जमीन उपलब्ध है।
  2. तकनीकी व्यवहार्यता: क्या पुश्ते की मौजूदा संरचना भारी वाहनों और हाई-स्पीड ट्रैफिक का भार सहने में सक्षम है?
  3. कनेक्टिविटी: यह नया मार्ग नोएडा के किन सेक्टरों को सीधे यमुना सिटी और जेवर एयरपोर्ट से जोड़ेगा।

“इस नए मार्ग के बनने से न केवल मौजूदा एक्सप्रेसवे का ट्रैफिक आधा हो जाएगा, बल्कि नोएडा के किनारे बसे दर्जनों गांवों और नए बसने वाले सेक्टरों को भी सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।” टीम के इस दौरे के बाद एक विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी, जिसमें बजट और निर्माण की समयसीमा का खाका खींचा जाएगा। यदि यह योजना सफल रहती है, तो यह दिल्ली-एनसीआर के सबसे महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्गों में से एक साबित होगा।

यह भी पढ़ें: गोविंद देव जी मंदिर में भजन गाते हुए भावुक हुईं मैथिली ठाकुर, वीडियो वायरल

यहां से शेयर करें