Two major scams in Ghaziabad: ‘पेट-पूजा’ ऐप से करोड़ों की टैक्स चोरी और 20 लाख कैश के बदले नकली नोटों की ठगी

Two major scams in Ghaziabad: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में आयकर विभाग और पुलिस की अलग-अलग कार्रवाइयों से दो बड़े आर्थिक घोटालों का पर्दाफाश हुआ है। एक तरफ मशहूर मिठाई की दुकान पर ‘पेट-पूजा’ ऐप के जरिए करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी का मामला सामने आया, तो दूसरी ओर इंदिरापुरम में एक कारोबारी को 20 लाख रुपये के असली नोटों के बदले नकली नोटों से भरी अटैची थमा दी गई। इन घटनाओं से शहर के व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

‘पेट-पूजा’ ऐप से टैक्स चोरी का खेल
आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने हाल ही में चौपला (घंटाघर) स्थित लोकप्रिय मिठाई और लस्सी की दुकान ‘लोकनाथ स्वीट्स’ पर छापेमारी की। बाहर से छोटी दिखने वाली यह दुकान सालाना करोड़ों रुपये का कारोबार करती है, लेकिन कागजों पर बहुत कम टर्नओवर दिखाया जाता था। जांच में पता चला कि दुकानदार ‘पेट-पूजा’ नामक बिलिंग ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे। इस ऐप में ग्राहकों को बिल जारी किए जाते थे और पूरा भुगतान लिया जाता था, लेकिन तय समय (जैसे महीने के अंत में) के बाद एंट्रीज अपने आप डिलीट हो जाती थीं।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, ऐप इस तरह डिजाइन किया गया था कि डेटा सर्वर पर स्थायी रूप से सेव नहीं रहता, जिससे वास्तविक बिक्री का बड़ा हिस्सा आयकर रिटर्न में शामिल नहीं होता था। टीम ने दुकान, गोदाम और मालिक संजय के गुलमोहर एंक्लेव स्थित आवास पर एक साथ रेड की। कई डिजिटल सबूत, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जांच से करोड़ों रुपये की अघोषित आय का अनुमान लगाया जा रहा है। यह मामला फूड इंडस्ट्री में डिजिटल तरीके से टैक्स चोरी के बढ़ते ट्रेंड को उजागर करता है। आयकर विभाग का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा और अन्य दुकानों/फर्मों पर भी नजर रखी जा रही है।

20 लाख कैश के बदले नकली नोटों की ठगी
दूसरी घटना इंदिरापुरम में हुई, जहां एक कारोबारी आशीष चौहान (कासगंज-पटियाली निवासी) को बड़ी ठगी का शिकार बनाया गया। आशीष बड़े नोटों (500 रुपये) के बदले छोटे नोट सप्लाई करने का काम करते हैं और कमीशन लेते हैं। 15 सितंबर 2025 को त्रिपुरारी मिश्रा ने उन्हें कॉल कर बड़े नोटों के बदले छोटे नोट देने और 2% कमीशन देने की बात की। 18 सितंबर को त्रिपुरारी, होशियार सिंह और तीन अन्य साथियों ने आशीष को 20 लाख रुपये कैश दिए और बदले में एक अटैची थमा दी, जिसमें छोटे नोट होने का दावा किया। चाबी भूलने का बहाना बनाकर आरोपी चले गए। बाद में अटैची खोलने पर पता चला कि ऊपर कुछ असली 10-20 रुपये के नोट थे, लेकिन नीचे बच्चों के खेलने के नकली नोट भरे थे। कुल मिलाकर ठगी की रकम 20 लाख से ज्यादा बताई जा रही है।

आशीष ने विरोध करने पर धमकियां मिलीं, जिसमें पुलिस में शिकायत करने पर रुपये न लौटाने और जान से मारने की बात कही गई। पीड़ित ने इंदिरापुरम थाने में धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात) और अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया। पुलिस आरोपी त्रिपुरारी मिश्रा, होशियार सिंह और उनके साथियों की तलाश में जुट गई है। लोकेशन ट्रैकिंग और जांच जारी है। व्यापारियों में चिंता
ये दोनों घटनाएं गाजियाबाद के कारोबारियों में डर पैदा कर रही हैं। फूड और कैश हैंडलिंग से जुड़े व्यापारी अब डिजिटल रिकॉर्ड और लेन-देन पर ज्यादा सतर्क हो गए हैं। आयकर विभाग फूड इंडस्ट्री में काले धन के इस्तेमाल की जांच बढ़ा रहा है, जबकि पुलिस नकली नोट और ठगी के नेटवर्क को तोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और जल्द ही संपत्तियों की जब्ती और और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। शहर में आर्थिक अपराधों पर सख्ती बढ़ती दिख रही है।

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